मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन
शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें
साईं बाबा स्टेटस
सफल हो जाओ मेरे अगले पिछले सभी जनम
साईं तेरी भक्ति में ऐसे लीन हों, की जानवर से इंसान हो जाएँ
साईं तु रूप हज़ार, दे दो दर्शन बारम्बार
जीवन में अब हर पल अलग ही सुकून हैं
साईं तू हैं, तभी तो जीने का जुनून हैं
जो भी पुकारे तुझको बाबा, खुशियों से उसकी झोली भर देते हैं
सबसे प्यारा हैं साई तेरा ये मुखड़ा, दर्शन से मिटता हैं दिल का हर दुखड़ा
दर्शन नित पाएं ऐसे भाग्य हमें देते हैं, सेवा की अपनी बाबा सौभाग्य हमें देते हैं
कौन कहता है कि आप पास से मांगने वाला गरीब होते हैं
जो तेरे दर तक पहुंच जाते हैं, वे सबसे बड़े खुशनसीब होते हैं
शिरडी वाले साईं बाबा, तुम्हारा दर पर आना चाहते हैं सवाली
लब पे दुवाएँ भी हैं, ऑन्स में आँसू भी हैं, बुला लो बाबा इस साली को शिरडी
जो कोई सुनता साईं बाबा के वचन, जीवन को करते प्रभु परप्रिंटन
जो भी करता है अपने साईं से सच्चा प्यार, रहता है जीवन में सुख की बहार
जो कुछ मिला हैं तुझे तेरा करम हैं, तूने बहुत कमाया ये तेरा भरम हैं
ये तो विधाता की खींची लकीर हैं, पल में अमीर हैं, पल में फ़क़ीर हैं
तेरी किस्मत का लिखा तुझसे नहीं ले सकता
अगर उसकी रेहमत हो तो, तुझे वे भी मिल जाएंगे, जो तेरा हो नहीं सकता
वो मिल हो तुमें ही साईं गुरुवर, फिर आत्मा और शरीर का क्या डर हैं
तुम बिन जीवन जहर हैं साईं, तेरा नाम ही हैं बाबा मेरी कमाई हैं
बाबा साईं बोलो अल्लाह साईं बोलो, साईं बाबा बोलो साईं बाबा बोलो
साईं तुम हो मेरे दीन-बन्धु, माता-पिता चरणों में तेरे हरपल हो मेरा नमन
आप दे दो मुझे शक्ति अपार बाबा, आप दे दो मुझे भक्ति अपार बाबा
दीबेन ते लाखों बाबा, पर मैं भी तेरी दुनिया में हूं
कांटे मुझे मिले भले ही लाखों, पर मैं भी एक तिनका तेरी कुतिया में हूँ
छू जाना मुझे बहुत बार फिर, ख्वाब बनकर मेरे साईं राम
ये दुनिया ना जाने फिर फिर क्यों कहती हैं, के तुम मेरे करीब नहीं, मेरे साईं राम
मेरे साईं मुझ पर रहम करना, बच्चों का अपना आप भरण करना
हर जगह पर बसते हो बाबा तुम, निराकार और सर्वत्र बसते हो बाबा तुम
जिन आँखों में साईं बस जायेंगे उन आँखों में अकीन कहाँ से आयेंगे
साईं नहीं होने से अपने बच्चों को उदास आ जाते हैं झट से अपने बच्चों के पास
अगर मांगना हैं तो उस साईं से मांगो, जो जुबां पे आने से पहले दिल की दुआ जानती हैं
ना मुस्कुराने को जी चाहती हैं, ना आँसू बहाने को जी चाहती हैं
लिँखू तो क्या लिखू सांई तेरी याद में, बस तेरे पास आने को जी चाहती हैं
साईं जी से मिलने का सत्संग ही बहाना हैं, शिरडी वाले को बुलाने का सत्संग ही बहाना हैं
दुनियाँ वाले क्या जाने, की मेरी मेरे साई से ये रिश्ता कितना पुराना हैं
जो कल था उसे भूलकर तो देखो, जो आज हैं उसे जी कर रहे हैं तो देखो
आने वाले पल खुद ही सवर करेंगे, एक बार ओम साईं राम बोल कर तो देखो
किसी ने पूछा कि "उम्र" और "जिन्दगी" में क्या फर्क पड़ता है? बहुत सुंदर जवाब
जो बाबाजी के बिना बीती वो "उम्र" और जो बाबाजी के साथ बीती वो "जिन्दगी"
मेरे "साँई" का दरबार सबसे न्यारा हैं, इसमें "बाबा" का दर्शन कितना प्यारा हैं
सब कहते हैं के "बाबा" सिर्फ़ हमारी हैं, पर "बाबा" कहते हैं के मैंने अपना, सब कुछ तुम सब लोग मानते हैं
Opend सुनी मन रोता हैं, बाबा हमारा क्यों सोता हैं, खुल के opend देख ले बाबा तेरे बिना यहाँ क्या होता हैं
लौट के आजा साईं हमारे, अपनी आंखें खोलो, साईं बाबा बोलो, साईं बाबा बोलो
बाबा जी मेरा भी खाता खोल दो शिरडी दरबार में, बाबा जी आता रहता रहूँ मैं शिरडी की पवित्र अंगमी में
बाबा जी जो भी सेवा हो मेरी लगा देना, बस अपने चरणों का दास बना कर शिरीडी में रख लेना
दुःख हो या फिर खुशी हो, सांई जी को हमेशा याद रखें, सहारा हैं साईं जी हम सबका, बाबा से ही फरियाद किया करते हैं
चिन्ता चिता समान हैं, चिंता में ना अपना समय बरबाद करें, कैसे भी हालात सेसाई जी पर ही विश्वास करें
मेरे मालिक आज फिर जीवन की किताब खोली
तो देखा हर पन्ना तेरी रहमतों से भरा था
कलयुग अवतारी जगत पालनहारी
शिरड़ी में निज वास फकीर का वेश है
संतों और ऋषियों के आध्यात्मिक इतिहास की गहरी समझ के लिए संत एवं ऋषि ज्ञानकोश अवश्य पढ़ें।
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ
शिरडी के साईं बाबा को समर्पित यह भजन "साईं बाबा स्टेटस [ भक्तिलोक ] Sai Baba Status" सबका मालिक एक होने के सिद्धांत को प्रतिपादित करता है। साईं बाबा का जीवन काल सादगी, प्रेम, सहिष्णुता और मानवता का संदेश देता है। इस भजन की सरल पंक्तियां भक्त को सीधे बाबा के दिव्य आशीर्वाद और करुणा से जोड़ती हैं।
भजन का मुख्य भाव श्रद्धा और सबूरी (धैर्य) का है। साईं बाबा अपने भक्तों को वचन देते हैं कि जो भी उनके द्वार पर आएगा, वह कभी खाली हाथ नहीं जाएगा। बाबा की उदी (भस्म) और उनके वचनों का स्मरण ही इस भजन का सार है।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ
साईं बाबा के भजनों के संकीर्तन से भक्तों के मन में धर्म-जाति के भेद से ऊपर उठकर प्राणी मात्र के प्रति प्रेम की भावना जागृत होती है। बाबा की पूजा में सादगी और शुद्ध अंतःकरण का विशेष महत्त्व है।
संतों और ऋषियों के आध्यात्मिक इतिहास की गहरी समझ के लिए संत एवं ऋषि ज्ञानकोश अवश्य पढ़ें। साईं बाबा के भजन से पारिवारिक शांति प्राप्त होती है, मन के द्वेष और कलह दूर होते हैं और साधक में संतोष तथा धैर्य का विकास होता है।
🕒 साधना एवं गायन विधि
साईं बाबा की आराधना के लिए गुरुवार का दिन विशेष रूप से फलदायी है। साईं बाबा की मूर्ति या चित्र के सम्मुख दीप जलाकर, उदी का तिलक लगाएं और श्रद्धापूर्वक भजन गाएं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
शिरडी साईं बाबा की उपासना के दो मुख्य स्तंभ क्या हैं?
बाबा ने अपने भक्तों को 'श्रद्धा' (विश्वास) और 'सबूरी' (धैर्य) को जीवन का मूल आधार बनाने की शिक्षा दी थी।
साईं भजनों के संकीर्तन के लिए कौन सा दिन उत्तम है?
गुरुवार (गुरु दिवस) का दिन साईं बाबा के पूजन, व्रत और भजन संकीर्तन के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
साईं बाबा की 'उदी' का क्या महत्त्व है?
उदी बाबा की धूनी की पवित्र भस्म है। भक्तों का अटूट विश्वास है कि उदी धारण करने से शारीरिक बीमारियां और मानसिक कष्ट दूर होते हैं।
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