गृह प्रवेश वैदिक चरण नियोजक
१. प्रवेश पूर्व (१ दिन पूर्व)
पहली रसोई (दूध उबालना) व देहली पूजन के शास्त्रोक्त नियम
गृह प्रवेश के दिन प्रथम रसोई (चूल्हा) शुरू करने और द्वार पूजन की विशेष वैज्ञानिक व आध्यात्मिक मान्यताएं हैं:
नए घर की रसोई में सबसे पहले नए बर्तन में गाय का दूध उबाला जाता है। दूध को जानबूझकर बर्तन से थोड़ा बाहर उबलने (overflow) दिया जाता है। पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर दूध का बहना अत्यंत शुभ माना जाता है, जो घर में धन-धान्य और खुशियों के अतिप्रवाह को दर्शाता है।
देहली (चौखट) को साक्षात भगवान गणेश का द्वार रक्षक माना गया है। प्रवेश करते समय मुख्य स्वामी को दाहिना पैर (Right Foot) आगे बढ़ाना चाहिए और गृहस्वामिनी को बायां पैर आगे रखकर कलश धारण किए हुए घर में प्रवेश करना चाहिए।
गृह प्रवेश शंका समाधान (FAQs)
संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी
गृह वास्तु शास्त्र संकलन
भक्तिलोक वास्तु विज्ञान विंग (Bhaktilok Vastu Desk)
विभिन्न वास्तु संहिताओं, मयमतम् और विश्वकर्मा प्रकाश ग्रंथों के अनुसार गृह प्रवेश विधियों का संकलन करने वाली विंग।
कर्मकांड व वास्तु शास्त्र समीक्षा
आचार्य विद्याधर शास्त्री (Acharya Vidyadhar Shastri)
कुलपति, विश्वनाथ संस्कृत गुरुकुल काशी। ३५+ वर्षों का नूतन गृह शांति यज्ञ व वास्तु शांति अनुष्ठान संचालन अनुभव।
पूजा सूत्र सत्यापित