१. संपादकीय उद्देश्य एवं दृष्टिकोण (Our Editorial Mission)
भक्तिलोक एक हिंदी डिजिटल ज्ञान मंच है, जिसका मुख्य उद्देश्य सनातन परंपराओं, वैदिक ज्ञान, पौराणिक इतिहास, स्तोत्र, मंत्र, आरती, चालीसा, व्रत-त्योहारों और प्रमुख तीर्थ स्थलों से जुड़ी जानकारियों को सरल, सुगम और शोध-आधारित भाषा में भक्तों एवं पाठकों तक पहुँचाना है।
हमारा संकल्प: हम धार्मिक भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए उपलब्ध शास्त्रीय ग्रंथों (जैसे वेद, उपनिषद, पुराण, रामायण, महाभारत, श्रीमद्भगवद्गीता आदि) और प्रामाणिक परंपराओं के संदर्भ में ही सामग्री तैयार व प्रकाशित करते हैं।
२. संदर्भ एवं स्रोत नीति (Sourcing & Reference Standards)
भक्तिलोक पर प्रकाशित होने वाला प्रत्येक लेख, मंत्र व्याख्या, आरती का अर्थ और पूजा विधि का संकलन निम्नलिखित स्रोतों के आधार पर किया जाता है:
- प्रामाणिक शास्त्रीय ग्रंथ: चार वेद, प्रमुख उपनिषद, १८ महापुराण, वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस, श्रीमद्भगवद्गीता और प्रतिष्ठित आचार्यों द्वारा रचित भाष्य।
- पारंपरिक एवं लोक-साधना परंपराएँ: विभिन्न संप्रदायों और आश्रमों में पीढ़ियों से चली आ रही नित्य पूजा एवं आरती परंपराएँ।
- पंच-अंग एवं मुहूर्त गणना: पारंपरिक खगोलीय पंचांग गणना विधियों के आधार पर व्रत, तिथि और त्योहारों का निर्धारण।
हम किसी भी अप्रमाणित अफवाह, अंधविश्वास या मनगढ़ंत दावों को अपने मंच पर स्थान नहीं देते।
४. त्रुटि-सुधार नीति (Corrections Policy)
भक्तिलोक अपनी सामग्री में पूर्ण पारदर्शिता और निरंतर सुधार के प्रति समर्पित है। यदि किसी पाठक या विद्वान को किसी आरती के बोल, मंत्र के उच्चारण, अर्थ या ऐतिहासिक विवरण में कोई त्रुटि या भिन्न पाठ दृष्टिगोचर होता है, तो वह तुरंत हमारी संपादकीय टीम को सूचित कर सकता है।
त्रुटि की सूचना प्राप्त होने पर हमारी शोध टीम संबंधित ग्रंथों से मिलान करती है और पुष्टि होने पर पृष्ठ पर संशोधन कर दिया जाता है।