॥ जय गणेश जय गणेश देवा आरती (Jai Ganesh Jai Ganesh Deva Aarti) – Lyrics in Hindi ॥
★ नित्य पाठ व संकीर्तन ★🙏 जय गणेश जय गणेश देवा
(Jai Ganesh Jai Ganesh Deva) – प्रसिद्ध गणेश आरती 2026
📝 आरती विवरण
📜 आरती लिरिक्स (हिन्दी में)
जय गणेश जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।
जय गणेश जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी,
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी।
एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी,
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥
अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।
अंधन को आँख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
पान चढ़े फूल चढ़े, और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा।
पान चढ़े फूल चढ़े, और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा॥
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतवारी,
कामना को पूरा करो, जय बलिहारी।
दीनन की लाज रखो, शंभु सुतवारी,
कामना को पूरा करो, जय बलिहारी॥
जय गणेश जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।
जय गणेश जय गणेश देवा,
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
✍️ परंपरागत आरती (सनातन धर्म)
🙏 आरती का अर्थ और संदेश
यह प्रसिद्ध गणेश आरती भगवान गणेश की महिमा का गुणगान करती है। "जय गणेश जय गणेश देवा" – भक्त गणेश जी की जय-जयकार करता है। भगवान गणेश को एक दंत, चार भुजाओं वाला, मूषक वाहन पर विराजमान बताया गया है। वे दयालु हैं, अंधों को आँखें, कोढ़ियों को स्वस्थ शरीर, बांझों को पुत्र और निर्धनों को धन प्रदान करते हैं।
आरती में पान, फूल, मेवा चढ़ाने और लड्डुओं के भोग का वर्णन है। संत और भक्त उनकी सेवा करते हैं। अंत में भक्त प्रार्थना करता है कि हे शंकर के पुत्र, दीन-दुखियों की लाज रखो और हमारी कामनाएँ पूर्ण करो।
यह आरती सभी मंगल कार्यों के आरंभ में गाई जाती है और भक्तों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।
🔍 आरती का विशेष महत्त्व
प्रथम पूज्य: भगवान गणेश को सभी देवों में प्रथम पूज्य माना जाता है। इस आरती के माध्यम से भक्त उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
मंगलदायक: यह आरती हर शुभ अवसर पर गाई जाती है, क्योंकि गणेश जी विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता हैं।
भक्ति भाव: आरती में वर्णित प्रत्येक पंक्ति भक्त के हृदय से निकली पुकार है, जो गणेश जी से दया और कृपा की याचना करती है।
💖 भक्ति रस का संगम
🎯 संदेश
भगवान गणेश सभी की मनोकामनाएँ पूर्ण करते हैं। सच्चे मन से की गई आरती और प्रार्थना से वे प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सभी कष्ट दूर करते हैं।
✨ आस्था का प्रतीक
यह आरती उन सभी भक्तों के लिए प्रेरणा है जो गणेश जी की कृपा से अपने जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता चाहते हैं।
🙏 ॐ गं गणपतये नमः ।। श्री गणेशाय नमः ।।