एकादशी व्रत तालिका २०२६
नीचे वर्ष २०२६ की सभी आगामी एकादशी तिथियां व उनके महत्व की विस्तृत सूची दी गई है। पारण मुहूर्त का विशेष ध्यान रखें:
श्रावण पुत्रदा एकादशी
पुत्रदा एकादशी व्रत का अत्यंत धार्मिक महत्व है।
एकादशी व्रत के ७ अनिवार्य शास्त्रोक्त नियम
व्रत का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए दशमी, एकादशी और द्वादशी के नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए:
एकादशी के दिन चावल, गेहूं, दालें और अन्य अनाज खाना पूरी तरह से वर्जित है। माना जाता है कि इस दिन अन्न में पाप पुरुषों का वास होता है। फलाहार में कुट्टू का आटा, साबूदाना या फल लिए जा सकते हैं।
द्वादशी तिथि के सूर्योदय के बाद और हरि वासर समाप्त होने पर ही पारण (व्रत खोलना) किया जाना चाहिए। पारण समय पर तुलसी दल व जल लेकर श्री हरि विष्णु का स्मरण कर व्रत पूर्ण करें।
एकादशी व्रत शंका समाधान (FAQs)
संपादकीय विश्वसनीयता एवं समीक्षा जानकारी
तिथि गणना व संपादन
भक्तिलोक पंचांग परिषद (Bhaktilok Panchang Wing)
शुद्ध वैदिक गणित और सूर्य सिद्धांत के आधार पर पारण समय और तिथियों का मिलान करने वाली परिषद।
धर्मशास्त्र समीक्षा व सत्यापन
पं. मदन मोहन शास्त्री (Pt. Madan Mohan Shastri)
वैदिक कर्मकांड विभागाध्यक्ष, संस्कृत विद्यापीठ प्रयागराज। ३२+ वर्षों का हरिभक्ति विलास ग्रंथ अध्यापन व व्रत पंचांग समीक्षा अनुभव।
पंचांग तिथियां सत्यापित