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Radha Kriya Kataksh Stotram

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला भजन इन हिंदी लिरिक्स

176 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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भए प्रगट कृपाला दीनदयाला भजन इन हिंदी लिरिक्स


भए प्रगट कृपाला | दीनदयाला |

कौसल्या हितकारी।

हरषित महतारी | मुनि मन हारी |

अद्भुत रूप बिचारी॥


लोचन अभिरामा | तनु घनस्यामा |

निज आयुध भुजचारी।

भूषन बनमाला | नयन बिसाला |

सोभासिंधु खरारी॥


कह दुइ कर जोरी | अस्तुति तोरी |

केहि बिधि करूं अनंता।

माया गुन ग्यानातीत अमाना |

वेद पुरान भनंता॥


Ramayan Chaupaiyan

Ram Vandana


करुना सुख सागर | सब गुन आगर |

जेहि गावहिं श्रुति संता।

सो मम हित लागी | जन अनुरागी |

भयउ प्रगट श्रीकंता॥


ब्रह्मांड निकाया | निर्मित माया |

रोम रोम प्रति बेद कहै।

मम उर सो बासी | यह उपहासी |

सुनत धीर मति थिर न रहै॥


उपजा जब ग्याना | प्रभु मुसुकाना |

चरित बहुत बिधि कीन्ह चहै।

कहि कथा सुहाई | मातु बुझाई |

जेहि प्रकार सुत प्रेम लहै॥


माता पुनि बोली | सो मति डोली |

तजहु तात यह रूपा।

कीजै सिसुलीला | अति प्रियसीला |

यह सुख परम अनूपा॥


सुनि बचन सुजाना | रोदन ठाना |

होइ बालक सुरभूपा।

यह चरित जे गावहिं | हरिपद पावहिं |

ते न परहिं भवकूपा॥


भए प्रगट कृपाला | दीनदयाला |

कौसल्या हितकारी।

हरषित महतारी | मुनि मन हारी |

अद्भुत रूप बिचारी॥


श्री राम | जय राम | जय जय राम

श्री राम | जय राम | जय जय राम



Ram Navami Special




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समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 15 Aug 2026

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