मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन
शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें।
Most Powerfull Shiv Stuti || शिव स्तुति || Gaurangi Gauri Ji || Ashutosh Shashank Shekhar - BhaktiLok
Most Powerfull Shiv Stuti || शिव स्तुति || Gaurangi Gauri Ji || Ashutosh Shashank Shekhar
Most Powerfull Shiv Stuti || शिव स्तुति || Gaurangi Gauri Ji || Ashutosh Shashank Shekhar LIKE || SHARE || COMMENT Click to Subscribe - https://bit.ly/2USnnQf #ShriRamchandraKripaluBhajman #ShivStuti #Pujya_Devi_Pandit_Gaurangi_Gauri_Ji #Hindi_Bhakti_Bhajan #ShivBhajan #ShivBhakti #BhaktiDarshanHD Shiv Bhajan : Shiv Stuti Singer : Pujya Devi Pandit Gaurangi Gauri Ji Music : Sanjeev Bainsla Lyrics : Traditional Mixing & Mastring : Sanjeev Bainsla Editor : Sunny Chandel Camera :- Chandan Mehta Label : - Fatafat Digital Trade Enquiries :- +918178657484 :- +919810226158 FD2112105421/Tr810 ******************************************************* ♫ Also Available on other Audio Platforms ♫ GAANA.COM :- BOOMPLAY :- JIOSAAVN :- HUNGAMA :- RESSO :- WYNK MUSIC :- SPOTIFY :- SOUND CLOUD :- AMAZON MUSIC :- *********************************************** MORE SUPERHITS BHAJANS ON BHAKTI DARSHAN HD भोला भंडारी - https://bit.ly/3BETx4x Mast Malang Bhole - https://bit.ly/36YEep9 मैया जी मेरे घर आओ - https://bit.ly/3zCo6pW भगवाधारी चले न श्रीराम के बिना - https://bit.ly/3zwblwM भोलेनाथ की बरात चली रे - https://bit.ly/2USkdy9 माँ गौरी के लाल तुम्हारी जय होवे - https://bit.ly/3iMgg6i ******************************************** A division of Fatafat Digital Pvt. Ltd ******************************************** शिव स्तुति LYRICS :------------- आशुतोष शशाँक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा, कोटि कोटि प्रणाम शम्भू, कोटि नमन दिगम्बरा ॥ निर्विकार ओमकार अविनाशी, तुम्ही देवाधि देव , जगत सर्जक प्रलय करता, शिवम सत्यम सुंदरा ॥ निरंकार स्वरूप कालेश्वर, महा योगीश्वरा , दयानिधि दानिश्वर जय, जटाधार अभयंकरा ॥ शूल पानी त्रिशूल धारी, औगड़ी बाघम्बरी , जय महेश त्रिलोचनाय, विश्वनाथ विशम्भरा ॥ नाथ नागेश्वर हरो हर, पाप साप अभिशाप तम, महादेव महान भोले, सदा शिव शिव संकरा ॥ जगत पति अनुरकती भक्ति, सदैव तेरे चरण हो, क्षमा हो अपराध सब, जय जयति जगदीश्वरा ॥ जनम जीवन जगत का, संताप ताप मिटे सभी, ओम नमः शिवाय मन, जपता रहे पञ्चाक्षरा ॥ आशुतोष शशाँक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा, कोटि कोटि प्रणाम शम्भू, कोटि नमन दिगम्बरा ॥ कोटि नमन दिगम्बरा.. कोटि नमन दिगम्बरा.. कोटि नमन दिगम्बरा..
🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ
देवादिदेव महादेव को समर्पित यह भजन "Most Powerfull Shiv Stuti || शिव स्तुति || Gaurangi Gauri Ji || Ashutosh Shashank Shekhar - BhaktiLok" भगवान शिव के कल्याणकारी और वैराग्यपूर्ण रूप का सजीव चित्रण करता है। शिव का अर्थ ही कल्याण है। इस भजन के शब्दों के माध्यम से साधक शिव की अनंत चेतना, भस्म आरती, डमरू की ध्वनि और ध्यानमग्न मुद्रा का ध्यान करता है।
शिव भक्ति का मूल सिद्धांत यही है कि जगत की प्रत्येक नश्वर वस्तु का अंत शिव में ही होना है। यह भजन भक्त को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर आत्मा के वास्तविक स्वरूप को पहचानने की प्रेरणा देता है। शिव का नाम पंचमहाभूतों को नियंत्रित करने वाली परम शक्ति का प्रतीक है।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ
शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव अत्यंत भोले हैं और साधारण जल तथा बेलपत्र अर्पण करने मात्र से भी प्रसन्न हो जाते हैं। इस शिव भजन का संकीर्तन करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है और कुंडली के ग्रहों के दोष शांत होते हैं।
भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। नियमित शिव भजन और पंचाक्षरी मंत्र (ॐ नमः शिवाय) के जप से तनाव का नाश होता है, अवसाद दूर होता है और अंतर्मन में अपूर्व शांति का उदय होता है। यह आरोग्य और दीर्घायु प्रदान करने में भी सहायक है।
🕒 साधना एवं गायन विधि
शिव संकीर्तन के लिए प्रदोष काल (संध्या समय) अथवा सोमवार का दिन सर्वोत्तम माना जाता है। उत्तर दिशा की ओर मुख करके कुशासन पर बैठकर शिवजी का ध्यान करते हुए भजन गाएं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न करने की सरल विधि क्या है?
शुद्ध जल, बेलपत्र, धतूरा अर्पित करते हुए श्रद्धापूर्वक शिव मंत्र अथवा भजनों का संकीर्तन करने से महादेव शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
शिव भजनों के लिए कौन सा दिन विशेष है?
सोमवार, प्रदोष व्रत की तिथि और महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की उपासना और भजन संकीर्तन के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
क्या शिव जी की उपासना से कुंडली के दोष दूर होते हैं?
हाँ, भगवान शिव (महाकाल) की आराधना से कालसर्प दोष, राहु-केतु दोष और शनि जनित कष्टों का निवारण होता है।
पाठकों के विचार (0)
भक्ति रस चर्चा में भाग लें