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Punjabi Devi Bhajan

झुलेली मोरी मईया अंगनवा | Jhuleli Mori Maiya Anganwa | Video | Nitish Lal Yadav | Devigeet Bhakti Song | Bhojpuri Bhajan - BhaktiLok

44 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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माता रानी का प्रेम: झुलेली मोरी मईया

इस भजन के द्वारा माता रानी से अपने जीवन में प्रेम और कृपा प्राप्त करें।

झुलेली मोरी मईया अंगनवा | झुलेली मोरी मईया अंगनवा || झुला झुला के तौरे खेलाइब | बरसा बरस के तौरे लोरी सुनाइब || झुलेली मोरी मईया अंगनवा || हे माता सुनता न में बिनती | तौरे दरसन की पाई निती || झुलेली मोरी मईया अंगनवा || धोखा दुनिया में ए बलिदान | आहें आंतक में जब तईया भईन || झुलेली मोरी मईया अंगनवा || सुन के कथा तौरे करूंगा | जग में दूर तईयारी सवूंगा || झुलेली मोरी मईया अंगनवा || माता रानी तौरे जयकारा | जीवन के करे तौरे सहारा || झुलेली मोरी मईया अंगनवा ||

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भजन 'झुलेली मोरी मईया अंगनवा' में भक्त अपने आराध्य देवी माँ का गुणगान और प्रेम व्यक्त करता है। इस भजन में 'झुलेली' शब्द का प्रयोग माँ की लीलाओं और उनके झूले के प्रतीक के रूप में किया गया है। भक्त यह चाहता है कि माँ उनकी ज़िंदगी में घुल जाएँ, और हर कठिनाई से उन्हें बचाएँ। कहते हैं, 'झुला झुला के तौरे खेलाइब', यहाँ माँ की ममता और स्नेह का अनुभव किया जा रहा है। भक्त यह आशा करता है कि माँ की लोरियाँ उसे शांति और सुख देंगी। भजन माता की कृपा पर भरोसा रखने का उत्साह दिखाता है।

इस भजन में भक्त की भक्ति का भाव स्पष्ट है। उन्हें विश्वास है कि माता रानी का साथ उन्हें हर मुसीबत से पार करा देगा। 'धोखा दुनिया में ए बलिदान' जैसे शब्दं बताते हैं कि भक्त जीवन के संघर्षों और धोखे का सामना कर कर रहे हैं। लेकिन भक्ति के माध्यम से वह इस कठिनाई का सामना करने का सामर्थ्य रखते हैं। 'आहें आंतक में जब तईया भईन' से संकेत मिलता है कि जब भी कठिनाई आती है, माँ का नाम लेने से भक्त को शक्ति मिलती है। यह भाव पहले से ही एक सच्ची भक्त की पहचान है।

इस भजन का संवेदनशीलता वाला पहलू भक्ती मार्ग की महत्वपूर्णता को उजागर करता है। बहुतेरे शास्त्रों में यह वर्णित है कि देवी मां हर भक्त के संघर्ष को देखती हैं और उनकी भक्ति का मूल्यांकन करती हैं। 'माता रानी तौरे जयकारा' पद यह दर्शाता है कि माता रानी की जयकारा देने से भक्त को मानसिक और आध्यात्मिक संबल मिलता है। भक्ति मार्ग ही सच्चा मार्ग है जो भक्त को न केवल आत्मिक शांति देता है बल्कि उसे जीवन के वास्तविक मूल्य भी समझाता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

महाभारत और पुराणों में देवी माँ को भक्तों की रक्षा और कल्याण सिद्ध करने वाला माना गया है। 'झुलेली मोरी मईया' भजन मातृ शक्ति का प्रतीक है, जो संसार के अंधकार में रहने वाले अपने भक्तों को सबल बनाती है। इसे गाते समय भक्त माँ की करुणा और शक्ति का अनुभव करता है। माँ की कृपा से भक्त का जीवन पूर्णता की ओर बढ़ता है। यह भजन माता रानी के प्रति सच्ची श्रद्धा और भक्ति को दर्शाता है, जो सभी समस्याओं से सुलझने की कला सिखाने का कार्य करता है।

मां जगदम्बा के ५१ पवित्र धामों की यात्रा और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझने के लिए ५१ शक्तिपीठ दर्शन निर्देशिका अवश्य देखें। इस भजन का लगातार ध्यान करने से मानसिक शांति, विकास और आध्यात्मिक शक्ति में वृद्धि होती है। भक्त को संकर्ताओं से मुक्ति मिलती है और चित्त की स्थिरता होती है। देवी माँ की आराधना से न केवल भौतिक समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि आत्मिक हरापन भी महसूस होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन को सुबह उठकर सुनने से दिनभर की सकारात्मकता मिलती है। सच्चे मन से अपने पंखे के सामने एक दीप जलाकर इस भजन का पाठ करें। ध्यान रखे कि आपकी मानसिक स्थिति पूर्णतया समर्पित हो ताकि माँ से मिलने वाली कृपा आपको सही तरीके से मिल सके।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

झुलेली मोरी मईया का अर्थ क्या है?

झुलेली मोरी मईया का अर्थ है, झूले में झूलती मेरी माता। यह भगवान के रूप में देवी माँ की ममता और लीलाओं का प्रतीक है।

इस भजन का महत्व क्या है?

यह भजन देवी माँ के प्रति भक्तों की गहरी श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है, जो संकट के समय आशा का संचार करता है।

भजन का विधिपूर्वक जप कैसे करें?

भजन का जप सुबह या सुबह-सुबह किया जाना चाहिए, और एक दीप जलाकर, सच्चे मन से देवी माँ का ध्यान करते हुए गुनगुनाना चाहिए।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Aug 2026

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