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अष्टमी स्पेशल भजन | घर मेरे आएगी शेरोवाली | Ghar Mere Aayegi Sherowali | Navratri DJ Jhanki 2022 - Bhaktilok

50 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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शक्ति का स्वरूप: शेरोवाली का आह्वान

शेरोवाली का यह भजन नवरात्रि में आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है, इसे गाकर माँ की कृपा प्राप्त करें।

घर मेरे आएगी शेरोवाली | घर मेरे आएगी शेरोवाली श्यामला रंग की शेरोवाली | देवी माँ आएगी शेरोवाली घर मेरे आएगी शेरोवाली | घर मेरे आएगी शेरोवाली नवरात्री की ये महिमा है | शक्ति की माता की ये सृष्टि है प्रियाम्भिका, दुर्गा देवी की आशीर्वाद से आएगी शेरोवाली जय माँ दुर्गा, जय माँ दुर्गा जय माँ दुर्गा, जय माँ दुर्गा माँ का जयकारा, करते हैं हम माँ का नाम लेंगे सच्चे मन से जिनकी कृपा से हम सब सुखी रहें वो आएगी मेरे घर शेरोवाली घर मेरे आएगी शेरोवाली | घर मेरे आएगी शेरोवाली श्यामला रंग की शेरोवाली | देवी माँ आएगी शेरोवाली नवरात्री की ये महिमा है | शक्ति की माता का यह संदेश है जन-जन में बहेगा, माता का भक्ति का गान माँ की कृपा से संवरेंगे सारे अरमान जय माँ दुर्गा, जय माँ दुर्गा जय माँ दुर्गा, जय माँ दुर्गा ध्यान में रखें माँ का स्वरूप उनकी आराधना से मिलेगी हमें शांति तन, मन, धन होगा हमारा पवित्र माँ की महिमा है बहुत विशाल घर मेरे आएगी शेरोवाली | घर मेरे आएगी शेरोवाली

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य विषय शक्ति, भक्ति और माँ दुर्गा के प्रति श्रद्धा को समर्पित है। 'घर मेरे आएगी शेरोवाली' पंक्ति में माँ दुर्गा की कृपा के आने की आशा व्यक्त की गई है। जब माता का स्वागत होता है, तो जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है। 'श्यामला रंग की शेरोवाली' पंक्ति को अगर हम ध्यान में रखें, तो यह दर्शाती है कि माता का स्वरूप सभी रंगों और रूपों में समाहित है। भजन में नवरात्री की महिमा का वर्णन करता है, जहाँ शक्ति की आराधना की जाती है। यह भक्तों को याद दिलाता है कि माँ दुर्गा की कृपा से हमारी सभी इच्छाएं पूर्ण हो सकती हैं।

इस भजन में इबादत और भक्ति का गहरा भाव है। 'माँ का जयकारा' पंक्ति यह दर्शाती है कि माँ का नाम जपना एक साधना है। यह एक प्रकार से भक्ति मार्ग का अनुसरण है जिसमें भक्त अपने मन में माँ को धारण करके उन्हें खुशी और संतोष का अनुभव करता है। माँ की कृपा का महत्व इस भजन में अंकित है, जिससे भक्तों का जीवन सुखमय हो जाता है। हर कोई चाहता है कि घर में माँ का वास हो, जिससे उनके जीवन में शांति और समृद्धि बनी रहे।

भक्ति मार्ग का यह पथ, माँ दुर्गा की आराधना का है, जिसमें भक्त अपनी हर समस्या को माँ के समक्ष रखते हैं। भजन में माँ दुर्गा के अनेक नामों का स्मरण है। जो विश्वास रखता है कि माँ सबका ध्यान रखती हैं, वह सुखी रहता है। भक्ति का यह मार्ग हमें जीवन के कठिनाइयों से पार हटाने में मदद करता है। माँ दुर्गा की कृपा से मनुष्य को शक्ति, साहस और आनन्द की प्राप्ति होती है। भक्ति में संपूर्ण समर्पण और विश्वास जरूरी है, जिससे व्यक्ति को आध्यात्मिक प्रगति प्राप्त होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का धार्मिक और पौराणिक महत्व नवरात्रि के त्योहार से जुड़ा है, जहाँ माँ दुर्गा की उपासना की जाती है। हिंदू धार्मिक ग्रंथों में माँ दुर्गा को शक्ति, साहस और सामर्थ्य की देवी माना गया है। देवी दुर्गा का आह्वान जीवन में सुख-समृद्धि लाने में सहायक होता है। यह भजन भक्तों को एकता और शक्ति के भाव से जोड़ता है। विभिन्न पुराणों में माँ दुर्गा की कथाएं और महिमा वर्णित है, जैसे देवी भागवतम, मार्कंडेय पुराण आदि में माँ दुर्गा का वर्णन मिलता है, जो भक्तों को प्रेरित करती हैं।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का जाप मानसिक शांति, ध्यान की स्थिरता और आत्मिक प्रसन्नता लाने में मदद करता है। इसके नियमित पाठ से जीवन में संतुलन, सकारात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ता है। माँ की अनुकंपा से व्यक्ति बुरे विचारों से मुक्त होता है और उसका मन शांति में लिपटा रहता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सामुदायिक या व्यक्तिगत रूप से सुबह के समय करना शुभ होता है। भक्तों को चाहिए कि वे माँ दुर्गा की प्रतिमा के समक्ष दीपक जलाएं, फल, पुष्प, दूर्वा आदि का भोग अर्पित करें। ध्यान ध्यान करते समय एकदम शांत मन से बैठना चाहिए, जिससे भक्ति का अनुभव गहरा हो। मानसिक शांति के साथ विधिपूर्वक भगवान का स्मरण करते हुए भजन का गायन करना चाहिए।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

यह भजन किस देवी को समर्पित है?

यह भजन देवी माँ दुर्गा, जिन्हें शेरोवाली के नाम से भी जाना जाता है, को समर्पित है।

इस भजन का मुख्य त्योहार कब मनाया जाता है?

यह भजन मुख्य रूप से नवरात्रि के पर्व के दौरान गाया जाता है, जब माँ दुर्गा की आराधना की जाती है।

इस भजन का क्या महत्व है?

इस भजन का महत्व शक्ति, भक्ति और समर्पण को बढ़ावा देना है, जिससे भक्तों को परमात्मा की कृपा प्राप्त होती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 27 Aug 2026

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