( शिरडी वाले साईं बाबा आया है लिरिक्स हिंदी ) -
बड़े नसीब से होते हैं तेरे दरबार के दर्शन
बाबा नसीब से होते हैं तेरे दरबार के दर्शन
यहाँ ना कहाँ बार बार होता है
शिरडी वाले साईं बाबा
आया है तेरे दर पे सवाली
ओ शिरडी वाले साईं बाबा
आया है तेरे दर पे सवाली
लब के दुआएँ आँखों में आँसू
दिल में उम्मींदें पर झोली खाली
शिरडी वाले साईं बाबा
आया है तेरे दर पे सवाली
ओ मेरे साईँ देवा तेरे सब नाम लेवा
ओ मेरे साईँ देवा तेरे सब नाम लेवा
जुदा इन्सान सारे सभी तुझको हैं प्यारे
सूने फ़रियाद सबकी तुझे है याद सबकी
बड़ा या कोई छोटा नहीं मायूस लौटा
अमीरों का सहारा ग़रीबों का गुज़ारा
तेरी रहमत का क़िस्सा बयाँ अकबर करे क्या
दो दिन की दुनिया दुनिया है गुलशन
सब फूल बाँटे तू सबका माली
शिरडी वाले साईं बाबा
आया है तेरे दर पे सवाली
चले आते हैं दौड़े जो ख़ुश क़िस्मत है थोड़े
ये हर राही की मंज़िल ये हर कश्ती का साहिल
जिसे सबने निकाला उसे तूने संभाला
जिसे सबने निकाला उसे तूने संभाला
तू बिछड़ों को मिला दे बुझे दीपक जला दे
तू बिछड़ों को मिला दे बुझे दीपक जला दे
ये ग़म की रातें रातें ये काली
इनको बना दे ईद और दीवाली
शिरडी वाले साईं बाबा
आया है तेरे दर पे सवाली
लब के दुआएँ आँखों में आँसू
दिल में उम्मींदें पर झोली खाली
शिरडी वाले साईं बाबा
आया है तेरे दर पे सवाली
🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
शिरडी के साईं बाबा को समर्पित यह भजन "शिरडी वाले साईं बाबा आया है लिरिक्स (Shirdi Wale Sai Baba Lyrics in Hindi) - Sai Baba bhajan Ankit Batra - Bhaktilok" सबका मालिक एक होने के सिद्धांत को प्रतिपादित करता है। साईं बाबा का जीवन काल सादगी, प्रेम, सहिष्णुता और मानवता का संदेश देता है। इस भजन की सरल पंक्तियां भक्त को सीधे बाबा के दिव्य आशीर्वाद और करुणा से जोड़ती हैं।
भजन का मुख्य भाव श्रद्धा और सबूरी (धैर्य) का है। साईं बाबा अपने भक्तों को वचन देते हैं कि जो भी उनके द्वार पर आएगा, वह कभी खाली हाथ नहीं जाएगा। बाबा की उदी (भस्म) और उनके वचनों का स्मरण ही इस भजन का सार है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
साईं बाबा के भजनों के संकीर्तन से भक्तों के मन में धर्म-जाति के भेद से ऊपर उठकर प्राणी मात्र के प्रति प्रेम की भावना जागृत होती है। बाबा की पूजा में सादगी और शुद्ध अंतःकरण का विशेष महत्त्व है।
संतों और ऋषियों के आध्यात्मिक इतिहास की गहरी समझ के लिए संत एवं ऋषि ज्ञानकोश अवश्य पढ़ें। साईं बाबा के भजन से पारिवारिक शांति प्राप्त होती है, मन के द्वेष और कलह दूर होते हैं और साधक में संतोष तथा धैर्य का विकास होता है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
साईं बाबा की आराधना के लिए गुरुवार का दिन विशेष रूप से फलदायी है। साईं बाबा की मूर्ति या चित्र के सम्मुख दीप जलाकर, उदी का तिलक लगाएं और श्रद्धापूर्वक भजन गाएं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
शिरडी साईं बाबा की उपासना के दो मुख्य स्तंभ क्या हैं?
बाबा ने अपने भक्तों को 'श्रद्धा' (विश्वास) और 'सबूरी' (धैर्य) को जीवन का मूल आधार बनाने की शिक्षा दी थी।
साईं भजनों के संकीर्तन के लिए कौन सा दिन उत्तम है?
गुरुवार (गुरु दिवस) का दिन साईं बाबा के पूजन, व्रत और भजन संकीर्तन के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
साईं बाबा की 'उदी' का क्या महत्त्व है?
उदी बाबा की धूनी की पवित्र भस्म है। भक्तों का अटूट विश्वास है कि उदी धारण करने से शारीरिक बीमारियां और मानसिक कष्ट दूर होते हैं।
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