आज का पंचांग (Columbus) | सूर्योदय: ०४:३१ PM | सूर्यास्त: ०५:३० AM
Shri Shani Dev Arati

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सिने में भजन लिरिक्स ( Shree ram janki baithe hai mere sinee me Lyrics in Hindi ) - Shri Ram Bhajan - Bhaktilok

64 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

श्री राम जानकी: भक्ति का अमृत स्वरूप

श्री राम जानकी की महिमा का बखान करते हुए यह भजन हमें भक्ति के रस की अनुभूति कराता है।

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने मेंदेख लो मेरे मन के नागिनें में।मुझ को कीर्ति न वैभव न यश चाहिएराम के नाम का मुझ को रस चाहिए।सुख मिले ऐसे अमृत को पीने मेंश्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में॥श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में ॥अनमोल कोई भी चीज मेरे काम की नहींदिखती अगर उसमे छवि सिया राम की नहींराम अवध मैं पधारे लिरिक्स भजन (Ram Avadh Mai Padhare Lyrics in Hindi) - Happy Singh Ram Bhajan - Bhaktilokराम नाम आधार है जग का क्यों इसको बिसराये (Ram Naam Aadha Hai ) - Shri Ram Bhajan Mukesh Kumar - Bhaktilokराम रसिया हूँ मैं राम सुमिरन करूसिया राम का सदा ही मै चिंतन करू।सच्चा आंनंद है ऐसे जीने में श्री रामश्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में॥श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में ॥फाड़ सीना हैं सब को यह दिखला दियाभक्ति में हैं मस्ती बेधड़क दिखला दिया।कोई मस्ती ना सागर मीने मेंश्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में॥श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में॥

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में भक्त का हृदय राम और जानकी की भक्ति से सराबोर है। पहले पद में, 'श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में' ये पंक्तियाँ भक्त की अंतरात्मा के सत्य को प्रकट करती हैं। ये न केवल एक साधारण घोषणा है, बल्कि एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति का संकेत भी है। भक्त स्पष्ट करता है कि उसे संसारिक कीर्ति, वैभव और यश की कोई आवश्यकता नहीं है, बल्कि उसे तो बस राम के नाम का रस चाहिए। यहाँ रस का अर्थ है प्रेम और भक्ति की गहराई जो राम के नाम में विद्यमान है। यह भक्त का यह भाव स्पष्ट करता है कि राम के नाम को सुमिरन करना ही सच्ची भक्ति है।

इस भजन में भावार्थ की गहराई प्रेम, भक्ति, और आध्यात्मिकता के संयोग से उत्पन्न होती है। जब भक्त कहता है, 'सुख मिले ऐसे अमृत को पीने में', तब उसके हृदय में राम के प्रति जो गहन प्रेम है, वह स्पष्ट होता है। यह पंक्ति हमें दिखाती है कि भक्ति का अमृत पाना केवल सतर्कता और ध्यान से संभव है। भक्त के मन में राम और सीता की छवि ही उसे सच्चे आनंद की अनुभूति कराती है। इस भजन में, भक्त अपनी उपासना का सर्वोच्च लक्ष्य राम के नाम में खुशी और क्षणिक मस्ती की खोज में बताता है।

इस भजन में भक्ति मार्ग का महत्वपूर्ण दर्शन छिपा हुआ है। राम का नाम ही समस्त संसार के लिए आधार है, और इस नाम का ध्यान करने से एक भक्त के मन का शुद्धिकरण होता है। भक्ति साधना में जो भावनाएँ उत्पन्न होती हैं, वे भक्त को अध्वितीय आनंद की ओर बढ़ाती हैं। भक्ति में समर्पण, प्रेम, और असीम श्रद्धा का अनूठा मेल है, जो इस भजन में प्रमुखता से मौजूद है। यह दिखाता है कि जब भक्त का हृदय राम में जीता है, तो वह अपने आप को सच्चे आत्मज्ञान की ओर अग्रसरित करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

श्री राम और जानकी का यह भजन हिन्दू धर्म में भक्ति की एक उच्चतम परिपाटी को दर्शाता है। रामायण में राम की महिमा का वर्णन भक्ति के मार्ग को सहज बनाता है। राम की भक्ति का महत्व हमारे जीवन में किसी भी संकट को पार करने की शक्ति प्रदान करता है। इससे यह भी पता चलता है कि कैसे राम और सीता का नाम भक्तों को धर्म, सुरक्षा और शांति प्रदान करता है। पुराणों में भी इस युग के भक्तों ने राम का नाम लेने वाले को सुख, शांति और समृद्धि का आश्वासन दिया है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। इस भजन का पाठ करने से मानसिक शांति, आत्म संतोष, और अध्यात्मिक प्रगति की प्राप्ति होती है। यह ध्यान और ध्यान साधना के माध्यम से उच्चतर चेतना में लाता है। राम नाम के जाप से व्यक्ति में ताजगी, सकारात्मक ऊर्जा, और मानसिक मजबूती का संचार होता है। यह शारीरिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है और जीवन में आनंद के स्रोतों को प्रकट करने में मददगार साबित होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन के जाप के लिए सुबह का समय अत्युत्तम होता है। श्रद्धालुओं को चाहिए कि वे एक साफ स्थान पर बैठकर, ध्यानपूर्वक राम के नाम का जाप करें। दिए की ज्योति जलाना और फूलों की अर्पण करना एक आदर्श कार्य है। मन को नियंत्रित करने के लिए एकाग्रता के साथ 'श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में' का जाप करें। इसे एक भक्ति भाव से अदा करने से असीम आनंद की प्राप्ति होती है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इस भजन का मुख्य संदेश है कि राम और जानकी की भक्ति ही सच्चे सुख और आनंद का स्रोत है, और इसे अपने हृदय में बसाने का महत्व है।

राम की महिमा को दर्शाने वाले अन्य स्तोत्र कौन से हैं?

रामायण, राम स्तुति, और राम नाम जप जैसे स्तोत्र भी राम की महिमा को उजागर करते हैं और भक्तों को प्रेरित करते हैं।

क्या इस भजन का जाप रोजाना करना चाहिए?

हाँ, इस भजन का नियमित जाप करने से मन को शांति, संतोष और अध्यात्मिक उन्नति मिलती है। नियमित जाप से भक्ति की जड़ें और मजबूत होती हैं।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 02 Sep 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!