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Krishna Bhajan

सुखकर्ता दुखहर्ता भजन लिरिक्स ( Sukh Karta Dukh Harta Lyrics in Hindi ) - Krishna Bhajan Upasana Mehta Ganesh Bhajan - Bhaktilok

53 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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गणेश भजन: सुखकर्ता दुखहर्ता के अद्भुत गुण

सुख और दुख के अंतर्ता, भगवान गणेश की शरण में आकर जीवन को सुखमय बनाएं।

सुखकर्ता दुखहर्ता, तेरा नाम जग में न्यारा। सुखकर्ता दुखहर्ता, तेरा नाम जग में न्यारा।। सुनो जी, सुनो जी, सुनो जी, सुनो जी गणेशा। सुनो जी, सुनो जी, सुनो जी, सुनो जी गणेशा।। तेरा हर नाम हर लिवास से, तुमको किया महालोक का दाता। सुखकर्ता दुखहर्ता, तेरा नाम जग में न्यारा।। गुण, गान, महिमा तेरा, करने चली सब संसार। सुखकर्ता दुखहर्ता, तेरा नाम जग में न्यारा।। धुन सुनो गणेश की, कर लो चरणों में बांसुरी। सुखकर्ता दुखहर्ता, तेरा नाम जग में न्यारा।। तू मेरे मन में बसा है, तू है गोपाल मेरे प्यारे। सुखकर्ता दुखहर्ता, तेरा नाम जग में न्यारा।।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

सुखकर्ता दुखहर्ता भजन भगवान गणेश की महिमा का बखान करता है। यह भजन उन विशेषताओं को उजागर करता है, जिनके लिए गणेश जी को पूजा जाता है। 'सुखकर्ता' का अर्थ है वह जो सुख प्रदान करते हैं, और 'दुखहर्ता' का तात्पर्य है जो दुखों को दूर करते हैं। इस भजन में भक्त अपनी हर समस्या के समाधान के लिए भगवान गणेश की ओर ध्यान आकृष्ट करते हैं। यह उनके प्रति असीम श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। भजन में यह भी दर्शाया गया है कि गणेश जी की कृपा से सांसारिक जीवन में सभी बाधाएं समाप्त हो जाती हैं। जब कोई भक्त सच्चे मन से गणेश जी की प्रार्थना करता है, तो उन्हें अपनी मनोकामनाओं की प्राप्ति का विश्वास होता है। इसलिए यह भजन ना केवल उनकी पूजा के लिए, बल्कि उनकी कृपा प्राप्ति के लिए भी गाया जाता है।

भजन के भावार्थ में एक गहरा भाव है कि जीवन में हमें लगातार संघर्षों का सामना करना पड़ता है। सुख और दुख का यह चक्र मानव जीवन का एक अविभाज्य हिस्सा है। लेकिन जब भक्त गणेश जी का स्मरण करते हैं, तो वे अपने दुखों से उबरने की शक्ति पाते हैं। 'सुखकर्ता दुखहर्ता' कहकर भक्त यह आशा रखते हैं कि गणेश जी उनके दुखों को दूर करेंगे और उन्हें आत्मिक सुख प्रदान करेंगे। इसके माध्यम से, भक्ति का मार्ग स्पष्ट होता है, जहां भक्त केवल स्वयं के लिए नहीं, बल्कि समाज और प्राकृतिक संतुलन के लिए भी प्रार्थना करते हैं। यह भजन न केवल व्यक्तिगत सुख के लिए है, बल्कि सामाजिक और सामूहिक सुख को भी ध्यान में रखता है।

इस भजन में दर्शन का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि भगवान गणेश के माध्यम से भक्ति मार्ग को अपनाना सीखते हैं। भक्तिपूर्ण साधना के द्वारा सभी प्रकार की समस्याओं का निराकरण किया जा सकता है। भगवान गणेश, जिन्हें ज्ञान, बुद्धि और समर्पण का प्रतीक माना जाता है, के प्रति भक्ति हमें अपने पैरों पर खड़े होने की प्रेरणा देती है। भक्ति की इस रेखा को समझते हुए भक्त अपने जीवन में निरंतर आध्यात्मिक प्रगति की ओर अग्रसर होते हैं। सभी बाधाओं का निराकरण, उनके प्रति निरंतर श्रद्धा और विश्वास रखने से ही संभव होता है। इस दृष्टिकोण से, गणेश जी की आराधना करने का यह भजन एक निश्चित मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

सुखकर्ता दुखहर्ता भजन का अधिकतर उपयोग हिन्दू धर्म में गणेश चतुर्थी जैसे पर्वों पर किया जाता है। भगवान गणेश का उल्लेख पुराणों में बार-बार किया गया है, विशेषकर गणेश पुराण में। यहाँ बताया गया है कि वे सभी बाधाओं को दूर करते हैं और नए कार्यों की शुरुआत करने में मदद करते हैं। महाभारत में भी गणेश जी को बुद्धि और विवेक का प्रतीक माना गया है। जब भी कोई बड़े कार्य का आरंभ होता है, तब गणेश जी की पूजा अनिवार्य है। इस भजन के माध्यम से भक्त गणेश जी की भक्ति को और मजबूत कर सकते हैं और अपनी समस्याओं के समाधान की दिशा में अग्रसर हो सकते हैं।

प्रथम पूज्य श्री गणेश जी के जन्म और उनकी कथाओं का संपूर्ण विवरण जानने के लिए ब्रह्म पुराण गणेश महिमा का पाठ करें। इस भजन का नियमित पाठ करने से मानसिक शांति, शारीरिक स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। यह भक्तों को मानसिक उतार-चढ़ाव से उबरने में मदद करता है और मन को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। जो भक्त इसे ध्यानपूर्वक गाते हैं, उन्हें अपने जीवन में स्थिरता और सुख की अनुभूति होती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

सुखकर्ता दुखहर्ता भजन का पाठ सुबह के समय करना अत्यधिक लाभकारी माना जाता है। इस दौरान, भक्त शुद्धता के लिए स्नान करके, अपने पूजा स्थान को स्वच्छ करते हैं। दीप जलाने और भगवान गणेश को मोदक, दूर्वा, और अन्य भक्तिपूर्ण भोग अर्पित करने से पूजा पूर्ण होती है। सही मुद्रा में बैठकर, ध्यान लगाकर इस भजन का पाठ करना चाहिए। इससे गहरी एकाग्रता और नियमितता का विकास होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का मुख्य विषय क्या है?

सुखकर्ता दुखहर्ता भजन भगवान गणेश के सुख-आराधना और दुख-निवारण विशेषताओं को उजागर करता है। यह भक्तों की समस्याओं का समाधान देने के लिए गणेश जी की कृपा को स्वीकार करने का आह्वान करता है।

किस समय इस भजन का पाठ करना चाहिए?

भजन का पाठ सुबह करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। साथ ही, पूजा सामग्री अर्पित करके भक्ति भाव से पाठ करें।

इस भजन के क्या लाभ हैं?

इस भजन का पाठ मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। यह भक्तों को जीवन में स्थिरता और सुख का अनुभव करने में मदद करता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 18 Aug 2026

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