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Krishna Bhajan

तारा है सारा जमाना भजन लिरिक्स (Tara Hai Sara Jamana Lyrics in Hindi) - New Krishna Bhajan - Bhaktilok

92 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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श्री कृष्ण भजन: संपूर्ण सृष्टि का आरोहण

इस भजन के माध्यम से श्री कृष्ण की महिमा का गुणगान करें और आत्मिक शांति प्राप्त करें।

तारा है सारा जमाना, तारा है सारा जमाना। तेरा ही नाम है मेरा, तेरा ही नाम है मेरा। तू ही सारा जग है, तू ही सारा जग है। तू ही सारा जग है, जब तक मेरा जीना। हाय तेरा ही ध्यान है, हाय तेरा ही नाम है। तारा है सारा जमाना। तुम बिन है कोई न, तुम बिन है कोई न। तुम बिन है कोई न, तारा है सारा जग है। तेरी शक्ति से सारा, तेरी शक्ति से सारा। तू सब कुछ है, तू सब कुछ है। क्योंकि प्रेम से जीना है। तारा है सारा जमाना।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भजन 'तारा है सारा जमाना' का मुख्य विषय श्री कृष्ण की सर्वव्यापीता और अस्तित्व का बोध कराना है। इस भजन में सीधे-सीधे यह संदेश दिया गया है कि भगवान श्री कृष्ण सब कुछ हैं। 'तू ही सारा जग है' जैसे शब्द हमें यह याद दिलाते हैं कि समस्त सृष्टि श्री कृष्ण की महिमा में समाहित है। यह भजन केवल एक गुणगान नहीं, बल्कि यह एक गहन ज्ञान की ओर इशारा करता है। प्रत्येक व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि अपने जीवन में श्री कृष्ण का नाम लेना, उनके ध्यान में रहना, और उन्हें हर स्थिति में अपने साथ अनुभव करना ही असली सुख है। इस प्रकार से भजन हमें उस दिव्य अनुभव की ओर अग्रसर करता है, जहाँ हम श्री कृष्ण को सब कुछ मानकर, अपने जीवन को एक नई दिशा दे सकते हैं।

इस भजन में जो भाव है, वह भक्त के हृदय में श्री कृष्ण की अनुग्रह का झलका देता है। 'तेरा ही नाम है मेरा' का अर्थ है कि वास्तविकता में भक्त का जीवन भगवान के नाम और ध्यान से ही परिपूर्ण है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि भक्त अपने समस्त दुखों और कष्टों को दूर करें, और भगवान के नाम के साथ अपना जीवन जीने का संकल्प लें। यह भजन जीवन के प्रतिकूल परिस्थितियों में एक अद्भुत आशा देता है। जब भक्त भगवान श्री कृष्ण को अपने जीवन का आधार मानते हैं, तब वे उन्हें हर परिस्थिति में धारण कर सकते हैं। इस भजन के माध्यम से भक्त हृदय में श्रद्धा और प्रेम का संचार करते हैं, जिससे वे जीवन में सच्चे सुख की प्राप्ति कर सकते हैं।

गहरे दृष्टिकोण से देखें, तो भजन 'तारा है सारा जमाना' भक्तिपंथ की आधारभूत भावना को प्रस्तुत करता है। यह भक्ति का मार्ग सिर्फ भावनाओं का संचार नहीं, बल्कि आत्मा की सच्चाई का अनुभव करना है। भक्त परिभाषित करते हैं कि बिना भगवान के, जीवन में कोई स्थायी सुख नहीं है। यह भजन हमें सिखाता है कि कष्ट और सुख सब कुछ भगवान के अधीन है। जब भक्त अपने आप को परमात्मा के चरणों में समर्पित करते हैं, तब वे सच्चे मनोरंजन और शांति की खोज के लिए अपनी आत्मा को उद्धार करते हैं। इस भजन के माध्यम से भक्त इस तथ्य को स्वीकार करते हैं कि अपने जीवन के सर्वश्रेष्ठ भाग को भगवान की सेवा में लगाना ही एक सक्षम जीवन जीने का रास्ता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का महत्व धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से गहरा है। यह निश्चित रूप से पुराणों और शास्त्रों में भगवान कृष्ण की महिमा को दर्शाता है। श्रीमद्भागवत गीता, जो भगवान कृष्ण के उपदेशों का प्रमुख स्रोत है, में यही संदेश है कि समस्त जीवों का आधार और आश्रय श्री कृष्ण ही हैं। यह भजन भक्त को बताता है कि जब भी वे जीवन में किसी भी प्रकार की परेशानी या संकट का सामना करें, तो उन्हें भगवान श्री कृष्ण को याद करना चाहिए। यह पूरे संसार की व्याकुलता और संतोष का सन्देश देता है, जिससे यह प्रमाणित होता है कि सच्चा सुख केवल भगवान की कृपा से ही प्राप्त होता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का नियमित जाप करने से मानसिक शांति, भावात्मक संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति साधना में सहयोग मिलता है। यह साधना भक्त को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है और जीवन में कठिनाइयों का सामना करने की क्षमता बढ़ाती है। इस भजन का जप करने से भक्ति में गहराई आती है और व्यक्ति का अपने अंतर्मन से संपर्क मजबूत होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सुबह के समय, सूर्योदय के पहले या बाद किया जा सकता है। ध्यान करें कि एक साफ और शांत स्थान पर बैठकर दीया जलाएँ और भगवान के चित्र के सामने बैठें। आदर्श मुद्रा में बैठें, जैसे पद्मासन या सिद्धासन। मन को एकाग्र करते हुए, भजन का भाव से उच्चारण करें और श्री कृष्ण के प्रति प्रेम और समर्पण का भाव रखें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

तारा है सारा जमाना भजन क्यों गाना चाहिए?

इस भजन से व्यक्ति अपने मन को शांति, प्रेम और आध्यात्मिक उन्नति का अनुभव कर सकता है। यह भक्ति का सुंदर माध्यम है।

इस भजन का अर्थ क्या है?

भजन का अर्थ है कि भगवान श्री कृष्ण सृष्टि के चारों ओर हैं और उन पर आधारित सभी जीव आत्मिक रूप से उनके ही हैं।

भजन का नियमित जप करने से क्या लाभ होता है?

नियमित जाप करने से मानसिक शांति, सकारात्मकता, और जीवन में कठिन परिस्थितियों का साहस से सामना करने की शक्ति प्राप्त होती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 17 Aug 2026

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