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सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है भजन लिरिक्स (Sukhi Mera Parivar Hai Ye Tera Upkar Hai Lyrics in Hindi) - Daadi Sati Bhajan Saurabh Madhukar - Bhaktilok

88 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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परिवार के सुख का आधार: सत्या माता की महिमा

सुखी परिवार का आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु यह भजन सत्या माता की महिमा का गुणगान करता है।

सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है हे सत्या माता, तेरा चरणों में हम रहें सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है निशा को दिन बना दे, दीन हीन के दुख हर ले हे सत्या माता, तेरा चरणों में हम रहें सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है तूने जो दिया हमें, उसका हम काम कर रहे हे सत्या माता, तेरा चरणों में हम रहें सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है तेरा प्यार लुटा दे, सुख का रास भर दे हे सत्या माता, तेरा चरणों में हम रहें सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है तेरा मंदिर बनाएं, हर दिल में बसाएं हे सत्या माता, तेरा चरणों में हम रहें सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन 'सुखी मेरा परिवार है ये तेरा उपकार है' में पारिवारिक सुख और समृद्धि के लिए सत्या माता के प्रति आभार व्यक्त किया गया है। इस भजन की पंक्तियों में सुखी परिवार का स्थापित होना, माता के कृपा से ही संभव है, ऐसा कथन है। 'हे सत्या माता, तेरा चरणों में हम रहें' इस वाक्य में भक्त का गहरा प्रेम और श्रद्धा प्रकट होती है। यहाँ भक्तिन सत्या माता से प्रार्थना कर रही हैं कि वे उन्हें सदैव अपने आशीर्वाद में रखें। यह दर्शाता है कि कोई भी सुख-संपत्ति केवल देवी-देवताओं की कृपा से ही संभव है, और सभी सुख-संपत्ति का स्रोत ईश्वर ही हैं।

भजन में 'तूने जो दिया हमें, उसका हम काम कर रहे' पंक्ति में, भक्त माता को यह बताते हैं कि उन्होंने जो भी आशीर्वाद उन्हें प्राप्त हुआ है, उसका वे सम्मान करते हैं और उसके लिए पूरे मन से सेवा कर रहे हैं। माता की कृपा से ही परिवार में खुशहाल जीवन बना रह सके, यह भाव दर्शाता है कि सच्ची भक्ति और सेवा से ही व्यक्ति को मनोवांछित फल प्राप्त होता है। सुख, शांति, और समृद्धि का ध्यान रखते हुए भक्ति से भरा यह भजन संतोष एवं मानसिक शांति के लिए प्रेरित करता है।

इस भजन में भक्ति मार्ग का जो दर्शन है, वह इस बात पर आधारित है कि ईश्वर पर दृढ़ विश्वास और सच्ची भक्ति से ही व्यक्ति को अपने परिवार में सुख-शांति का अनुभव होता है। यह भजन एकत्रित रूप से हमें याद दिलाता है कि भक्ति केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामूहिक भी हो सकती है, जहाँ एक परिवार ईश्वर की कृपा से सुखी रहने की बात करता है। 'तेरा मंदिर बनाएं, हर दिल में बसाएं' के माध्यम से परिवार में ईश्वर को स्थायी रूप से स्थान देने का संदेश मिलता है। यह दर्शाता है कि वे सभी, जो भक्ति में तल्लीन हैं, हमेशा अपने परिवार को सच्चाई, स्नेह और शांति के साथ एकजुट रखने का प्रयास करेंगे।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का उल्लेख भारतीय परंपरा में किया जाता है जहाँ प्रेम और भक्ति से परिवार की सुख-शांति की कामना की जाती है। हिंदू धर्म में परिवार को 'धर्मपत्नी' का स्थान प्राप्त होता है। परिवार के हर सदस्य का आशीर्वाद एक-दूसरे पर निर्भर करता है। यह भजन भक्तों को सिखाता है कि 가족 की एकता और परस्पर प्रेम ही ईश्वर की कृपा की प्राप्ति का एकमात्र रास्ता है। पुराणों में भी परिवार के महत्व और पारिवारिक बंधनों के प्रति आदर की चर्चा की गई है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का नियमित जाप करने से मानसिक शांति, पारिवारिक एकता और प्रेम में वृद्धि होती है। भक्तों का मानना है कि यह भजन ईश्वर की कृपा से परिवार के सदस्यों में सामंजस्य और स्नेह को बढ़ावा देता है। साथ ही, यह भजन मानसिक तनाव को कम करने और ऊर्जा को बढ़ाने का कार्य करता है, जिससे जीवन में सुख और सच्चाई बनी रहती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का उच्चारण सुबह या शाम के समय करना सर्वोत्तम होता है। पूजा करते समय एक दीपक जलाना, पुष्प अर्पित करना और निस्वार्थ भाव से माता की आराधना करना चाहिए। सही आसन में बैठकर मन को एकाग्र करके भजन का जाप करना चाहिए। मन में माता के प्रति श्रद्धा और प्रेम का भाव होना चाहिए।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

क्या इस भजन को किसी विशेष अवसर पर गाना चाहिए?

इस भजन को हर दिन गाना लाभदायक होता है, लेकिन विशेष अवसरों जैसे त्योहारों, परिवार के समारोहों या पूजा-पाठ के समय इसे गाने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।

क्या इस भजन को अकेले या सामूहिक रूप से गाना चाहिए?

इस भजन को सामूहिक रूप से गाना अधिक लाभकारी हो सकता है, जिससे परिवार के सभी सदस्य एक साथ मिलकर अपने सुख-शांति की कामना कर सकें।

क्या इस भजन का कोई विशेष अर्थ है?

भजन में पारिवारिक सुख और सत्या माता की महिमा का वर्णन है। यह मनुष्य को सिखाता है कि ईश्वर की कृपा से ही परिवार में खुशहाली संभव है।

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"सुखी परिवार की कामना करते हुए सत्या माता की महिमा का गुणगान करते हैं। यह भजन परिवार के एकता को बढ़ावा देता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 17 Aug 2026

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