आज का पंचांग (Columbus) | सूर्योदय: ०४:२३ PM | सूर्यास्त: ०५:४४ AM
shanidev bhajan

शनिदेव मंत्र लिरिक्स (Shani Mantra Lyrics in Hindi) - Nilanjana Samabhasam Shani Mantra - Bhaktilok

72 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

शनिदेव की कृपा का मंगलकारी मंत्र

इस मंत्र का जाप करें और शनिदेव की कृपा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त करें।

निलञ्जन समाभासं रविपुत्रं यमाग्नि शिवं। छायात्मजम् सुराचार्यं तं शनिं प्रणमाम्यहम्।। निःसङ्कल्मं च वैराग्यं सञ्चितं विकृतं न हटेत्। सप्तपद्मधारणं च तं शनिं प्रणमाम्यहम्।। क्षीणांधपद्मसङ्कल्पं च यत्र चित्तं विदाति। भुक्त्वा पातालगामि तं शनिं प्रणमाम्यहम्।। जपाकृत्यं जिनस्यानि चिदात्मार्थं जनार्दनम्। तंसत्यम् ॥

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस मंत्र में शनिदेव की महिमा का वर्णन किया गया है। निलञ्जन समाभासं का अर्थ है, जो शीतल और अंधकारमय होते हैं, उनका प्रकाश शनिदेव में पाया जाता है। शनिदेव का संबंध कर्मफल के अनुसार हमारी किस्मत और जीवन के सुख-दुख से है। यह मंत्र उनकी कृपा और मार्गदर्शन की प्रार्थना करता है। यहां 'रविपुत्रं' का उल्लेख है, जो यह दर्शाता है कि शनिदेव सूर्य देव के पुत्र हैं। अनुग्रह पाने की इच्छा व्यक्त करते हुए 'प्रणमाम्यहम्' के माध्यम से भक्ति और श्रद्धा से उनके सामने प्रस्तुत होती है।

इस मंत्र का भावार्थ गहन है; यह बताता है कि शनिदेव का ध्यान करने से नकारात्मकता और संकटों से मुक्ति मिलती है। निःसङ्कल्मं च वैराग्यं का अर्थ है कि जब भक्त शनिदेव की शरण में आते हैं, तो उनके मन से सब तरह की इच्छाओं का ले जाना आवश्यक होता है। और यही वैराग्य सच्चे भक्ति का अंश है। भक्त यह मानते हैं कि शनिदेव उन्हें नियंत्रित करते हैं और उनका दैनिक जीवन सहायक होते हैं। उनकी भक्ति में अद्भुत शक्ति है जो मानवता के लिए मार्ग प्रशस्त करती है।

यह मंत्र भक्ति मार्ग के अनुसरण का प्रतीक है। भक्त को ज्ञान और आत्मा की शुद्धता की आवश्यकता होती है ताकि वे शनिदेव की वास्तविक कृपा का अनुभव कर सकें। यहाँ, सप्तपद्मधारणं का उल्लेख भी प्रमेय है, जो कि कठिनाइयों के बावजूद स्थिर रहने की आकांक्षा का परिचायक है। यह स्पष्ट है कि महाराज शनिदेव को भक्त केवल संकटमोचक के रूप में नहीं, बल्कि जीवन के प्रति निस्वार्थ और साध्विक दृष्टिकोण विकसित करने वाले माने। उन पर भरोसा करना ही संपूर्णता को प्राप्त करने की कुंजी है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

शनि देव का उल्लेख कई पुराणों में मिलता है, विशेषकर महाभारत और सूर्य पुराण में। ये ग्रंथ बताते हैं कि शनिदेव ने अपनी कृपा से जीवन के कष्टों को कम किया और विश्वास दिलाया कि जो भक्त उन्हें सच्चे मन से स्मरण करता है, उसकी सभी बाधाएं समाप्त हो जाती हैं। यह मंत्र उन भक्तों को प्रेरणा देता है जो कर्म के फल को समझते हैं और जीवन में सच्चाई, न्याय और संघर्ष के पीछे के तत्वों की पूजा करते हैं।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस मंत्र का जाप मानसिक तनाव को कम करता है और व्यक्ति को आंतरिक संतुलन प्रदान करता है। नियमित जप से शनिदेव की कृपा से जीवन में समृद्धि, नौकरी में उन्नति और पारिवारिक सुख प्राप्त होता है। यह कठिनाईयों का सामना करने की क्षमता को भी बढ़ाता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस मंत्र का जाप सुबह सूर्योदय के समय या शनिवार के दिन विशेष रूप से करना शुभ माना जाता है। पूजा करते समय एक दीया जलाएं और शनि देव को नील या काले वस्त्र का चयन करें। ध्यान की मुद्रा में बैठें और शुद्ध मन, शारीरिक और मानसिक स्थिति से इस मंत्र का उच्चारण करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

शनिदेव की पूजा का सही समय कब है?

शनिदेव की पूजा विशेष रूप से शनिवार के दिन करना उत्तम रहता है। साथ ही, प्रात: समय में सूर्योदय से पहले उनका जाप करना भी लाभकारी है।

क्या इस मंत्र से मानसिक तनाव कम होता है?

हाँ, शनिदेव मंत्र का जाप मानसिक तनाव को कम करता है और आपको आंतरिक शांति और संतुलन प्रदान करता है। इसलिए इसे नियमित रूप से जाप करना चाहिए।

मैं इस मंत्र का जाप कैसे करूँ?

आप इस मंत्र का जाप नियमित रूप से एक साफ-सुथरी जगह बैठकर करें। इस दौरान एक दीया जलाने और मन को शुद्ध रखते हुए ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 25 Aug 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!