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Krishna Bhajan

मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है लिरिक्स (Mera Aapki Kripa Se Sab Kaam Ho Raha Hai Lyrics in Hindi) - Jaya Kishori Ji Krishna Bhajan - Bhaktilok

78 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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कृष्ण कृपा: अभिन्न प्रेम का भक्ति पुष्प

इस भजन के माध्यम से भक्त भगवान कृष्ण की कृपा की महिमा का उच्चारण करते हैं।

मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है। मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है। दुखी हूँ मैं, मैं तेरा वंशज, तेरा वंशज, ओ पालनहार। मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है। हर घड़ी हर दम मैं तेरा दीवाना, तेरा दीवाना। मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है। हे सच्चे भगवान, आषीर्वाद दो मुझे, आषीर्वाद दो मुझे। मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है। दिल में तेरा नाम है, दिल में तेरा नाम है। जिंदगी का हर एक पल तेरा एहसास है। मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है। तेरे बिना, क्या जीना, क्या जीना। हाथों में तेरा सहारा है, तेरा सहारा। मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य विषय भगवान श्री कृष्ण की कृपा एवं भक्त की आस्था है। भक्त अपने जीवन की कठिनाइयों को समाप्त करने के लिए भगवान की कृपा की कामना करता है। 'मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है' यह दर्शाता है कि जीवन में जो भी सुख-दुख के मार्ग हैं, उन सभी में श्री कृष्ण का हाथ होता है। यह भाव दृष्टिगोचर होता है कि भक्त अपने जीवन में भगवान के सहारे को अनुभव करते हुए उनके प्रति अपनी समर्पण भावना व्यक्त करते हैं। ये शब्द सच्चे भक्त की अनुभूति हैं, जो यह जताते हैं कि भगवान के बिना जीवन अधूरा है।

भक्त की भावनाएं भजन में गहराई से व्यक्त होती हैं, खासकर जब वह कहता है, 'हर घड़ी हर दम मैं तेरा दीवाना।' यह श्री कृष्ण की प्रति भक्त के अटूट प्रेम को दर्शाता है। भक्त की आराधना समय की सीमाओं में बंधी नहीं है, यह सुबह से लेकर रात तक, हर क्षण उनकी भक्ति में लीन रहता है। 'दिल में तेरा नाम है' ये शब्द दर्शाते हैं कि भक्त के हृदय में भगवान का नाम सर्वोच्च स्थान रखता है। यह भक्ति का सार है—हर स्थिति में अपने इष्ट का स्मरण करना और उनसे प्रेमपूर्वक आशीर्वाद मांगना।

इस भजन में भक्ति मार्ग की गहराई भी निहित है, जहां भक्त भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण करता है। 'तेरे बिना, क्या जीना' यह भाव दर्शाता है कि बिना भगवान की कृपा और सहयोग के कोई भी कार्य असंभव है। इससे यह अहसास होता है कि भक्त अपने जीवन की सभी जिम्मेदारियों को भगवान के हाथों में सौंपता है। यह भक्ति का वास्तविक मार्ग है—अपने आत्मा का भगवान में समर्पित करना, जहां परमात्मा के प्रति निस्वार्थ प्रेम और भक्ति का प्रवाह होता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का महत्वपूर्ण संदर्भ हमें हिंदी साहित्य और भक्ति परंपरा में मिलता है। पुराणों में देवी-देवताओं की कृपा को श्रेष्ठतम माना गया है, जो भक्तों की समस्याओं को दूर करती है। भक्ति आंदोलनों जैसे संत तुकाराम और कबीरदास ने भी अपनी रचनाओं में ईश्वर की कृपा को सर्वोच्च स्थान दिया है। ऐसे भजन भक्तों को व्यक्तिगत अनुभव के माध्यम से भगवान की महिमा और उनके प्रति समर्पण का दर्शन कराते हैं।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का संगीतमय पाठ मन को शांति और स्थिरता देता है। यह मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है और भक्त की आस्था को मजबूत बनाता है। लगातार इस भजन का जाप करने से भक्त के जीवन में सकारात्मकता और सौम्यता आती है, साथ ही मनोबल भी बढ़ता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सुबह के समय या शाम के समय करना सर्वोत्तम है। इसके लिए पूजा के स्थान को सुगंधित करें, एक दीया जलाएं और भगवान श्री कृष्ण को फूल अर्पित करें। सही मुद्रा में बैठकर, मन स्थिर करके भजन का पाठ करें। भक्त की सच्ची भावना ही उसका सबसे बड़ा पूजन है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भजन में 'कृपा' का क्या महत्व है?

भजन में 'कृपा' का यदि भक्त के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है, इसे सभी समस्याओं का समाधान मानते हैं। भगवान की कृपा से भक्त अपनी कठिनाइयों को दूर करता है।

कैसे इस भजन का पाठ करने से लाभ होता है?

इस भजन के नियमित पाठ से मानसिक तनाव कम होता है और भक्त की आस्था मजबूत होती है। साथ ही, भक्त को स्थिरता एवं शांति का अनुभव होता है।

इस भजन का सही समय और विधि क्या है?

इस भजन का पाठ सुबह या शाम का समय उचित है। पूजा में ध्यान और श्रद्धा से दीया जलाना और फूल अर्पित करना चाहिए।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 24 Aug 2026

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