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प्रभु कैसा खेल रचाया है ये मेरी समझ नहीं आया है भजन लिरिक्स (Prabhu Kaisa Khel Rachaya Hai Lyrics in Hindi) - Krishna Bhajan - Bhaktilok

143 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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प्रभु कैसा खेल रचाया है ये मेरी समझ नहीं आया है भजन लिरिक्स (Prabhu Kaisa Khel Rachaya Hai Lyrics in Hindi) - Krishna Bhajan - Bhaktilok


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प्रभु कैसा खेल रचाया है ये मेरी समझ नहीं आया है भजन लिरिक्स (Prabhu Kaisa Khel Rachaya Hai Lyrics in Hindi) - 


प्रभु कैसा खेल रचाया है
पर मेरी समझ नहीं आया है
प्रभु कैसा खेल रचाया है
पर मेरी समझ नहीं आया है।

पृथ्वी नीचे पाताल बनाया
ये मिट्टी कहां से लाया है
पर मेरी समझ नहीं आया है
प्रभु कैसा खेल रचाया है
पर मेरी समझ नहीं आया है।

भांति भांति के पेड़ बनाए
ये बीज कहां से लाया है
पर मेरी समझ नहीं आया है
प्रभु कैसा खेल रचाया है
पर मेरी समझ नहीं आया है।

तूने रंग बिरंगे फूल खिलाए
यह रंग कहां से लाया है
पर मेरी समझ नहीं आया है
प्रभु कैसा खेल रचाया है
पर मेरी समझ नहीं आया है।

कितने तरह के पशु पक्षी बनाए
ये आवाज कहां से लाया है
पर मेरी समझ नहीं आया है
प्रभु कैसा खेल रचाया है
पर मेरी समझ नहीं आया है।

तूने अलग-अलग मनुष्य बनाए
ये सांचा कहां से लाया है
और कैसे ये खेल रचाया है
पर मेरी समझ नहीं आया है
प्रभु कैसा खेल रचाया है
पर मेरी समझ नहीं आया है
प्रभु कैसा खेल रचाया है
पर मेरी समझ नहीं आया है।

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समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 19 Aug 2026

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