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भक्ति रस काव्य व भजन

जो राम को लाए है हम उनको लाएँगे लिरिक्स (Jo Ram Ko Laaye Hai Hum Unko Laayenge Lyrics in Hindi) - Kanhiya Mittal Ram Bhajan - Bhaktilok

70 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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भगवान राम की भक्ति में लहराते भगवा रंग

यह भजन श्री राम की भक्ति का एक अनुपम उदाहरण है, जो भक्ति के भाव को जागृत करता है।

जो राम को लाए है हम उनको लाएंगे दुनिय में फिर से हम भगवा लहराएंगे यूपी में फिर से हम भगवा लहराएंगे....||अयोध्या भी सजा दी है काशी भी सजा दी है मेरे श्याम कृपा कर दो घनश्याम कृपा कर दो मथुरा भी सजाएंगे यूपी में फिर से हम भगवा लहराएंगे....||भगवा है चोला जिनका बस राम की बात करे हिन्दू है हिन्दू हम बस राम की बात करे यूपी में फिर से हम भगवा लहराएंगे....||ऊपर से नहीं है राम अंदर से राम के है बस इसीलिए योगी बंदे कमाल के है यूपी में फिर से हम भगवा लहराएंगे....||योगी जी आए है योगी ही आएंगे संतों की नगरी को बाबा जी चलाएंगे यूपी में फिर से हम भगवा लहराएंगे....||जो राम को लाए है हम उनको लाएंगे दुनिय में फिर से हम भगवा लहराएंगे यूपी में फिर से हम भगवा लहराएंगे....

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन की मुख्य थीम भगवान राम की उपासना और उनकी महिमा का गुणगान है। भजन में कहा गया है, 'जो राम को लाए हैं हम उनको लाएंगे', यह वाक्य यह दर्शाता है कि जो भक्त भगवान राम के पथ पर चलेंगे, वे हमेशा उनके साथ होंगे। 'यूपी में फिर से हम भगवा लहराएंगे' से यह स्पष्ट होता है कि यह भक्ति केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से समाज को भगवान राम के मार्ग पर लाने का प्रयास है। अयोध्या और काशी जैसे पवित्र स्थलों का उल्लेख कर भक्त राम की कृपा और आशीर्वाद की कामना करते हैं। यह भजन उन स्थानों की महिमा को भी उजागर करता है, जो राम भक्तों के लिए अभूतपूर्व महत्व रखते हैं।

भावार्थ की दृष्टि से इस भजन में एक गहरी भावुकता दी गई है। 'भगवा है चोला जिनका' से व्यक्ति की पहचान केवल भक्ति से नहीं, बल्कि उसके आचरण और विचारों से भी जुड़ी होती है। जो राम की बात करते हैं, वे संत और धर्मात्मा होते हैं। 'ऊपर से नहीं है राम, अंदर से राम के हैं' यह भावार्थ बताता है कि असली राम तो हमारे भीतर हैं, और हमें उन्हें पहचानने के लिए अपने भीतर की खोज करनी होगी। इस प्रकार, यह भजन हमें अपने भीतर की धार्मिकता और गुरु की उपासना की प्रेरणा देता है।

भक्ति मार्ग की जो दृष्टि यहां प्रस्तुत की गई है, वह सच्चे प्रेम और निष्ठा की प्राप्ति की आवश्यकता को उजागर करता है। 'योगी जी आए हैं' का वाक्य भक्तों को याद दिलाता है कि आध्यात्मिक मार्ग पर चलने वाले योगी स्वयं भगवान की कृपा से प्रेरित होते हैं। इसमें सिखाए गए संदेश और भावनाएं उन जटिलताओं को दूर करने का कार्य करती हैं, जिन्हें भक्त अपने जीवन में अनुभव करते हैं। इससे भक्तों को साहस और विश्वास मिलता है कि जब वे सही मार्ग पर चलेंगे, तब भक्ति का फल अवश्य मिलेगा।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

भगवान राम की उपासना का यह भजन पौराणिक ग्रंथों जैसे रामायण में राम की लीलाओं और उपदेशों की प्रतिध्वनि करता है। रामायण में राम का जीवन आदर्शों और नैतिकता का उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह भजन भक्तों को उनके प्रेम और आस्था के साथ जोड़ता है, जो भगवान राम की असीम कृपा को स्वीकार करते हैं। अयोध्या, काशी, और मथुरा जैसे स्थानों को उल्लेखित करने से, यह भजन उन पवित्र स्थलों की महत्ता को रेखांकित करता है, जहां भक्त भगवान राम की कृपा की अपेक्षा करते हैं।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। इस भजन का श्रवण करने से मानसिक, आध्यात्मिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। भक्तों को शांति, समर्पण और भक्ति का अनुभव होता है। नियमित इसका जाप करने से मन की चंचलता कम होती है और ध्यान केंद्रित करने में सहायता मिलती है। इससे सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, जो दैनिक जीवन के तनाव को कम करने में मददगार होती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का सही तरीके से गायन सुबह के शुभ समय या शाम को किया जा सकता है। भक्त को पूजा स्थल पर स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए और एक दीया जलाना चाहिए। ध्यान में रहकर गदगद स्वर में भजन का गाना आवश्यक है। भक्ति भाव से पूर्ण मनोबल के साथ इस भजन को गाने और सुनने से भक्त को राम की कृपा प्राप्त हो सकती है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इस भजन का मुख्य संदेश भगवान राम की भक्ति और उनके द्वारा दी गई शिक्षा का प्रचार करना है। यह भक्तों को राम के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।

क्या इस भजन का गायन करने से कोई विशेष लाभ होता है?

इस भजन का गायन करते समय मानसिक स्पष्टता और आंतरिक शांति की प्राप्ति होती है। भक्तों को राम की कृपा का अनुभव होता है, जो उनके जीवन में सकारात्मकता लाता है।

क्या राम की उपासना केवल भजन गाने से होती है?

राम की उपासना केवल भजन गाने से नहीं, बल्कि उनके जीवन के आदर्शों का अनुकरण करने, मन में श्रद्धा रखने और सच्चे भक्तिपूर्ण व्यवहार से होती है। भजन संतोष और प्रेम के साथ गाए जाते हैं।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 25 Aug 2026

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