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कैलाश के निवासी नमो बार बार लिरिक्स (kailash ke nivasi namo baar baar Lyrics in Hindi) - Master Rana Shiv Bhajan - Bhaktilok

57 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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शिव की भक्ति: कैलाश निवासियों का स्तवन

शिव की महिमा का गुणगान करते हुए, यह भजन श्रद्धा और भक्ति के साथ गाने का प्रेरणा देता है।

कैलाश के निवासी नमो बार बार लिरिक्स (kailash ke nivasi namo baar baar Lyrics in Hindi) - कैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ नमो बार बार हूँआयो शरण तिहारी भोले तार तार तूआयो शरण तिहारी शम्भू तार तार तूभोले तार तार तू कैलाश के निवासीभक्तो को कभी शिव तुने निराश ना कियामाँगा जिन्हें जो चाहा वरदान दे दियाबड़ा हैं तेरा दायजा बड़ा दातार तू बड़ा दातार तूआयो शरण तिहारी भोले तार तार तूकैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ नमो बार बार हूँआयो शरण तिहारी शम्भू तार तार तूभोले तार तार तू तार तार तू कैलाश के निवासीबखान क्या करू मै राखो के ढेर काचपटी भभूत में हैं खजाना कुबेर काहैं गंग धार मुक्ति द्वार ओंकार तू ओंकार तूआयो शरण तिहारी भोले तार तार तूकैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ नमो बार बार हूँआयो शरण तिहारी भोले तार तार तूभोले तार तार तू तार तार तू कैलाश के निवासीकिया क्या नहीं दिया हम क्या प्रमाण देबस गए त्रिलोक शम्भू तेरे दान सेज़हर पिया जीवन दियाकितना उदार तू कितना उदार तू कितना उदार तूआयो शरण तिहारी भोले तार तार तूकैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ नमो बार बार हूँआयो शरण तिहारी भोले तार तार तूभोले तार तार तू तार तार तू शम्भू तार तार तू तार तार तूभोले तार तार तू तार तार तू

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

कैलाश के निवासी नामक इस भजन में भगवान शिव की महिमा का बखान किया गया है। श्रद्धालु बार-बार शिव द्वारा प्रदान की गई कृपा को याद कर रहे हैं। भजन का आरंभ 'नमो बार बार' से होता है, जो शिव की अनुग्रह से प्रसन्नता को दर्शाता है। भगवान शिव भोलेनाथ हैं, इसलिए भक्त उन्हें 'भोले तार तार तू' कहकर संबोधित कर रहे हैं, जो उनकी सरलता और दयालुता को दर्शाता है। भक्त अटल श्रद्धा से शिवजी के पास आश्रय लेने की प्रार्थना करते हैं, बताते हैं कि वे कभी निराश नहीं हुए हैं। शिव ने हमेशा अपने भक्तों को प्रेम और दान दिया है, जिसे इस भजन में स्पष्ट दर्शाया गया है। यह ध्यान देने योग्य है कि भजन में 'बड़ा दातार तू' कहकर शिव जी को दानकर्ता के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो कि भक्ति में उनकी उदारता को दर्शाता है।

भजन के माध्यम से श्रद्धालु अपने हृदय के गहरे भावनात्मक पहलुओं को व्यक्त कर रहे हैं। 'तेरे दया से कनु कनु' पंक्ति से यह स्पष्ट होता है कि भक्त भगवान शिव के प्रति अपनी विनम्रता और आस्था व्यक्त कर रहे हैं। शिव की कृपा के बिना जीवन का कोई भी तत्व संभव नहीं है, उन्हें 'मुझको निहार तू' कहकर एक बार कृपापूर्ण दृष्टि डालने का निवेदन कर रहे हैं। यह भक्ति भावना क्लेशों और दुखों से मुक्ति पाने की आशा को दर्शाती है। भजन का भावार्थ दिखाता है कि भगवान शिव अपने भक्तों की सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाले तथा उनके दुख-दर्द को हरने वाले हैं। भक्त परम करुणाशील शिव से शरण की गुहार लगा रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनकी धार्मिक भावना गहरी है।

कैलाश के निवासी भजन, विशेष रूप से भक्ति मार्ग को व्यक्त करता है जो शिव के प्रति भक्ति और प्रेम की व्याख्या करता है। भक्त, शिव को कवच और सहायक मानते हैं, जो हर कठिनाई में उनके साथ रहते हैं। शिव की शक्ति मात्र उनके दानी स्वभाव में नहीं, बल्कि शिव के दिव्य स्वरूप में भी है। यह भजन भक्तों को अपने निचले अस्तित्व से ऊपर उठने के लिए प्रेरित करता है, जिससे वे शिव की अनंत कृपा का अनुभव कर सकें। इसी भक्ति मार्ग पर चलते हुए, भक्त एक उच्च स्तर की आध्यात्मिकता की ओर अग्रसर होते हैं। यह उनके जीवित अनुभव को दर्शाता है कि भगवान शिव का नाम जपते रहने से वे अपने अस्तित्व में सुख-शांति का अनुभव कर सकते हैं।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

कैलाश के निवासी भजन का महत्व हिंदू धर्म में विशेष स्थान रखता है। यह भजन भगवान शिव का स्तवन करते हुए अनेक पुराणों में वर्णित शिव की कथाओं का गुणगान करता है। शास्त्रों में वर्णन है कि भगवान शिव के दरबार में सच्ची श्रद्धा से प्रार्थना करने से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। इस भजन में उल्लेखित 'त्रिलोक' जगत के सभी तलों का संकेत करता है, जहाँ शिव देवता अपनी कृपा से सभी प्राणियों की रक्षा करते हैं। महाभारत और पुराणों में कई स्थानों पर शिव की कृपा से भक्तों की मुसीबतों का अंत होता है, जिससे यह भी सिद्ध होता है कि शिव व्यक्तियों की भक्ति का उत्तरदाता हैं।

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। इस भजन का पाठ करने से मानसिक शांति, स्थिरता एवं आत्मिक विकास प्राप्त होता है। प्रतिदिन इस भजन का गायन करने से शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। भक्तों का विश्वास और आत्मविश्वास बढ़ता है, तथा कठिनाइयों में धैर्य बनाए रखने में मदद मिलती है। इस भजन के माध्यम से भक्त अपने जीवन में शिव कृपा की अनुभूति कर सकते हैं।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का पाठ सुबह के समय या शाम के समय करना उत्तम होता है। भक्तों को चाहिए कि वे पूजा के स्थान पर दीपक जलाएं, और शिवलिंग को दूध, शहद या जल से स्नान कराएं। पाठ करते समय शरीर का सीधा और आरामदायक स्थिति में होना चाहिए, और मन में ध्यान लगाने का प्रयास करें। अपने हृदय में भगवान शिव के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना को जागृत करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

कैलाश के निवासी नमो बार बार भजन का महत्व क्या है?

यह भजन भगवान शिव के प्रति भक्ति और समर्पण को दर्शाता है, और भक्तों को शिव की अनुकंपा एवं कृपा की प्राप्ति के लिए प्रेरित करता है।

इस भजन का पाठ करने का सही समय क्या है?

इस भजन का पाठ सुबह और शाम के समय करना सबसे उपयुक्त रहता है, जिससे मानसिक शांति और सकारात्मकता प्राप्त होती है।

भगवान शिव की कौन सी विशेषताएं इस भजन में वर्णित हैं?

इस भजन में भगवान शिव की दयालुता, उदारता और भक्तों के प्रति उनकी अनंत क्षमाशीलता को दर्शाया गया है। इसे श्रद्धा के साथ गाने से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 02 Sep 2026

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