आज का पंचांग (Columbus) | सूर्योदय: ०४:२४ PM | सूर्यास्त: ०५:४२ AM
भक्ति रस काव्य व भजन

मूषक सवारी लेके आना गणराजा लिरिक्स (Mushak Sawari Leke Aana Ganraja Lyrics in Hindi) - Deepak Tiwari Ganesh Bhajan - Bhaktilok

67 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

गणेश की कृपा: भक्ति का मार्ग

गणपति की महिमा गाते हुए यह भजन, भक्ति भाव से आपके जीवन में सुख-शांति लाने का संकल्प है।

मूषक सवारी लेके आना गणराजा लिरिक्स (Mushak Sawari Leke Aana Ganraja Lyrics in Hindi) - मूषक सवारी लेके आना गणराजारिद्धि सीधी को ले आनाआके भोग लगाना मेरे आंगन में..मूषक सवारी लेके आना गणराजा ||लाल सिंधुर का टिका लगा के पान और फूल चड़ाउमोदक लडूवन से भर थाली तुम को भोग लगाउदेख तुम्हारी महिमा निरालीगाउ बारम्बार होकारज मेरे सब शुभ कर जानारिद्धि सीधी को ले आना आके भोग लगानामेरे आंगन में....मूषक सवारी लेके आना गणराजा ||सुख करता तुम दुःख के हरता सब के प्यारे गणेश होप्यार दुलार हमेशा रहे प्रभु ना हो कोई कलेश होसब की नईया पार किये होमुझको भी दो तार,चरणों मे तेरा प्रभु मेरा हो ठिकानारिद्धि सीधी को ले आना आके भोग लगानामेरे आंगन मेंमूषक सवारी लेके आना गणराजा ||

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन 'मूषक सवारी लेके आना गणराजा' में गणेश भगवान की आराधना की गई है। मूषक, जो गणेश जी का वाहक है, का उल्लेख कर इस भजन में उनके प्रिय वाहन के माध्यम से भक्तों की भावनाओं को जीवित किया गया है। 'रिद्धि सिद्धि को ले आना' पंक्ति में अन्न, धन और समृद्धि का आह्वान किया गया है, जिससे भक्त अपने जीवन में सुख और संपत्ति की कामना करते हैं। भक्त अपने आंगन में भगवान को भोग अर्पित करना चाहते हैं, जिससे उनके घर में समृद्धि एवं खुशियों का वास हो। इस प्रकार की प्रार्थना में भक्त की मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भगवान गणेश का स्मरण करना आवश्यक है। संतोष और समर्पण के साथ, यह भजन हमें अद्भुत एवं दिव्य शक्तियों का अनुभव कराता है।

इस भजन के भावार्थ में सुख-शांति और दुःख का निवारण करने वाले गणेश भगवान की महिमा अत्यंत महत्वपूर्ण है। 'सुख करता तुम दुःख के हरता' पंक्ति का अर्थ है कि गणेश जी भक्तों के सभी कष्टों का निवारण करते हैं। भक्त की भक्ति और प्रेम से गणेश जी सभी विघ्नों को समाप्त करते हैं। इस भजन में यह प्रार्थना की जाती है कि भक्त प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ें और उनके जीवन में कोई भी कलेश न आए। 'तुम्हारी महिमा निराली' पंक्ति में गणेश जी की दिव्यता का बखान किया गया है, जिससे भक्तों की भक्ति और प्रेम हमेशा स्थायी रहता है।

गणेश जी की आराधना में जो गहराई और भक्ति है, वह दर्शाती है कि भक्त की ईश्वर के प्रति श्रद्धा कितनी गहरी है। 'मैं तेरा, तू मेरा' का भाव प्रकट होता है, जो समर्पण और भक्ति मार्ग (Bhakti marg) का प्रतीक है। भगवान की कृपा से भक्त की हर समस्या सुलझ जाती है। इस भजन में भगवान गणेश का आह्वान हमारे जीवन में सकारात्मकता लाने के लिए किया जाता है। वे हमारे जीवन की अनिश्चितताओं को दूर कर हमें आशा एवं शक्ति प्रदान करते हैं। भगवान गणेश का साधना करना न केवल भक्त की भक्ति के लिए, बल्कि उनके जीवन में सजीवता एवं संतोष लाने के लिए आवश्यक है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

गणेश पूजन की परंपरा प्राचीन भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण है। गणेश जी, जिन्हें विघ्नहर्ता कहा जाता है, सभी प्रकार की बाधाओं को दूर करने वाले माने जाते हैं। पुराणों में गणेश जी की कथाएं हैं, जिनमें उनकी बुद्धि, साहस और समर्पण का वर्णन है। यह भजन 'मूषक सवारी लेके आना' भक्तों को गणेश जी की कृपा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है, जिससे जीवन की समस्याओं का समाधान संभव हो सके। महाभारत में भी गणेश जी का उल्लेख है, जब उन्होंने वेदव्यास जी के साथ मिलकर महाभारत का लेखन किया था। यह दर्शाता है कि गणेश ज्ञान और सिद्धि का प्रतीक हैं।

प्रथम पूज्य श्री गणेश जी के जन्म और उनकी कथाओं का संपूर्ण विवरण जानने के लिए ब्रह्म पुराण गणेश महिमा का पाठ करें। इस भजन का पाठ या गान करने से मानसिक शांति, स्थिरता और सकारात्मकता प्राप्त होती है। गणेश जी की आराधना से जीवन में समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली आती है। तनाव और चिंताओं को दूर करने के लिए यह भजन विशेष रूप से लाभकारी है, जो भक्तों को मानसिक दृढ़ता और आत्मविश्वास प्रदान करता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का श्रवण या पाठ सुबह के समय करना अत्यधिक लाभकारी है, क्योंकि यह दिन की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। पूजा करते समय दीप जलाने एवं फूल, फल जैसे भोग अर्पित करने से भक्तों की श्रद्धा और अनुराग बढ़ता है। ध्यान मुद्रा में बैठे और एकाग्र मन से भगवान गणेश का ध्यान करने पर ध्यान की गहराई में वृद्धि होती है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

मूषक सवारी लेके आना गणराजा भजन का महत्व क्या है?

यह भजन गणेश जी की आराधना का एक सुंदर तरीका है, जो भक्त को सुख, शांति और समृद्धि की प्रेरणा देता है।

इस भजन को कब और कैसे गाना चाहिए?

इस भजन को सुबह के समय शांत वातावरण में गाना चाहिए, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सके।

गणेश जी की आराधना से क्या लाभ होता है?

गणेश जी की आराधना से विघ्नों का नाश होता है, भावनात्मक स्थिरता मिलती है और जीवन में खुशहाली आती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 25 Aug 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!