आज का पंचांग (Columbus) | सूर्योदय: ०४:२२ PM | सूर्यास्त: ०५:४५ AM
भक्ति रस काव्य व भजन

राम का हर पल ध्यान लगाए लिरिक्स (Ram Ka Har pal Dhyan lagaye Lyrics in Hindi) - Mukesh Bagda Balaji Bhajan - Bhaktilok

61 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

राम भक्ति की महिमा: ध्यान का संजीवनी गान

राम का हर पल ध्यान लगाए भ्रज की भक्ति में डूबकर श्रीराम का स्मरण करें और मानसिक शांति प्राप्त करें।

राम का हर पल ध्यान लगाएराम नाम मतवालाचिर के सीना दरश कराएमाँ अंजनी का लालाबाला राम का दीवाना ,सियाराम का दीवानाराम का दीवानासियाराम का दीवाना,अंग सिंदूर विराजे हैराम मगन हो नाचे हैराम के सिवा तो इसे,कुछ भी ना भाए रेमहिमा राम की गाते हैछम छम नाच दिखाते है,राम के बिना ये मालातोड़ बिखराए रेराम को दिल में बसा केमुस्का के गुण गा के,देखो राम को रिझाएहनुमान सा दूजा ना हैरघुवर का रखवाला,चिर के सीना दरश कराएमाँ अंजनी का लालाराम का दीवाना,सियाराम का दीवानाराम का दीवानासियाराम का दीवाना,रघुनन्दन का प्यारा हैसीता का दुलारा हैराम जी का मेरा बाबासाथ निभाए है,राम की सेवा करता हैराम की पूजा करता हैराम के द्वारे बैठाचुटकी बजाए रे,राम का ये है दीवानामस्ताना हनुमाना देखोराम धुन गाएजब जब राम पे विपदा आईइसने संकट टाला,चिर के सीना दरश कराएमाँ अंजनी का लालाराम का दीवाना,सियाराम का दीवानाराम का दीवाना,राम भजन जहाँ होता हैवहां पे हाजिर रहता हैराम के भजन में ये,सुध बिसराए रेजिस घर राम बसेरा हैहनुमत का वहां पहरा है,हर्ष कभी ना वहांविपदा सताए रेराम का नाम सुहाएमन भाए दिल लुभाए,देखो हरि गुण गाएआँख मीच कर ध्यान लगाएफेरे राम की माला,चिर के सीना दरश कराएमाँ अंजनी का लालाराम का दीवाना,सियाराम का दीवानाराम का दीवाना,राम का हर पल ध्यान लगाएराम नाम मतवालाचिर के सीना दरश कराएमाँ अंजनी का लाला,बाला राम का दीवानासियाराम का दीवानाराम का दीवाना|| सियाराम का दीवाना ||

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में श्रीराम के प्रति असीम प्रेम और भक्ति का भाव समाहित है। 'राम का हर पल ध्यान लगाए' एक प्रेरणा देता है कि भक्त को अपने जीवन के हर पल में, हर स्थिति में श्रीराम का ध्यान करना चाहिए। भजन में कहा गया है कि 'राम के बिना इसे कुछ भी ना भाए', जो यह दर्शाता है कि भक्त के लिए श्रीराम का नाम ही सर्वोपरि है। भगवान श्रीराम की महिमा का गुणगान किया गया है, जैसे कि 'राम भजन जहाँ होता है वहां पे हाजिर रहता है' यह दर्शाता है कि जहां भक्ति होती है, वहां स्वयं भगवान उपस्थित होते हैं। इस भजन के माध्यम से भक्त अपनी आस्था और श्रद्धा को प्रकट करता है।

इस भजन का भावार्थ भक्त की मानसिकता की गहराई को खोलता है। 'जब जब राम पे विपदा आई, इसने संकट टाला' इस पंक्ति में यह प्रतिपादित है कि भक्ति की शक्ति विपत्तियों को टालने में समर्थ है। राम भक्ति में एक विशेष प्रकार का आनंद है, जो अन्य भौतिक वस्तुओं में नहीं मिलता। 'दिल लुभाए राम का नाम' यह एक गहरी समझ देते हैं कि किसी भी संकट में, भगवान का नाम जपना हमें सुकून और धारणा प्रदान करता है। भक्त पूरी श्रद्धा से श्रीराम को अपने हृदय में बसा लेता है और उनके गुणों का गान करता है।

यह भजन भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। 'देखो राम को रिझाए' इस पंक्ति में भक्त की भावना को दर्शाया गया है कि भगवान को प्रसन्न करना ही मुख्य उद्देश्य होना चाहिए। यह भजन हमें सिखाता है कि राम का नाम जपने से हम मानसिक शांति और भक्ति में प्रगाढ़ता पा सकते हैं। 'राम जी का मेरा बाबा' यह संकेत करता है कि श्रीराम केवल एक भगवान नहीं, बल्कि एक पिता की तरह हैं जो अपने भक्तों के साथ हमेशा रहते हैं। इस भक्ति मार्ग पर, भक्त को हर पल श्रीराम का स्मरण करना चाहिए।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

भक्ति के संदर्भ में, यह भजन रामायण के तत्वों पर आधारित है। रामायण में श्रीराम को 'धर्मराज' के रूप में जाना जाता है, जो सत्य और न्याय के प्रतीक हैं। इस भजन के माध्यम से भक्त अपने हृदय में श्रीराम की भक्ति को महसूस करता है। पुुराणों में विद्यमान भक्ति की शक्ति और श्रीराम की अद्वितीयता का उल्लेख है। हनुमान चालीसा जैसे ग्रंथों में भी भगवान हनुमान की सहायता से भक्तों द्वारा संकट टालने और राम की कृपा प्राप्त करने की बात की गई है। यह भजन हमें भक्ति और सेवा के महत्व को समझाता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। इस भजन का नियमित पाठ मानसिक तनाव को कम करने और आंतरिक शांति की अनुभूति में मदद करता है। यह भक्ति भाव से परिपूर्ण गान, भक्त को न केवल आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है, बल्कि एक सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह भी भरता है। राम का नाम जपने से जीवन में सुख-संपत्ति और समृद्धि की वृद्धि होती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जप सुबह की आरंभ में या संध्या समय सर्वश्रेष्ठ होता है। पूजा के समय एक दीया जलाना और पुष्प या फल का भोग अर्पित करना चाहिए। ध्यान अवस्था में बैठकर ध्यान लगाकर इस भजन का गान करते हुए मन को एकाग्र रखना चाहिए। एक शांत और स्वच्छ स्थान का चयन करना चाहिए, जिससे ध्यान लगाना सरल हो।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम का हर पल ध्यान लगाए भजन का महत्व क्या है?

यह भजन भक्त को श्रीराम के प्रति पूर्ण समर्पण और भक्ति का एहसास कराता है। यह संकटों का सामना करने की शक्ति प्रदान करता है।

इस भजन का सही समय और वातावरण क्या होना चाहिए?

सुबह सूर्योदय के समय या संध्या के समय इस भजन का पाठ करना शुभ होता है। शांत स्थान पर ध्यान लगाकर करेंगे तो अधिक लाभ होगा।

इस भजन का पाठ करने से क्या लाभ होते हैं?

इस भजन का नियमित पाठ मानसिक शांति, समर्पण और दिव्य कृपा की अनुभूति कराता है, जो जीवन में सुख-शांति लाने में सहायक होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 22 Aug 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!