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भक्ति रस काव्य व भजन

राम की राम ही जाने लिरिक्स (Ram ki ram hee jaane Lyrics in Hindi) - Tejaswini Sharma Ram Bhaajan - Bhaktilok

90 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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राम भक्ति की अनुपम धारा

राम की महिमा का बखान करते इस भजन में हम राम के दिव्य गुणों को समर्पित करते हैं।

राम की राम ही जाने लिरिक्स (Ram ki ram hee jaane Lyrics in Hindi) - सूरज चंदा तारे उसके धरती आसमानदिन भी उसका रात भी उसकी उसकी सुबह और शामराम की राम ही जाने राम.|| संत जानो की रक्षा हेतु धनुष राम ने धरादुष्टों का संहार किया भक्तों को पार उतारापहले था ना आगे होगा जैसे राजा रामदिन भी उसका रात भी उसकी उसकी सुबह और शामराम की राम ही जाने राम.|| आदर और सत्कार बड़ों का मात पिता की पूजाप्राण जाए पर वचन ना जाए नहीं उदाहरण दूजानहीं भाई कोई लक्ष्मण जैसा यति सटी बलवानदिन भी उसका रात भी उसकी उसकी सुबह और शामराम की राम ही जाने राम.|| मर्यादा पुरुषोत्तम की है लीला अजब न्यारीचरणों ठोकर से प्रभु की शिला हो गयी नारीराम कथा से ही मिल जाये सबको मुक्ति धामदिन भी उसका रात भी उसकी उसकी सुबह और शामराम की राम ही जाने राम.

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य विषय श्री राम की दिव्यता और उनके प्रति भक्तों की भक्ति है। पहले दो अंतरों में सूरज, चंद्रमा, तारे, धरती, और आसमान का जिक्र किया गया है, जो यह दर्शाते हैं कि राम की उपस्थिति सर्वव्यापी है। 'दिन भी उसका रात भी उसकी' यह पंक्ति इस सत्य को उजागर करती है कि राम केवल दिन में नहीं, बल्कि रात में भी भक्तों के लिए एक सच्चे मार्गदर्शक हैं। संतों की रक्षा और दुष्टों का नाश करने वाले राम को यहाँ पर उनके अनंत बल और न्याय का प्रतीक बताया गया है। यह संक्षेप रूप से राम के व्यक्तित्व की उस महानता को दर्शाता है, जिसने भक्तों को संकटों से पार लगाया।

भजन में तीसरे अंतरे में आदर, सत्कार और परिवारिक संबंधों का उल्लेख किया गया है। माता-पिता का सम्मान और भाई लक्ष्मण की दी गई उपमा, यह दर्शाती है कि राम केवल अपने आप में न्यायकर्ता नहीं, बल्कि सत्कर्म और आदर्शों का पूर्ण अनुकरण करते हैं। राम की भक्ति में 'प्राण जाए पर वचन ना जाए' का भाव है, जो यह बताता है कि वे वचनबद्धता और धर्म के मार्ग पर चलते हैं। राम का जीवन न केवल नायक की कहानी है, बल्कि आदर्श मानवता का भी उदाहरण है।

राम का चरित्र 'मर्यादा पुरुषोत्तम' के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यही वजह है कि भजन में माता, नारी और अन्य सामाजिक तत्वों का उल्लेख भी मिलता है। 'शिला हो गयी नारी' की पंक्ति यह दर्शाती है कि राम ने नारी का सम्मान और सुरक्षा की। राम कथा, जो रामायण का आधार है, श्रवण करने से हर कोई मोक्ष की प्राप्ति कर सकता है। यह भजन भक्ति मार्ग का सार प्रस्तुत करता है, जहाँ सभी को एकीकरण और ईश्वर के प्रति सच्ची भक्ति की प्रेरणा मिलती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का एक गहरा धार्मिक और सांस्कृतिक संदर्भ है। श्री राम का चरित्र भारतीय पौराणिक कथाओं में अत्यधिक महत्वपूर्ण है। रामायण में भगवान राम के कार्यों, उनके आदर्शों और उनके जीवन की गाथा का वर्णन मिलता है। उन्होंने दुष्टों का नाश कर और भक्तों की रक्षा करके सभी को मार्ग दिखाया। 'राम की राम ही जाने' इस पंक्ति के द्वारा यह जताया गया है कि राम की दिव्यता को केवल वही समझता है, जो सच्चे हृदय से उन्हें प्रणाम करता है। इस भजन के माध्यम से भक्ति और भक्ति मार्ग का महत्व समझाया गया है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। इस भजन का नियमित पाठ करने से मानसिक शांति और आंतरिक संतोष की प्राप्ति होती है। यह भक्तों के मन में सकारात्मक ऊर्जा भरता है और आत्मविश्वास को बढ़ाने का कार्य करता है। इसके अद्भुत गुणों को ध्यान में रख कर, भजन का जाप करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांती आती है जो व्यक्ति को आध्यात्मिक मार्ग की ओर ले जाती है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन के लिए सुबह या संध्या का समय सर्वोत्तम है। भक्तों को चाहिए कि वे इस समय ध्यान मुद्रा में बैठें, जलदीया जलाएं और श्रद्धा के साथ भजन का पाठ करें। मन में पूर्ण भक्ति और विश्वास रखें, जिससे राम के प्रति अटल आस्था प्रकट हो सके। पूजा स्थल को स्वच्छ रखें और पुष्प या नैवेद्य अर्पित करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का प्रमुख संदेश क्या है?

इस भजन का मुख्य संदेश राम की अनंत कृपा, दयालुता और भक्ति का महत्व है, जो भक्तों को त्रुटियों से ऊपर उठाते हैं।

क्या इस भजन को सुबह के समय गाना चाहिए?

हाँ, इसे सुबह या संध्या के समय गाना सबसे लाभकारी होता है, क्योंकि ये समय शांतचित्त से ईश्वर की कृपा प्राप्त करने के लिए अनुकूल होते हैं।

यह भजन रामायण से कैसे जुड़ा है?

यह भजन भगवान राम के जीवन और कार्यों को दर्शाते हुए रामायण से गहरे से जुड़ा हुआ है, जो हमें उनके आदर्शों और भक्ति का पालन करने की प्रेरणा देता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 21 Aug 2026

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