आज का पंचांग (Columbus) | सूर्योदय: ०४:२८ PM | सूर्यास्त: ०५:३५ AM
भक्ति रस काव्य व भजन

साथ दे दो राम तो शायद सुधर जायेंगे लिरिक्स (Sath De Do To Shayad Sudhar Jayenge Lyrics in Hindi) - Ram Bhajan Narci - Bhaktilok

69 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

 

साथ दे दो राम तो शायद सुधर जायेंगे लिरिक्स (Sath De Do To Shayad Sudhar Jayenge Lyrics in Hindi) - 


हम हैं राही भटकते रहे उमर भर

साथ दे दो तो शायद सुधर जायेंगे

हम हैं राही भटकते रहे उमर भर

साथ देदो तो शायद सुधर जायेंगे ||


तुमसे बांटी हर व्यथा

तुमसे बांटे आंसू

सीना है ये पत्थर सा

पर दिल तो अंदर नाज़ुक

सबको जोड़ गानों से

पर खुद में पूरा टूटा हूं ||


पन्नो को मैं राख करूं

या दिल ही जला दूं?

मैं भी तो इंसान प्रभु

मैं कर देता हूं गलती रोज

एक बार क्या बुरा बना ||


ये ढूंढ रहे हैं गलती रोज

गलती खोज रोज मेरी

एहसास मुझे ही देने लगे

तू कभी ना सुधरेगा

उठा के चल गलती का बोझ ||


आज अकेला फिर से हूं

पन्नो पे जज़्बात पड़े

बंदूक लगी बैचैनी की

दोनो मेरे हाथ खड़े

शिव तेरे मैं राम मेरे

किसको बोलूं दिल की बात ||


दो बजे बैठा थाअब सुबह 

के है पांच बाजे मेरे ही दर्द के

मैं सिलसिलों में खोया हूं

पछतावों के दागों को

कल ही दिल से धोया हूं ||


बिस्तर पे था लाश बना

कोशिश भी थी बड़ी करी

पर सच बोलूं तो राम मेरे

ना तीन दिनों से सोया हूं||


गलतियां हम किये होंगे

इंसान है माफ करना

फिर से है ये भारी दिल

दिन भी तो अजीब हुआ

तीस दिनों का एक महीना ||


मर के नसीब हुआ

जीने की इच्छा ना मेरी

फिर उठी है दिल में

फिर से टूटा दुनिया से मैं

राम तेरे करीब हुआ ||


तेरी बनाई दुनिया में

धोखे सुबह शाम मिले

दिल में ना भगवान मिला

पर सबको चारो धाम मिले ||


चित्रकूट भी घूम मैं

घूम लिया तेरी नगरी में

नाम तेरा तो रोज मिला

पर कभी नहीं श्री राम मिले

ऐसी भी क्या गलती करदी ||


छोड़ गये क्यों नाथ हमें

कल गिरा जो नीचे तो

कौन ही देगा हाथ हमें

कौन ही देगा साथ मेरा ||


शिव तेरे हे नाथ मेरे

शबरी बनके बैठा हूं

आस पड़ी है पास मेरे

राम तेरे ही गीतों में

शबरी बनके खोया हूं ||


इंतजार का बीज प्रभु

काले युग में बोया हूं

बिस्तर पे था लाश बना मैं

कोशिश मैंने बड़ी करी

पर सच बोलूं तो राम मेरे ||


ना तीन दिनों से सोया हूं।

हम हैं राही भटकते रहे उमर भर

साथ देदो तो शायद सुधर जायेंगे

हम हैं राही भटकते रहे उमर भर

साथ देदो तो शायद सुधर जायेंगे ||



प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "साथ दे दो राम तो शायद सुधर जायेंगे लिरिक्स (Sath De Do To Shayad Sudhar Jayenge Lyrics in Hindi) - Ram Bhajan Narci - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 30 Aug 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!