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भक्ति रस काव्य व भजन

तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये भजन लिरिक्स (Tune Mujhe Bulaya Sherawaliye Lyrics in Hindi) - Sherawai Bhajan Jeetendra Reena Roy - Bhaktilok

76 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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श्री शेरा वाली माता: भक्ति की ज्योति

इस भजन के माध्यम से साधक मातेश्री की कृपा का अनुभव करते हैं और भक्ति की शक्ति को पहचानते हैं।

तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये भजन लिरिक्स (Tune Mujhe Bulaya Sherawaliye Lyrics in Hindi) -साँची ज्योतो वाली मातातेरी जय जय कार।तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये मैं आया मैं आया शेरा वालिये।ज्योता वालिये पहाड़ा वालिये मेहरा वालिये॥सारा जग है इक बंजारासब की मंजिल तेरा द्वारा।ऊँचे परबत लम्बा रास्तापर मैं रह ना पाया शेरा वालिये॥सूने मन में जल गयी बातीतेरे पथ में मिल गए साथी। मुंह खोलूं क्या तुझ से मांगूबिन मांगे सब पाया शेरा वालिये॥कौन है राजा कौन भिखारीएक बराबर तेरे सारे पुजारी। तुने सब को दर्शन देकेअपने गले लगाया शेरा वालिये॥

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य विषय माँ शेरा वाली की महिमा एवं उन पर श्रद्धा व्यक्त करना है। भजन के पहले अंतरे में कहा गया है, 'तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये मैं आया', जो यह दर्शाता है कि भक्त ने मातेश्री को अपने हृदय में बुलाया और उनका ध्यान आकर्षित किया। इससे भक्त की प्रार्थना और श्रद्धा का भाव स्पष्ट होता है। आगे 'सारा जग है इक बंजारासब की मंजिल तेरा द्वारा' पंक्ति में यह संकेत है कि संसार में सभी जीव माता की ओर लौटने का प्रयास करते हैं, क्योंकि वे ही हमारी अंतिम मंजिल की पहचान कराती हैं। यहाँ 'ऊँचे परबत लम्बा रास्ता' का उल्लेख कर यह भी संकेतित किया गया है कि जीवन के मार्ग में अनेक कठिनाइयाँ आती हैं, लेकिन माता की कृपा से भक्त उन सभी पर विजय प्राप्त कर सकता है।

भावार्थ की दृष्टि से यह भजन भक्त के मन में एक गहरा संबंध स्थापित करने का संदेश देता है। 'सूने मन में जल गयी बाती' से स्पष्ट है कि जब भक्त के मन में माता की बातें बसी होती हैं, तब वह एक नई ऊर्जा से भर जाते हैं। यहाँ 'मुंह खोलूं क्या तुझ से मांगू' पंक्तियों में भक्त की विनम्रता की झलक मिलती है; वह यह दर्शाना चाहता है कि बिना माँगे ही माता सब कुछ देती हैं। इसी प्रकार, 'कौन है राजा कौन भिखारी' पंक्ति में यह स्पष्ट संकल्प दर्शाया गया है कि सभी साधक समान हैं और उनकी केवल एक ही माता है, जो उन्हें प्रेम और आशीर्वाद देती है।

तथागत ने भक्ति मार्ग की महत्ता को स्पष्ट करते हुए कहा है कि माँ की उपासना करने से भक्त को जीवन में असीमित प्रेम और शांति प्राप्त होती है। इस भजन में भक्ति मार्ग की विशेषता को दर्शाते हुए, यह संकेत मिलता है कि भक्त की भक्ति का फल अंततः समर्पण एवं आत्मदर्शन की ओर ले जाता है। धार्मिक ग्रंथों में माँ शेरा वाली की पूजा का अत्यधिक महत्व बताया गया है, जिससे भक्तों को मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धि मिलती है। यही भक्ति की सच्ची पहचान होती है, जो न केवल भक्त का आत्मा को पवित्र करती है, बल्कि उसे उस परम सत्ता के सन्निकटन का अनुभव भी कराती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

माँ शेरा वाली की पूजा का महत्त्व भारतीय धर्म में अत्यधिक गहरा है। यह पूजा कई पुराणों में वर्णित है, खासकर दुर्गा सप्तशती और देवी भागवत में। माना जाता है कि माँ शेरा वाली भक्तों की सभी इच्छाओं को पूर्ण करती हैं और कठिन समय में आश्रय देती हैं। भारतीय संस्कृति में माँ को सृष्टिकर्ता, पालनकर्ता और संहारक के रूप में देखा जाता है। इस भजन के माध्यम से भक्त अपनी आस्था व्यक्त करते हैं और जीवन की कठिनाइयों से उबरने के लिए माँ की बल्ली प्रदान करते हैं।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का नियमित जाप करने से भक्त को मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। यह ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है और भक्त को माँ की कृपा का अनुभव कराता है। साथ ही, यह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार लाने में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सुबह-सुबह सूर्योदय के समय करना उत्तम रहता है। साधक को एक साफ स्थान पर बैठकर, आरामदायक मुद्रा में रहना चाहिए। पूजा स्थान को स्वच्छ रखें और एक दीया जलाएँ। माता को फूल, फल और मिठाई अर्पित करके मन में श्रद्धा से भजन गाना चाहिए।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इस भजन का मुख्य संदेश माता शेरा वाली की महानता और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करना है। यह भक्त की भक्ति और संस्तुति का प्रतीक है।

क्या इस भजन का जाप किसी विशेष दिन किया जा सकता है?

इस भजन का जाप किसी भी समय किया जा सकता है, लेकिन विशेष रूप से नवरात्रि और मंगलवार को करना अधिक लाभकारी माना जाता है।

इस भजन को गाने का क्या महत्व है?

इस भजन को गाने से भक्त को मानसिक शांति, सकारात्मकता और माँ की कृपा का अनुभव होता है। यह आत्मिक उन्नति में सहायक है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 25 Aug 2026

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