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है करामात क्या इनके चरणों की रज में लिरिक्स (Hai Karamat Kya Inke Charano Ki Raj Lyrics in Hindi) - Pujya Prembhushan ji Maharaj - Bhaktilok

77 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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राम चरणों की करामात का अनुपम भजन

श्री राम के चरणों में समाई करुणा और कृपा का अनुभव करने हेतु यह भजन गुनगुनाएँ।

है करामात क्या इनके चरणों की रज में लिरिक्स (Hai Karamat Kya Inke Charano Ki Raj Lyrics in Hindi) - भरी उनकी आँखों में है कितनी करुणाजाकर सुदामा भिखारी से पूछो।है करामात क्या उनके चरणों की रज मेंजाकर के गौतम की नारी से पूछों ||कृपा कितनी करते हैं शरणागतों पेकृपा कितनी करते हैं शरणागतों पेबता सकते हैं यदि बता सकते हैं यदिमिलेंगे विभीषणपतितों को पावन वो कैसे बनातेजटायू सरिस मनसा हारी से पूछोहै करामात क्या उनके चरणों की रज मेंजाकर के गौतम की नारी से पूछों ||प्रभु कैसे सुनते हैं दुखियों की आहेंतुम्हें ज्ञात हो राजा बलि की कहानीनिराधार का कौन आधार है जग मेंये प्रश्न द्रुपद दुलारी से पूछोहै करामात क्या उनके चरणों की रज मेंजाकर के गौतम की नारी से पूछों ||क्षमा शीलता उनमें कितनी भरी हैबताएँगे भृगुजी वो सब जानते हैंहृदय उनका भावों का है कितना भूखाविदुर सबरी से बारी बारी से पूछोहै करामात क्या उनके चरणों की रज मेंजाकर के गौतम की नारी से पूछों ||

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य विषय श्री राम के चरणों की महिमा और उसमें समाई करुणा का गहरा भाव है। भक्ति भाव से भरे हुए इस गीत में सुदामा भिखारी, जो राम भक्त थे, से लेकर गौतम की पत्नी तक से विचार किया गया है कि श्री राम के चरणों की रज में कितना प्रभाव है। पहले अंतरे में सुदामा की भिक्षाटन की कहानी का उल्लेख किया गया है, जो राम की करुणा और उनकी कृपा का प्रतीक है। राम उन सभी शरणागतों पर कृपा करते हैं, जो उनके चरणों में आते हैं। यह विचार उत्पन्न करता है कि भगवान के चरणों की रज केवल एक भौतिक तत्व नहीं है, बल्कि यह श्रद्धा और भक्ति का संवहन भी है। जब भक्त राम की शरण में आते हैं, तो उनकी जीवन की समस्त कठिनाइयाँ समाप्त हो जाती हैं।

भजन में इस बात की ओर संकेत किया गया है कि भगवान श्री राम कैसे दुखियों की आहें सुनते हैं और हर संकट में उन्हें आश्रय देते हैं। राजा बलि की कहानी से यह बात स्पष्ट होती है कि भगवान उनके साथ हैं, जो अपने मन से शुद्ध हैं और जो हर संकट में सहारे के लिए प्रार्थना करता है। गीत में प्रश्न किया गया है कि निराधार का आधार कौन है, जो दर्शाता है कि श्री राम स्वयं ही इस संसार के लिए आधार हैं। हर जगह उन्होंने अपनी करुणा और सहायता प्रदान की है, यहाँ तक कि द्रुपद दुलारी जैसे पात्र भी उनके भयमुक्त आशीर्वाद का अनुभव करते हैं। यह दर्शाता है कि भक्ति में जिस तरह से व्यक्ति भगवान की शरण में जाता है, उसी तरह से उनके द्वारा शक्तिशाली उपहार मिलता है।

इस भजन में भक्ति मार्ग की गहराई दिखाई गई है, जिसमें बतलाया गया है कि श्री राम के चरणों में शरणागत होने का अर्थ है मैं स्वयं को समर्पित करता हूँ। उनके चरण किसी भी बाधाओं से मुक्त करते हैं और भक्त का उद्धार करते हैं। भृगु जी का उल्लेख इस बात का प्रमाण है कि जो लोग श्री राम में विश्वास रखते हैं, उनकी सभी कठिनाइयों का समाधान हो जाता है। श्री राम का हृदय साधारण लोगों के लिए खुला हुआ है; वे हमें प्रेम और करुणा की दृष्टि से देखते हैं। भक्ति मार्ग पर चलने वाले स्नातक न केवल संतोष पाते हैं, बल्कि अपने हृदय में असीम शांति का अनुभव भी करते हैं।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का महत्त्व पुराणों में भी उल्लिखित है, विशेषकर रामायण में जहाँ भगवान श्री राम का चरित्र व्यक्त किया गया है। यह भजन राम की करुणा और सहयोग का प्रतीक है, जो उनके चरणों की रज में बसे कार्यों को दर्शाता है। महाभारत में भी ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ भगवान ने अपने भक्तों की सुरक्षा की है। इस प्रकार, यह भजन सम्पूर्ण भक्तिजनों को प्रेरित करता है कि वे श्री राम की शरण में आकर उनके द्वारा प्रदत्त कृपा का अनुभव करें।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। इस भजन का गायन मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन लाने में सहायक होता है। यह साधक के हृदय को प्रेम और करुणा से भर देता है, जिससे एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नकारात्मक सोच को समाप्त कर, यह भजन एक आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाता है। नियमित रूप से इसका जाप करने से जीवन में स्थिरता और संतुलन स्थापित होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सुबह या शाम के समय किया जाना चाहिए। पूजा करते समय एक दीया जलाना और भगवान के चित्र के सामने सच्चे मन से भजन का पाठ करना चाहिए। यह सुनिश्चित करें कि मन पूरी तरह से साधना में लीन हो और भगवान के प्रति समर्पित हो। सबसे महत्वपूर्ण बात, भक्ति भाव और श्रद्धा से भजन गाना चाहिए।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भजन की मुख्य प्रेरणा क्या है?

भजन श्री राम के चरणों की महत्ता और उनके प्रति असीम करुणा का अनुभव करने हेतु प्रेरित करता है। यह भक्ति और श्रद्धा का एक अनुकरणीय उदाहरण है।

भजन का उमड़ा भावार्थ क्या है?

इसमें दर्शाया गया है कि भगवान श्री राम किस प्रकार अपने भक्तों के दुःख और शोक को सुनते हैं और उन्हें हर परिस्थिति में सहायता करते हैं।

क्या इसकी साधना से कुछ विशेष लाभ होता है?

निश्चित रूप से, यह भजन मानसिक और आध्यात्मिक शांति लाने के लिए जाना जाता है। इसे नियमित रूप से गाने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 25 Aug 2026

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