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भक्ति रस काव्य व भजन

शिवजी तेरे द्वार हम भी आयेंगे लिरिक्स (Shivji Tere Dwar Hum Bhi Ayenge Lyrics in Hindi) - Shiv Bhajan - Bhaktilok

61 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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शिव साधना: भक्तों का अनोखा समर्पण

शिवजी के चरणों में प्रेम और भक्ति से समर्पित यह भजन हमें अद्वितीय शांति और आंतरिक बल प्रदान करता है।

शिवजी तेरे द्वार हम भी आयेंगे गंगाजल से आपको हम नहलायेंगे जनम जनम का प्यासा ये मन तेरे शरण में ही आयेंगे हम हम दीवाने हो गये है आपके हर साँस में तेरे गुण गायेंगे बोलो बोलो बम बम तेरे मिट जाये गम दुःख दूर रहेंगे तुझसे जनम जनम शिवजी तेरे द्वार हम भी आयेंगे गंगाजल से आपको हम नहलायेंगे ||

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में भक्त जन शिवजी के चरणों में आने की सच्ची इच्छा प्रकट कर रहे हैं। 'शिवजी तेरे द्वार हम भी आयेंगे' का अर्थ है कि भक्तन केवल स्वर्गीय कष्टों से निवृत्त होने की आकांक्षा रखते हैं बल्कि वे भगवान शिव की शरण में जाकर सभी दुखों और पीड़ाओं से मुक्ति पाना चाहते हैं। गंगाजल से शिवजी का अभिषेक करने की इच्छा का निहितार्थ है कि भक्त उनके प्रति अपने सच्चे प्रेम और श्रद्धा का प्रदर्शन करते हुए उन्हें सच्ची भक्ति से नहलाना चाहते हैं। 'जनम जनम का प्यासा ये मन' का संकेत है कि मानव मन जन्म-जन्म के दुःख और कष्टों के बीच सदैव भगवान की शरण में रहने की याचना करता है।

भक्ति का यह भाव केवल याचना नहीं है, बल्कि गहरा भावनात्मक अनुभव है। भक्त कहते हैं, 'हम दीवाने हो गये हैं आपके', जिससे यह स्पष्ट होता है कि शिवजी की भक्ति में उन्हें एक खास आनंद और संतोष की अनुभूति होती है। इस भजन में 'हर साँस में तेरे गुण गायेंगे' का अर्थ है कि भक्त शिवजी के गुणों को अपने जीवन में उतारे बिना एक पल भी नहीं रहना चाहते। यह जनम-जनम की निवेदन होती है, जो यह दर्शाती है कि भक्त अपने जन्मों का संबंध शिवजी से जोड़कर उन पर विश्वास और श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं। 'बोलो बोलो बम बम' का जिक्र होते ही यह स्पष्ट हो जाता है कि यह भजन भक्ति और उत्साह से भरा हुआ है, जिसमें भक्त अपने कष्टों को दूर करने के लिए शिव का स्मरण कर रहे हैं।

इस भजन का गूढ़ अर्थ हमें भक्ति मार्ग की चर्चा करने की प्रेरणा देता है। शिवजी की पूजा और उनके प्रति समर्पण से न केवल भौतिक दुख दूर होते हैं, बल्कि आत्मिक विसंगतियां भी समाप्त होती हैं। शिव को 'महादेव' के रूप में पूजा जाता है, जो सभी दुखों का नाशक, और भक्तों का आश्रयदाता हैं। उनका नाम लेते ही समस्त क्लेश समाप्त हो जाते हैं, ऐसा विश्वास है। भक्तों की इस श्रद्धा का ध्यान रखते हुए, यह भजन यह दर्शाता है कि भक्ति मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति को निरंतर शिवजी की भक्ति में लीन रहना चाहिए। केवल शारीरिक पूजा नहीं, बल्कि अपने अंतर्मन की शुद्धि कर उन्हें अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

शिवजी के इस भजन का महत्व भारतीय पौराणिक साहित्यों में वर्णित शिव की महिमा से जुड़ा है। शिव पुराण, लिंग पुराण और अन्य उपनिषदों में भगवान शिव को सृष्टि के संहारक के साथ-साथ हर जीवन के संकट को दूर करने वाला करुणामय मानते हैं। भजन में उपयोग होने वाला गंगाजल का उल्लेख खास महत्व रखता है, क्योंकि गंगा को पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। भक्त यह समझते हैं कि गंगाजल से शिवजी का अभिषेक करने से उन्हें मानसिक शांति और शुद्धता मिलती है। इस भजन में शिव माता पारvati के प्रति भी भक्तों की श्रद्धा का प्रतिबिम्ब देखा जा सकता है।

भगवान शिव की महिमा, लिंगोत्पत्ति और पवित्र तीर्थों के विवरण के लिए शिव पुराण का संपूर्ण अध्ययन करें। इस भजन का नियमित जाप न केवल मानसिक तनाव को कम करता है, बल्कि भक्ति के साथ किया गया यह मुस्कान और संतोष का अनुभव भी कराता है। जो लोग इसे गहराई से गाते हैं, वे खुद को अधिक सकारात्मक महसूस करते हैं और जीवन में कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति देती है। यह भजन ध्यान और साधना के लिए एक उत्कृष्ट साधन है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का पाठ सुबह के समय या शिवरात्रि के दिन विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। पूजा के अवसर पर एक दीपक जलाकर, शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित कर, शुद्ध मन से भजन का जाप करना चाहिए। साधक को मन में भक्ति और श्रद्धा के साथ शिवजी के प्रति अपनी भावना को निवेदन करते हुए इस भजन का उच्चारण करना चाहिए।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

यह भजन शिवजी की भक्ति और उनकी कृपा की प्राप्ति के लिए किया जाता है, जिसमें भक्त शिवजी से सभी दुखों से मुक्ति की याचना करते हैं।

भजन के दौरान गंगाजल का क्या महत्व है?

गंगाजल को पवित्र माना जाता है। इसका उपयोग शिवजी के अभिषेक एवं उनके प्रति भक्ति भाव व्यक्त करने के लिए किया जाता है।

क्या इस भजन का नियमित पाठ किया जा सकता है?

हां, नियमित रूप से इस भजन का पाठ मानसिक शांति प्रदान करता है और भक्त के जीवन में सकारात्मकता लाता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 23 Aug 2026

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