आज का पंचांग | सूर्योदय: ०५:४५ AM | सूर्यास्त: ०६:५० PM
Punjabi Devi Bhajan

आया बुलावा भवन से भजन लिरिक्स (Aaya Bulava Bhawan Se Lyrics in Hindi) - Devi Bhajan LAKHBIR SINGH LAKKHA तेरे दर्श की धुन मे माता - Bhaktilok

243 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
आकार:
कंट्रास्ट:

 

आया बुलावा भवन से भजन लिरिक्स (Aaya Bulava Bhawan Se Lyrics in Hindi) - 


तेरे दर्श की धुन मे माता

हम है हुए मतवाले

रोक सकी ना आंधियां हमको

ना ही बादल काले

चढ़ चढ़ कठिन चढ़ाइया

बेशक पाँव में पड़ गए छाले

फिर भी तेरे दर आ पहुंचे

हम है किस्मत वाले

जय हो भवानी

जय जय महा रानी

तेरी जय हो भवानी

जय जय महा रानी

हो आया बुलावा भवन से मैं रह नहीं पाई

अपने पति संग चढ़ के चडाई नंगे पाँव आई

आया बुलावा भवन से मैं रह नहीं पाई

अपने पति संग चढ़ के चडाई नंगे पाँव आई

लाल चुनरी चढाऊं जय हो माँ

तेरी ज्योति जगाऊं जय हो माँ

लाल चुनरी चढाऊं जय हो माँ

तेरी ज्योति जगाऊं जय हो माँ

हो बस इतना वर चाहूँ मैं बस इतना वर पाऊं

दर्शन को हर साल सदा सुहागन ही आऊँ माँ

दर्शन को हर साल सदा सुहागन ही आऊँ

जय हो भवानी

जय जय महा रानी

तेरी जय हो भवानी

जय जय महा रानी

हे अखंड ज्योतों वाली माता मेरा भी अखंड सुहाग रहे

मेरा भी अखंड सुहाग रहे मेरा भी अखंड सुहाग रहे

सदा खनके चूड़ियाँ मेरे हाथों में सिंदूर बरी मेरी मांग रहे

सिंदूर बरी मेरी मांग रहे सिंदूर बरी मेरी मांग रहे

महके परिवार जय हो माँ

रहे खिली बहार जय हो माँ

महके परिवार जय हो माँ

रहे खिली बहार जय हो माँ

कलियों की तरह मुस्काऊ

कलियों की तरह मुस्काऊ

दर्शन को हर साल सदा सुहागन ही आऊँ माँ

दर्शन को हर साल सदा सुहागन ही आऊँ

तेरी जय हो भवानी

जय जय महा रानी माँ

तेरी जय हो भवानी

जय जय महा रानी माँ

अपने भगतो पर करती हो उपकार सदा

अपने भगतो पर करती हो उपकार सदा

हो ममता के खोले रहती हो भण्डार सदा

ममता के खोले रहती हो भण्डार सदा

मैं तो आई तेरे द्वार जय हो माँ

मेरे भाग्य सवार जय हो माँ

मैं तो आई तेरे द्वार जय हो माँ

मेरे भाग्य सवार जय हो माँ

तेरी नित नित ज्योति जगाऊं

तेरी नित नित ज्योति जगाऊं

दर्शन को हर साल सदा सुहागन ही आऊँ माँ

दर्शन को हर साल सदा सुहागन ही आऊँ

तेरी जय हो भवानी

जय जय महा रानी माँ

तेरी जय हो भवानी माँ

जय जय महा रानी माँ

मुझ को वर दो मेरा स्वामी तेरी भक्ति में मगन रहे

तेरी भक्ति में मगन रहे तेरी भक्ति में मगन रहे

जब तक यह जीवन रहे सरल लक्खा को तेरी लगन रहे

भक्तो को तेरी लगन रहे भक्तो को तेरी लगन रहे

तेरा सच्चा दरबार जय हो माँ

तेरी महिमा अपार जय हो माँ

तेरा सच्चा दरबार जय हो माँ

तेरी महिमा अपार जय हो माँ

चरणों में शीश निवाऊं

चरणों में शीश निवाऊं

दर्शन को हर साल सदा सुहागन ही आऊँ

दर्शन को हर साल सदा सुहागन ही आऊँ

हो आया बुलावा भवन से मैं रह नहीं पाई

अपने पति संग चढ़ के चडाई नंगे पाँव आई

लाल चुनरी चढाऊं जय हो माँ

तेरी ज्योति जगाऊं जय हो माँ

लाल चुनरी चढाऊं जय हो माँ

तेरी ज्योति जगाऊं जय हो माँ

हो मैं बस इतना वर पाऊं मैं बस इतना वर पाऊं

दर्शन को हर साल सदा सुहागन ही आऊँ माँ

दर्शन को हर साल सदा सुहागन ही आऊँ माँ

तेरी जय हो भवानी

जय जय महा रानी माँ

तेरी जय हो भवानी

जय जय महा रानी माँ

जय हो भवानी

जय जय महा रानी माँ

जय हो भवानी

जय जय महा रानी माँ

जय हो भवानी शेरावली

जय जय महा रानी


Also Read Maa Sherawali:

मां जगदम्बा के ५१ पवित्र धामों की यात्रा और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझने के लिए ५१ शक्तिपीठ दर्शन निर्देशिका अवश्य देखें।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 12 Aug 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!