सब मंगलमय कर देते हैं दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु लिरिक्स (Sab Mangalmay Kar Dete Hai Dakshinmukh Lyrics in Hindi) -
सब मंगलमय कर देते हैं
दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु
हर बिगड़े काम बनाते हैं
दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु।।
जो काम कोई ना कर सकता
ऐसे ही कितने काम किए
ऐसे ही कितने काम किए
सौ योजन की लंबी दूरी को
एक छलाँग मैं पार किए
एक छलाँग मैं पार किए
मुश्किल को सरल बनाते हैं
दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु
मुश्किल को सरल बनाते हैं
दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु
सब मंगलमय कर देते है
दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु।।
दक्षिण मैं जाकर के बजरंग
श्री राम का पूरा काम किया
श्री राम का पूरा काम किया
माँ सीता ने फिर इसीलिए
हनुमत को था वरदान दिया
हनुमत को था वरदान दिया
सियाराम के मन को भाते हैं
दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु
सियाराम के मन को भाते हैं
दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु
सब मंगलमय कर देते है
दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु।।
हर दिशा की महिमा अलग अलग
हर दिशा की महिमा है न्यारी
हर दिशा की महिमा है न्यारी
पर दक्षिणमुख के बजरंग पे
हो जाए निरंजन बलिहारी
हो जाए निरंजन बलिहारी
शनिदेव से मुक्त करते हैं
दक्षिण मुख के हनुमान प्रभु
शनिदेव से मुक्त करते हैं
दक्षिण मुख के हनुमान प्रभु
सब मंगलमय कर देते है
दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु।।
सब मंगलमय कर देते हैं
दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु
हर बिगड़े काम बनाते हैं
दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु।।
Singer - Lakhbir Singh Lakkha ***
🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "सब मंगलमय कर देते हैं दक्षिणमुख के हनुमान प्रभु लिरिक्स (Sab Mangalmay Kar Dete Hai Dakshinmukh Lyrics in Hindi) - by Lakhbir Singh Lakkha - Bhaktilok" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।
भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?
शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।
क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?
हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।
शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?
हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।
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