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भक्ति रस काव्य व भजन

लगा दी अर्जी अब आगे बजरंगबली की मर्जी लिरिक्स (Laga Di Arji Ab Aage Lyrics in Hindi) - ॐ श्री हनुमते नम by Anurag Maurya - Bhaktilok

50 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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हनुमान की कृपा: भक्ति का अद्भुत सफर

यह भजन भगवान हनुमान की भक्ति में समर्पित है, जिसके माध्यम से हम उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

लगा दी अर्जी अब आगे बजरंगबली की मर्जी जो होगा सो देखा जायेगा अब आगे बजरंगबली की मर्जी आपने राम के काज किये मेरी भी लाज रखों नादर दर मैं भटका हुआ जोली मेरी भर दो नाकर दो भला मेरे दाता बड़ी उम्मीद से लगाई अर्जीक्या माया क्या संसार दे दे अपनी भक्ति का दान अपनी शरण मे बुलालो हे बलवीरा जय हनुमान राह दिखो ओ हनुमन्ते छोड़ दी मै ने सारी खुदगर्जी

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य संदेश है हनुमान जी पर अटूट श्रद्धा एवं विश्वास। आरंभ में 'लगा दी अर्जी' का उल्लेख इसकी गहराई को दर्शाता है। भक्त भगवान हनुमान से निवेदन कर रहा है कि वे उसकी समस्याओं का समाधान करें। भक्त का यह विश्वास दिखाता है कि जो भी होगा, वह भगवान की मर्जी पर निर्भर करेगा। यहाँ पर 'राम के काज किए' पंक्ति से यह स्पष्ट होता है कि भगवान राम के कार्यों में भी हनुमान जी का योगदान है, और भक्त अपने कार्यों में श्रीराम जी की कृपा के लिए प्रार्थना कर रहा है। यह भजन केवल भक्ति को नहीं, बल्कि भगवान के प्रति असीम विश्वास को भी दर्शाता है।

भावार्थ की दृष्टि से, भक्त की मानसिक स्थिति अति भावुकता और उम्मीदों से भरी है। 'मेरी भी लाज रखो' का अर्थ केवल व्यक्तिगत समस्याओं से नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सम्मान, दया और सहानुभूति की भी अपील करता है। भक्त अपनी लाचारी और निर्बलता को भगवान के समक्ष प्रस्तुत करता है, जो साधारण मानव की स्थिति को दर्शाता है। 'अर्ज़ी' लगाने का कार्य उस आत्मसमर्पण का प्रतीक है जो भक्त अपने ईश्वर के प्रति करता है। इस भाव में पूरी श्रद्धा और भक्ति समाहित है, जिससे भक्त का ईश्वर के प्रति अटूट प्रेम प्रकट होता है।

इस भजन में भक्ति मार्ग का अनुसरण करना भी महत्वपूर्ण है। भक्त ने अपने सभी स्वार्थों को छोड़कर केवल हनुमान जी की शरण में जाने का निर्णय लिया है। यह भक्ति का वास्तविक स्वरूप है, जहाँ भक्त पूर्ण रूप से ईश्वर को समर्पित होकर उनके मार्ग का अनुसरण करता है। 'छोड़ दी मै ने सारी खुदगर्जी' पंक्ति के माध्यम से भक्त ने भक्ति की गहराई को दर्शाया है। भक्ति मार्ग में स्वार्थ का त्याग अत्यंत महत्वपूर्ण है, और इसे भजन का माध्यम बनाकर भक्त ईश्वर से सच्चे प्रेम का भाव व्यक्त करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

भगवान हनुमान की महिमा को विभिन्न हिन्दू ग्रंथों में बखूबी वर्णित किया गया है। रामायण में हनुमान जी के निष्ठा, साहस और बलिदान की कहानियाँ हैं, जो उन्हें भक्तों का एक अद्भुत वरदान बनाती हैं। महाभारत में भी हनुमान जी की महिमा का उल्लेख मिलता है, जहाँ उन्होंने पांडवों की सहायता की। हनुमान चालीसा में उनकी शक्ति और विश्वास का वर्णन किया गया है। यह भजन भी उसी अनुक्रम में हनुमान जी की कृपा तथा भक्तों की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। इस भजन का जाप करने से मानसिक शांति, आत्मविश्वास और भक्ति की भावना में वृद्धि होती है। हनुमान जी का स्मरण करने से भक्त को मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है और वे आध्यात्मिक रूप से उन्नति करते हैं। यह भजन जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और साहस को जगाता है, जिससे कठिन परिस्थितियों का सामना कर पाना संभव होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सुबह और शाम के समय करना शुभ माना जाता है। पूजा के समय एक दीया जलाकर भगवान हनुमान की तस्वीर के सामने बैठकर भक्ति भाव से इसे गाएँ। सबसे महत्वपूर्ण है मन की एकाग्रता और विशुद्धता। आस्था के साथ जाप करते समय सभी सांसारिक चिंताओं को छोड़कर केवल भगवान की भक्ति में लीन हो जाएं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन बॉलीवुड फिल्मों में भी गाया गया है क्या?

यह भजन खासतौर पर भक्तिभाव और श्रद्धा से गाया गया है, और इसे विभिन्न भक्ति प्रस्तुतियों में सुना जा सकता है। बॉलीवुड में हनुमान जी से जुड़े कई गाने हैं, लेकिन यह भजन उनका गुणगान करते हुए विशेष है।

क्या हनुमान जी का आराधना केवल संकट में ही करनी चाहिए?

हनुमान जी की आराधना को संकट के समय तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। नियमित पूजा और भजन गाने से भक्तिभाव बढ़ता है और जीवन में स्थायी सुख एवं शांति मिलती है।

क्या इस भजन का अर्थ है केवल व्यक्तिगत जरूरतें बताना?

इस भजन में धार्मिक और सामाजिक तत्व भी समाहित हैं। यह सिर्फ व्यक्तिगत जरूरतें बताने का नहीं, बल्कि दूसरों के प्रति करुणा और सहानुभूति व्यक्त करने का भी एक माध्यम है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 29 Aug 2026

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