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रामेश्वरम धाम तथा सेतु निर्माण की कथा (Rameshwaram Dham Tatha Setu Nirmaan Ki Katha Lyrics) - Char Dham Scene - Bhaktilok

66 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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रामेश्वरम धाम तथा सेतु निर्माण की कथा (Rameshwaram Dham Tatha Setu Nirmaan Ki Katha Lyrics) - 




जे रामेस्वर दरसनु करिहहिं। ते तनु तजि मम लोक सिधरिहहिं॥
जो गंगाजलु आनि चढ़ाइहि। सो साजुज्य मुक्ति नर पाइहि॥

अर्थात जो व्यक्ति मेरे द्वारा स्थापित रामेश्वरम आकर दर्शन करता है तत्पश्चात वह व्यक्ति अपने  नश्वर शरीर को त्याग करके मेरे बैकुंठ लोक आएगा। और जो व्यक्ति गंगाजल रामेश्वरम में स्थित ज्योतिर्लिंग पर चढ़ाएगा वह मुझसे एकाकार हो जाएगा अर्थात वह मुझ में विलीन हो जाएगा वह मोक्ष की ओर तत्पर हो जाएगा।

रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग भी 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी विशेषता इस बात से लगाई जा सकती है कि स्वयं निराकार शिव हमेशा राम का ध्यान और राम की कथा गुणगान करते रहते थे और राम भगवान भी शिव के उपासक थे। वह ब्रह्म मुहूर्त में शिव की आराधना किए बिना कोई कार्य नहीं करते थे ।

परम रम्य उत्तम यह धरनी। महिमा अमित जाइ नहिं बरनी॥
करिहउँ इहाँ संभु थापना। मोरे हृदयँ परम कलपना॥

अर्थात यहां की धरती उत्तम प्रतीत होती है और साथ ही साथ इसकी महिमा शब्दों में नहीं की जा सकती है। मैं यहां अपने भगवान शिव की स्थापना करूंगा यह विचार मेरे हृदय में आया है मैं यह संकल्प लेता हूं।

श्री रामेश्वरम धाम कँहा पर है - 
रामेश्वरम धाम तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में स्थित है। यहां हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी से घिरा हुआ है। यदि आप इसे दूर से देखेंगे तो इसकी आकृति शंख की तरह दिखेगी ।हालांकि कालांतर में हिंद महासागर की लहरों में भारत के मुख्य भूमि से अलग- थलग कर दिया । जिसके परिणाम स्वरूप इसके चारों ओर पानी भर गया और यह एक दीप का आकार ले लिया।




🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)

भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "रामेश्वरम धाम तथा सेतु निर्माण की कथा (Rameshwaram Dham Tatha Setu Nirmaan Ki Katha Lyrics) - Char Dham Scene - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।

भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)

सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।

🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)

राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।

राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?

भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।

क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?

हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 15 Aug 2026

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