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भक्ति रस काव्य व भजन

लेने आजा खाटू वाले रींगस के उस मोड़ पे लिरिक्स (Lene Aaja Khatu Wale Ringas Ke Us Mod Pe Lyrics in Hindi) - by Kanhiya Mittal khatu Shyam Bhajan - Bhaktilok

77 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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खाटू श्याम: रहनुमा भक्ति का आदर्श

इस भजन में खाटू श्याम के प्रति पूर्ण समर्पण और भक्ति व्यक्त की गई है।

लेने आजा खाटू वाले रींगस के उस मोड़ पे लिरिक्स (Lene Aaja Khatu Wale Ringas Ke Us Mod Pe Lyrics in Hindi) - आ गया मैं दुनियांदारीसारी बाबा छोड़ केलेने आजा खाटू वालेरींगस के उस मोड़ पैलेने आजा खाटू वालेरींगस के उस मोड़ पै।हार गया मैं इस दुनियां सेअब तो मुझको थाम लेकहा मुझे किसी श्याम भगत नेबाबा का तू नाम लेअपने पराए छोड़ गए सबदिल मेरा ये तोड़ केलेने आजा खाटू वालेरींगस के उस मोड़ पै।तीन बाण के कलाधारीकला मुझे भी दिखा दे तूजैसे दर्शन सबको देतावैसे मुझे करा दे तूअब मैं खड़ा हूँ द्वार तुम्हारेदोनों हाथ जोड़ केलेने आजा खाटू वालेरींगस के उस मोड़ पै।मैं ना जानूँ पूजा अर्चनतुझको अपना मान लियातू ही दौलत तू ही शौहरतइतना बाबा जान लियाअपना बना ले इस मित्तल कोदिल को दिल से जोड़ केलेने आजा खाटू वालेरींगस के उस मोड़ पै।मुझको है विश्वास मुझे तूइक दिन बाबा तारेगातुझ पे भरोसा करने वालाजग में कभी ना हारेगाजिनपे किया भरोसा मैंनेछोड़ गए वो रोड़ पेलेने आजा खाटू वालेरींगस के उस मोड़ पै।आ गया मैं दुनियादारीसारी बाबा छोड़ केलेके आजा खाटू वालेरींगस के उस मोड़ पेलेने आजा खाटू वालेरींगस के उस मोड़ पै

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन की मुख्य थीम श्रद्धा और भक्ति है, जहां भक्त खाटू श्याम से प्रार्थना करते हुए अपनी जीवन की कठिनाइयों को छोड़ने का आह्वान कर रहा है। पहले दो पंक्तियों में भक्त बताता है कि दुनियादारी का भार उसके कंधों पर है और वह अब अपने बाबा की शरण में आ गया है। 'आ गया मैं दुनियादारी सारी बाबा छोड़ के' का अर्थ है कि भक्त ने दुनिया के सांसारिक सुख-दुख को त्याग दिया है और अब वह केवल बाबा की शरण में है। भक्त ने महसूस किया है कि जीवन में सब कुछ अस्थायी है और केवल भगवान ही सच्चा साथी हैं। इसके बाद वह इस बात को रेखांकित करता है कि जब सब लोग उसे छोड़ गए हैं, तब उसे बाबा का असीम प्रेम और सत्य का विश्वास चाहिए। इस प्रकार का भक्ति भाव भक्त को अनेक मुश्किलों में भी एक निश्चित दिशा देता है।

इस भजन के भावार्थ में भक्त की निराशा और फिर शांति की खोज का वर्णन किया गया है। भक्त कहते हैं कि 'जैसे दर्शन सबको देता वैसे मुझे करा दे तू', यहाँ भक्त बाबा से विशिष्ट भगवान के दर्शन की प्रार्थना करता है। यह केवल भक्ति का एक रूप नहीं है, बल्कि आत्मा की गहराइयों से निकलने वाली एक विशिष्ट सच्चाई है। भक्त यह स्वीकार कर रहा है कि वह पूजा व अर्चना में शायद सक्षम न हो, लेकिन उनका विश्वास और प्रेम बाबा के प्रति सच्चा है। वे बाबा से यह प्रार्थना कर रहे हैं कि उन्हें अपने में समाहित कर लें और उन्हें अपनी कृपा का पात्र बनाएं।

भक्ति मार्ग का यह एक शानदार उदाहरण है, जहां भक्त अपने व्यक्तिगत अहंकार और इच्छाओं को न्यौछावर करने की भावना से भर जाता है। भक्त का यह विश्वास कि 'मुझको है विश्वास मुझे तू', हमें यह सिखाता है कि आत्मसमर्पण ही सच्ची भक्ति का आचरण है। यहां भक्त ने अपनी कमजोरी, अपनी प्रगति और विश्वास के साथ संबंध को तौला है। यह दिखाता है कि कैसे भक्त बाबा के प्रति एक शक्तिशाली आदर्श विकसित कर सकता है, जो उसे अपने जीवन की समस्याओं का सामना करने की शक्ति प्रदान करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का महत्व भारतीय संस्कृति में गहरा है। खाटू श्याम, जो भगवान कृष्ण के अवतार माने जाते हैं, भक्तों को सुरक्षा और आश्रय का आश्वासन देते हैं। पुराणों में खाटू श्याम की कथा एक प्रतिभाशाली एवं परमात्मा के रूप में स्थापित है, जो अपने भक्तों के कष्ट और संकट को दूर करते हैं। इस प्रकार की भक्ति गीत, जैसे 'लेने आजा खाटू वाले', पुर्वजन्मों की कठिनाइयों को पार करने और भक्तों की सच्ची भावना को व्यक्त करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का जाप करने से भक्तों को मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक शांति मिलती है। इससे मानसिक तनाव कम होता है और भक्त को एक सकारात्मक्ता की अनुभूति होती है। जब भक्त संपूर्ण भाव के साथ इस भजन का पाठ करते हैं, तो उनके हृदय में ईश्वर के प्रति प्रेम और श्रद्धा का जज़्बा बढ़ता है, जिससे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन होते हैं।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का पाठ करना सुबह या शाम के समय अधिक प्रभावशाली होता है। भक्त को एक साफ स्थान पर बैठना चाहिए, जहाँ वे ध्यान में स्थिर रह सकें। दीया जलाना और पुष्प अर्पित करना भजन की भक्ति में चार चाँद लगा देता है। मन को एकाग्र करके भगवान का नाम लेते हुए भजन का पाठ करना चाहिए, जिससे त्याग और समर्पण की भावना गहरी हो सके।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का अर्थ क्या है?

इस भजन में भक्त खाटू श्याम से कृपा की कामना करते हैं और दुनिया की सभी कठिनाइयों को छोड़कर भगवान की शरण में आने की प्रार्थना करते हैं।

क्या यह भजन विशेष अवसरों पर गाया जाता है?

यह भजन खासतौर पर भक्ति भजन संध्या या श्रद्धांजलि अवसरों पर गाया जाता है, जिससे भक्त अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकें।

क्या इस भजन का जाप व्यक्तिगत रूप से भी किया जा सकता है?

हाँ, यह भजन व्यक्तिगत पूजा में तथा साधना में भी गाया जा सकता है, जिससे लोग अपने रोजमर्रा के जीवन में भगवान की कृपा को अनुभव कर सकें।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Aug 2026

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