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राम से बड़ा राम का नाम (Ram Se Bada Ram Ka Naam Jo Sumire Bhav Paar Ho Jaye Lyrics in Hindi) - Shri ram Bhajan - Bhaktilok

90 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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राम का नाम: भक्ति और उद्धार का प्रभाव

राम से बड़ा राम का नाम भजन, भक्त के जीवन में प्रेम और उद्धार लाने वाला स्तुति।

राम से बड़ा राम का नामजो सुमिरे भव पार हो जाएबनेंगे बिगड़े सारे काम रे प्राणीउद्धार हो जाएराम से बड़ा राम का नामजो सुमिरे भव पार हो जाए ॥उल्टा नाम जपत जग जानावाल्मीकि भए ब्रम्ह समानाकी धुल गए उनके पाप तमामपरम पद अंत में पाएराम से बड़ा राम का नामजो सुमिरे भव पार हो जाए ॥सुमिरि पवनसुत पावन नामाअपने वश करी राखेउँ रामाहै उनके दिल में बसे श्री रामवो सीना फाड़ दिखलाएराम से बड़ा राम का नामजो सुमिरे भव पार हो जाए ॥कौशल्या माँ ध्यान लगाईपुत्र रूप में राम को पाईंअवध में जनम लिए श्री रामजो पावन धाम कहलाएराम से बड़ा राम का नामजो सुमिरे भव पार हो जाए ॥पाप और पापी से हारेधरती से जब संत पुकारेराम किए असुरों का संहारधरम ध्वज आके लहराएराम से बड़ा राम का नामजो सुमिरे भव पार हो जाए ॥जनम लेत तुलसी बोले रामरामबोला पड़ा उनका नामअंत में दरश दिए श्री रामरामायण उनसे लिखवाएराम से बड़ा राम का नामजो सुमिरे भव पार हो जाए ॥राम नाम पत्थर तैराएसागर पे सेतु बंधवाएशिला पे लिख दिया श्रीरामवो पत्थर डूब ना पाएराम से बड़ा राम का नामजो सुमिरे भव पार हो जाए ॥शबरी बैठी आस लगाएकुटिया में प्रभु राम जी आएभगत के वश में हुए भगवानवो झूठे बेर भी खाएराम से बड़ा राम का नामजो सुमिरे भव पार हो जाए ॥राम से बड़ा राम का नामजो सुमिरे भव पार हो जाएबनेंगे बिगड़े सारे काम रे प्राणीउद्धार हो जाएराम से बड़ा राम का नामजो सुमिरे भव पार हो जाए ॥

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मूल संदेश है कि 'राम का नाम' स्वयं भगवान राम से भी बड़ा है। भजन के आरंभ में कहा गया है कि जो व्यक्ति राम नाम का सुमिरन करता है, उसके सारे बिगड़े काम बनने लगते हैं और वह भवसागर को पार कर जाता है। यह भक्ति का बड़ा गुण है, जहाँ सच्चे प्रेम और श्रद्धा से भगवान का नाम लेकर मनुष्य अपने पापों और दोषों से मुक्त हो जाता है। वाल्मीकि का उदाहरण देकर यह बताया गया है कि एक साधारण व्यक्ति भी राम नाम जपने से उच्च आध्यात्मिक स्तर तक पहुँच सकता है और अपने सभी पापों को धो सकता है। यह विधान दर्शाता है कि राम नाम की महिमा असीमित है, जो जीवन में आशा, सुख और शांति लाने में सक्षम है।

भजन में भावार्थ की गहराई दिखाते हुए, इसको भावुकता से भरपूर बताया गया है। भगवान राम को 'पवनसुत' के साथ जोड़ा गया है, अर्थात राम का नाम लेने से मनुष्य पवित्रता और शक्ति प्राप्त करता है। सुमिरन की प्रक्रिया में भक्त की भक्ति और श्रद्धा की गहराई झलकती है। विशेष रूप से कौशल्या माँ का ध्यान और श्रद्धा से राम का जन्म लेना, यह दर्शाता है कि सच्चे भक्त के हृदय में राम बसे रहते हैं। भक्त की आस्था में राम का नाम सदा मौन होकर भी प्रत्यक्ष रहता है। इस भजन का उद्दीपन भक्तों को प्रेरित करता है कि वे अपने जीवन में राम नाम का समावेश करें।

यह भजन भक्ति मार्ग के उस तत्व को उजागर करता है, जहाँ सामान्य व्यक्ति भी राम नाम से अपने सर्वाधिक नीच कर्मों को छोड़कर, उच्च भावनाओं को ग्रहण कर सकता है। राम की संगति और उनके नाम का जप आत्मा की शुद्धि का साधन है। भक्ति मार्ग में प्रेम, समर्पण और राग-विराग की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। भक्ति की इस यात्रा में भक्त अपने अंतःकरण को शुद्ध करके राम में एकाकार होता है। यह भजन हमें सिखाता है कि केवल राम की भक्ति या नाम की उपासना से हम अपने सभी बुरे कर्मों का नाश कर सकते हैं और आध्यात्मिक मोक्ष की प्राप्ति कर सकते हैं।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह प्रार्थना, खासकर रामायण के संदर्भ में, राम द्वारा असुरों का संहार और धर्म की रक्षा को दर्शाती है। वाल्मीकि द्वारा लिखित रामायण में राम का नाम ही धर्म और सत्य का प्रतीक है। महाभारत तथा पुराणों में भी राम को पूर्ण परमात्मा माना गया है। इस भजन के माध्यम से भक्त राम नाम की महिमा से प्रेरित होकर अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के उद्धार की कामना करते हैं। यह भजन राम के अवतार की कथा और उनकी करूणा को भी उजागर करता है। शबरी का उदाहरण בכך कि किस प्रकार भगवान ने अपनी संगति में एक साधारण भक्त की भक्ति को मान दिया।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम का जप करने से मानसिक शांति, शुद्धता, और आत्मिक शक्ति में वृद्धि होती है। यह न केवल भक्त को मानसिक तनाव से मुक्त करता है, बल्कि आध्यात्मिक अनुभव को भी सशक्त बनाता है। इसके द्वारा भक्त अपने जीवन के सभी क्लेशों से उबर सकते हैं और स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं। सच्चे भाव से राम का नाम लेना जीवन में सुख और समृद्धि लाता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जप सुबह सूर्योदय से पहले या संध्या समय करना सर्वोत्तम माना गया है। पूजा के समय, लक्ष्मी, दुर्गा या राम की तस्वीर के समक्ष मूम्बत्ती या तेल का दीया जलाना चाहिए। ताजगी और पवित्रता का ध्यान रखते हुए, भक्त को एकाग्रता से बैठकर, मन में राम को समर्पित करते हुए नाम स्मरण करना चाहिए। यह ध्यान भक्त को मानसिक शांति और आध्यात्मिक विकास की ओर ले जाता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

राम का नाम लेने का विशेष महत्व क्या है?

राम का नाम लेने से भक्त को असीम शांति और शक्ति मिलती है। इसे धर्म और सत्य का सर्वोत्तम चिन्ह माना गया है।

इस भजन को नियमित रूप से गाने से क्या लाभ मिलते हैं?

यह भजन मानसिक तनाव को कम करता है, आत्मिक शक्ति को जागृत करता है और भक्ति में स्थिरता लाता है।

रामायण में राम नाम का क्या महत्व है?

रामायण में राम नाम को सभी पापों का क्षय करने वाला और मोक्ष का साधन माना गया है।

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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 27 Aug 2026

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