शिर्डी च्या साईं देवा दावा चमत्कार दावा लिरिक्स (Shirdi Chya Sai Dewa Dawa Chamatkar dawa Lyrics in Hindi) -
सोडूनिया आलो माझे मी घर दार
गाठला मी साई बाबा तूझा दरबार
शिर्डी च्या साईं देवा
आम्हा चमत्कार दावा
दावा चमत्कार दावा
शिर्डी च्या साईं देवा
करितोस रोज तू भक्तांची चाकरी
असा थोर आहेस तू देव अवतारी
तुझ्या चरणाशी देवा द्यावा विसावा
भाव माझ्या मनीचा तू जानूण घ्यावा
भाव माझ्या मनीचा तू जानूण घ्यावा
शिर्डी च्या साईं देवा
आम्हा चमत्कार दावा
तोड़लिस ना मर्जी कधी तू कुनाची
जानतो तू वेदना सर्वांचा मनाची
कृपा हस्त माझ्यावरी सदा तू ठेवावा
साईं साईं हाच मंत्र मनी अर्जावा
साईं साईं हाच मंत्र मनी अर्जावा
शिर्डी च्या साईं देवा
आम्हा चमत्कार दावा
अशक्य जे होते घडुनी आणिले
लंगड्याला साईं बाबा तू चालविले
रात दिन देह माझा सेवेत झिजावा
भजनात तुझ्या देवा चिम्ब चिम्ब व्हावा
भजनात तुझ्या देवा चिम्ब चिम्ब व्हावा
शिर्डी च्या साईं देवा
आम्हा चमत्कार दावा
सोडूनिया आलो माझे मी घर दार
गाठला मी साई बाबा तूझा दरबार
शिर्डी च्या साईं देवा
आम्हा चमत्कार दावा ...||
*** गायक :- शशिकांत मुंबरे ***
🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
शिरडी के साईं बाबा को समर्पित यह भजन "शिर्डी च्या साईं देवा दावा चमत्कार दावा लिरिक्स (Shirdi Chya Sai Dewa Dawa Chamatkar dawa Lyrics in Hindi) - Sai Bhajan - Bhaktilok" सबका मालिक एक होने के सिद्धांत को प्रतिपादित करता है। साईं बाबा का जीवन काल सादगी, प्रेम, सहिष्णुता और मानवता का संदेश देता है। इस भजन की सरल पंक्तियां भक्त को सीधे बाबा के दिव्य आशीर्वाद और करुणा से जोड़ती हैं।
भजन का मुख्य भाव श्रद्धा और सबूरी (धैर्य) का है। साईं बाबा अपने भक्तों को वचन देते हैं कि जो भी उनके द्वार पर आएगा, वह कभी खाली हाथ नहीं जाएगा। बाबा की उदी (भस्म) और उनके वचनों का स्मरण ही इस भजन का सार है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
साईं बाबा के भजनों के संकीर्तन से भक्तों के मन में धर्म-जाति के भेद से ऊपर उठकर प्राणी मात्र के प्रति प्रेम की भावना जागृत होती है। बाबा की पूजा में सादगी और शुद्ध अंतःकरण का विशेष महत्त्व है।
संतों और ऋषियों के आध्यात्मिक इतिहास की गहरी समझ के लिए संत एवं ऋषि ज्ञानकोश अवश्य पढ़ें। साईं बाबा के भजन से पारिवारिक शांति प्राप्त होती है, मन के द्वेष और कलह दूर होते हैं और साधक में संतोष तथा धैर्य का विकास होता है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
साईं बाबा की आराधना के लिए गुरुवार का दिन विशेष रूप से फलदायी है। साईं बाबा की मूर्ति या चित्र के सम्मुख दीप जलाकर, उदी का तिलक लगाएं और श्रद्धापूर्वक भजन गाएं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
शिरडी साईं बाबा की उपासना के दो मुख्य स्तंभ क्या हैं?
बाबा ने अपने भक्तों को 'श्रद्धा' (विश्वास) और 'सबूरी' (धैर्य) को जीवन का मूल आधार बनाने की शिक्षा दी थी।
साईं भजनों के संकीर्तन के लिए कौन सा दिन उत्तम है?
गुरुवार (गुरु दिवस) का दिन साईं बाबा के पूजन, व्रत और भजन संकीर्तन के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
साईं बाबा की 'उदी' का क्या महत्त्व है?
उदी बाबा की धूनी की पवित्र भस्म है। भक्तों का अटूट विश्वास है कि उदी धारण करने से शारीरिक बीमारियां और मानसिक कष्ट दूर होते हैं।
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