श्री सुब्रमण्य स्तोत्रम् (Shri Subramany Stotram Lyrics in Hindi) -
आदित्यविष्णुविघ्नेशरुद्रब्रह्ममरुद्गणः |
लोकपालः सर्वदेवः चराचरमिदं जगत् || 1 ||
सर्वं त्वमेव ब्रह्मैव अजमाक्षरमाद्वयम् |
अप्रमेयं महाशांतं अचलं निर्विकारकम् || 2 ||
निरालंबं निरभसं सत्तामात्रमचरणम् |
एवं त्वं मेध्या बुध्या सदा पश्यन्ति सूर्यः || 3 ||
एवमज्ञाननागदन्धतमोपहतचेतसः |
न पश्यन्ति तथा मुदः सदा दुर्गति हेतवे || 4 ||
विष्णुवादिनी स्वरूपाणि लीला लोकविदम्बनम् |
कर्तुमुद्यम्य रूपाणि विहदानि भवन्ति च || 5 ||
तत्तदुक्तः कथः सम्यक नित्यसद्गतिप्राप्तये |
भक्त्या श्रुत्वा पथित्वा च दृष्ट्या सम्पूज्य श्रद्धया || 6 ||
सर्वांकामनवाप्नोति भवदराधनतखलु |
मम पूजमनुग्रह्य सुप्रसीद भवनघा || 7 ||
चपलं मन्मथवशमर्यादमसूयकम् |
वंचकं दुःखजनकं पपिष्ठं पाहि माम प्रभो || 8 ||
सुब्रह्मण्यस्तोत्रमिदं ये पथन्ति द्विजोत्तमः |
ते सर्वे मुक्तिमयंती सुब्रह्मण्य प्रसादतः || 9 ||
इति श्री सुब्रह्मण्य स्तोत्रम् उत्तम ||
🙏 भजन का विस्तृत अर्थ और भावार्थ (Lyrics Meaning)
भगवान श्री रामचंद्र जी को समर्पित यह भजन "श्री सुब्रमण्य स्तोत्रम् (Shri Subramany Stotram Lyrics in Hindi) - Sri Subramanya Stotram - Bhaktilok" मर्यादा पुरुषोत्तम के पावन चरित्र का स्मरण कराता है। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस के सिद्धांतों के अनुसार, राम का नाम स्वयं राम से भी अधिक सामर्थ्यवान है। इस भजन की लय और शब्द भक्त को सीधे साकेत धाम की पावन चेतना से जोड़ते हैं।
भजन का प्रमुख भाव शरणागति का है। जब जीव समस्त सांसारिक प्रपंचों से थककर भगवान राम के चरणों में शरण लेता है, तो उसे परम अभय की प्राप्ति होती है। राम नाम की ध्वनि से वातावरण शुद्ध होता है और अंतःकरण में धर्म और सत्य के प्रति निष्ठा दृढ़ होती है।
🔍 भजन का विशेष महत्त्व और आध्यात्मिक लाभ (Significance)
सनातन ग्रंथों के अनुसार, राम नाम का जाप कलयुग का सर्वश्रेष्ठ साधन माना गया है। वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस में राम नाम की असीम महिमा गाई गई है। यह भजन साधक के मन में वैराग्य, संयम, दया और कर्तव्य परायणता जैसे नैतिक मूल्यों का संचार करता है।
प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। राम नाम के संकीर्तन से व्यक्ति का आत्मबल जागृत होता है, भय तथा शंकाओं का नाश होता है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखने की शक्ति प्राप्त होती है। यह पारिवारिक सौहार्द और मर्यादा की स्थापना में सहायक है।
🕒 साधना एवं गायन विधि (Chanting Rules)
राम भजन का संकीर्तन प्रातःकाल स्नान के पश्चात राम दरबार की प्रतिमा के सम्मुख घी का दीपक जलाकर करें। तुलसी की माला से राम नाम का जप करने के पश्चात इस भजन का गायन अत्यंत फलदायी होता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
राम भजन के गायन से क्या लाभ प्राप्त होते हैं?
राम भजन के संकीर्तन से मानसिक शांति, उत्तम चरित्र, और विपत्तियों में धैर्य बनाए रखने का आत्मबल प्राप्त होता है।
राम नाम जप के लिए सर्वश्रेष्ठ माला कौन सी है?
भगवान श्री राम के मंत्र जाप और संकीर्तन के लिए तुलसी की माला को सर्वश्रेष्ठ और अत्यंत पवित्र माना गया है।
क्या राम भजन बच्चों के संस्कारों के लिए उपयोगी है?
हाँ, भगवान राम के मर्यादापूर्ण चरित्र के भजन सुनने से बच्चों में बड़ों के प्रति सम्मान, सत्यप्रियता और उच्च नैतिक संस्कारों का विकास होता है।
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