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खाटूवाले सांवरे मैं तेरे द्वार आ गई (Tere Dwar Aa Gayi Lyrics in Hindi) - Shyam Bhajan Aparna Mishra - Bhaktilok

65 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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खाटूवाले श्याम: भक्ति का अनूठा संचार

इस भजन के माध्यम से भक्त भगवान श्याम के द्वार जाकर उनकी कृपा का अनुभव करते हैं।

खाटूवाले सांवरे मैं तेरे द्वार आ गई (Tere Dwar Aa Gayi Lyrics in Hindi) -सजा है आज तेरा दरबार सांवरेआई हूँ मैं लेके उपहार सांवरेआये हैं कितने बिगड़ी किस्मत लेकेपल में तूने दी है संवार सांवरेकरने आजा मैं नज़ारा तेरे धाम का खाटू वाले सांवरे मैं तेरे द्वार आ गईतेरे द्वार आ गई दरबार आ गईदरबार आ गई द्वार आ गईकरने आज मैं नज़ारा तेरे धाम काखाटूवाले सांवरे मैं तेरे द्वार आ गईतेरे सिवा मुझे कुछ ना भायेतेरी और ये दिल खिंचा आयेश्याम.........जादू है ये श्याम तेरे शिंगार कातुमसे मिलने को होके बेकरार आ गईतन पे डाल के ये चोला तेरे नाम काखाटूवाले सांवरे मैं तेरे द्वार आ गईलेके बाबा नाम तुम्हारामिट गया दुःख पल में हमाराश्याम........तूने दिया मुझे सुख संसार काकरने शुक्राना तेरे दरबार आ गईलेके हाथों में निशान तेरे नाम काखाटूवाले सांवरे मैं तेरे द्वार आ गईतेरे दरस की अँखियाँ प्यासीमुझे बना लो चरणों की दासीश्याम........देदो मौका बाबा सेवा सत्कार कातेरी सेवा करने बन के सेवादार आ गईपाने आज मैं सहारा तेरे प्यार काखाटूवाले सांवरे मैं तेरे द्वार आ गई

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में भक्त ने भगवान श्याम के दरबार में उपस्थित होने का पुण्य अनुभव प्रस्तुत किया है। पहले पंक्ति से ही यह समझ में आता है कि भक्त भगवान के प्रथम दर्शन का अनुभव करने में उत्सुक है। यहाँ 'खाटूवाले सांवरे' शब्द का उपयोग करके उनकी विशेषता और उनके प्रति श्रद्धा का परिचय दिया गया है। भजन में 'लौटकर आना' और 'उपहार' लेकर आना दर्शाता है कि भक्त ने अपने जीवन की कठिनाइयों के लिए भगवान के दरबार में आकर अपने मन की मांग प्रस्तुत की है। हर मोड़ पर भक्त ने उनकी कृपा का अनुभव करने का संकेत दिया है, जिसमें कहा गया है 'बिगड़ी किस्मत लेके आए हैं', जिससे स्पष्ट होता है कि कैसे भगवान ने पल भर में उनके जीवन को संवार दिया। श्याम की छवि यहाँ 'जादू' शब्द से व्यक्त की गई है, जो इस बात को दर्शाता है कि भक्त उनके प्रति कितना आकर्षित है।

इस भजन में भक्ति की गहराई और सच्चाई को दर्शाया गया है। भक्त की आवाज़ में व्याकुलता और प्रेम की गूंज सुनाई देती है। 'तेरे सिवा मुझे कुछ ना भाये' से इस बात का संकेत मिलता है कि भक्त ने अपने हृदय में केवल श्याम की उपस्थिति को महत्व दिया है। यहाँ भक्ति की उस अवस्था का वर्णन है जहाँ भक्त केवल अपने भगवान के पास जाकर उन्हें समर्पित होने की प्रार्थना करता है। 'तेरे नाम का चोला' पहनकर, भक्त ने श्याम की भक्ति को अपने शरीर का आभूषण बना लिया है। यह भजन एक संकल्प की तरह है, जिसमें भक्त ईश्वर के चरणों की दासी बनने की इच्छा व्यक्त करता है। यह भक्ति और प्रेम की अद्वितीय भावना को कार्य में लाता है।

इस भजन के माध्यम से भक्ति मार्ग की शक्तियों का वर्णन किया गया है। भक्त ने यह दर्शाया है कि भक्ति में सिर्फ भक्ति की भावना नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण भी शामिल है। 'सेवा सत्कार' के लिए इच्छा प्रकट करना, यह दर्शाता है कि भक्ति में कार्य और सेवा का भी बहुत बड़ा स्थान है। यह भजन उन सभी भक्तों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है जो भक्ति में गहराई से उतरना चाहते हैं और भगवान के प्रति अपने समर्पण को व्यक्त करना चाहते हैं। यह भावार्थ हमें सिखाता है कि सच्चे प्रेम और भक्ति के साथ श्रद्धा के माध्यम से परमात्मा की कृपा प्राप्त की जा सकती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

खाटू श्याम का अस्तित्व भारतीय भक्ति आंदोलन का एक विशेष अवतार है। उन्हें भक्तों के दुख-दर्द हरने वाला और उनकी इच्छाओं को पूर्ण करने वाला माना जाता है। इस भजन में दिव्य कृपा प्राप्त करने के लिए भक्त की भावना को चरितार्थ किया गया है। पुराणों में भगवान कृष्ण और श्याम के अनेक लीलाओं का वर्णन है, जो भक्त के हृदय को शांति और साहस देती हैं। इस भजन में वर्णित 'दरबार' हमें यह याद दिलाता है कि हर भक्त का भगवान के समक्ष निवेदन और आभार व्यक्त करने का स्थान है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का जाप करने से मानसिक शांति, सुख और समर्पण मिलता है। यह भक्तों को तनाव और चिंताओं से मुक्त करने में सहायक होता है। नियमित रूप से इस भजन का श्रवण करने से आत्म-विश्वास और सकारात्मकता बढ़ती है, जिससे जीवन में खुशियां और संतोष का आगमन होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सुबह-सुबह या संध्या समय करना उत्तम होता है। इसे करते समय एक दीप जलाएं और अपने सामने एक तस्वीर या श्री श्याम की मूर्ति स्थापित करें। ध्यान की मुद्रा में बैठें और पूरे मन से भगवान की कृपा का अनुभव करने का प्रयास करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का मूल उद्देश्य क्या है?

इस भजन का उद्देश्य भगवान श्याम से divine blessings प्राप्त करना और भक्ति की भावना को व्यक्त करना है। यह भजन भक्त के हृदय की गहराइयों से भगवान के प्रति निष्ठा को दर्शाता है।

क्या इस भजन का कोई विशेष दिन होता है?

इस भजन का जाप किसी भी दिन किया जा सकता है, लेकिन खाटू श्याम के विशेष त्योहारों जैसे होली और जन्माष्टमी पर इसका विशेष महत्व है।

इस भजन का प्रभाव कैसे होता है?

इस भजन का जाप करने से भक्त में सकारात्मकता, मानसिक शांति, तथा श्याम के प्रति भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता है, जिससे जीवन में सुख-शांति का अनुभव होता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 22 Aug 2026

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