आज का पंचांग (Columbus) | सूर्योदय: ०४:२३ PM | सूर्यास्त: ०५:४४ AM
भक्ति रस काव्य व भजन

प्यारे बाला जी हमरे भी दुःख टारो(pyaare bala ji hmre bhi dukh taaro lyrics in hindi) - bhaktilok

56 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

प्यारे बाला जी: संकटों का निवारण करने वाली आरती

मुमकिन नहीं कि आप बाला जी की आरती गाकर दुःखों से मुक्त न हो पायें।

 प्यारे बाला जी हमरे भी दुःख टारो(pyaare bala ji hmre bhi dukh taaro lyrics in hindi)प्यारे बाला जी हमरे भी दुःख टारोधुन :- मां दीये मुरतीये हस्स के मेरे नाल बोलप्यारे बाला जी, संकटमोचनहारो।अंजनी-नंदन-कष्ट-निकंदन, हमरे भी दुःख टारो।।महावीर विक्रम बजरंगी, पवनपुत्र हनुमाना।सुग्रीव सचिव कपीश केसरीया, महाबल बुद्धि निधाना।।रूद्र एकादश, राम भक्त बन, कौतुक कीन्हे भारो।प्यारे बाला जी...लांघ कर सत योजन सिन्धु, रामदूत हनुमाना।सीताशोक विनाश कियो कपि, लक्ष्मण प्राण निधाना।।हे रघुकुल के संकटहर्ता, नजरे कर्म डारो।प्यारे बाला जी...राम नाम के अनुपम रसिया, राम चरण अनुरागी।रामायण के महानायक, हे राम रत्न बढ़भागी।।हे जगरक्षक अजर-अमर हरि, अपना विरद निखारो।प्यारे बाला जी...

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

यह भजन भगवान हनुमान की विचित्र महिमा और भक्ति के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है। इस भजन के प्रारंभ में भक्त भगवान हनुमान को 'प्यारे बाला जी' कहकर पुकारते हैं, जो कि उनकी सजीवता और बाल रूप की याद दिलाता है। 'संकटमोचनहारो' का जप भक्तों में विश्वास जगाता है कि भगवान हनुमान हर संकट को दूर करने में सहायक हैं। अंजनी-नंदन और कष्ट-निकंदन का उल्लेख करके, भजन में भगवान की माता अंजना और उनके द्वारा कष्टों का निवारण करने की क्षमता का वर्णन किया गया है। यह दिखाता है कि भगवान हनुमान अपने भक्तों के दु:ख-दर्द को समझते हैं और उन्हें दूर करने का प्रयास करते हैं। भजन में 'महावीर विक्रम बजरंगी' कहते हुए उनकी अद्भुत शक्ति का वर्णन किया जाता है, जिस पर विश्वास कर भक्त अपने दुखों को दूर करने की प्रार्थना करते हैं।

भजन के अगले अंश में, 'लांघ कर सत योजन सिन्धु' की पंक्ति से भक्त भगवान हनुमान की अद्वितीय वीरता का अनुभव कराते हैं। यह हम सभी के लिए प्रेरणा है कि अगर हम सच में साहस, बल और भक्ति से भरे हों, तो कोई भी दीवार हमसे दूर नहीं कर सकती। 'सीताशोक विनाश कियो' इस पंक्ति में दिव्य कार्य का उल्लेख किया गया है, जिसमें हनुमान ने मां सीता के दुःख को दूर किया। इस भक्ति गीत में भक्त हनुमान के प्रति अपनी श्रेष्ठता और भक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं, यह विश्वास करते हुए कि उनके इस भक्ति स्वर से हर दुःख और संकट का नाश होगा। हनुमान जी की कृपा से ही लक्ष्मण को जीवनदान मिला था, जो इस भक्ति के महत्व को और बढ़ाता है।

इस भजन का आधार भक्ति मार्ग पर आधारित है, जिसमें भक्त भक्ति, प्रेम और भक्ति की गहराई से भगवान के प्रति समर्पण दिखा रहे हैं। हनुमान जी को 'जगरक्षक अजर-अमर हरि' कहकर यह संकेत दिया गया है कि वे न केवल संकटों से रक्षा करते हैं, बल्कि जीवन की गति में भी स्थिरता लाते हैं। 'राम नाम के अनुपम रसिया' की पंक्ति दर्शाती है कि भगवान हनुमान की भक्ति पूर्वजन्मों से चली आ रही है, और वे राम के चरणों में लीन रहते हैं। इस भक्ति का अर्थ केवल कष्टों का निवारण नहीं, बल्कि जीवन के हर चरण में भगवान का सान्निध्य प्राप्त करना है, जिससे भक्त को निरंतर सुख और शांति की अनुभूति होती है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन न केवल भगवान हनुमान की महिमा का वर्णन करता है, बल्कि शास्त्रों में भी उनका स्थान अत्यधिक महत्वपूर्ण है। रामायण में उनकी भूमिका को अनदेखा नहीं किया जा सकता, जहाँ उन्होंने श्री राम के साथ मिलकर रावण के खिलाफ लड़ाई लड़ी। हनुमान जी के कार्यों को 'भक्ति' की मिसाल मानते हुए, इस भजन में उनके लीलाओं और विशेषताओं का उल्लेख किया गया है। इसके माध्यम से हमें यह समझ में आता है कि संकटों का निवारण करना और देवताओं के प्रति भक्ति करना हमारे कर्तव्यों में शामिल है। हनुमान जी की महिमा का वर्णन गोस्वामी तुलसीदास ने भी रामायण में किया है, जिसे आज भी श्रद्धा और भक्ति के साथ पढ़ा जाता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन को गाने से मानसिक तनाव दूर होता है और आत्मा को शांति की अनुभूति होती है। जब भक्त इस भजन का जाप करते हैं, तो हनुमान जी की कृपा से दैहिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होते हैं। इसका नियमित जप करने से आत्मविश्वास बढ़ता है और कठिनाइयाँ समाप्त होती हैं।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का सधना सुबह या शाम के समय करना श्रेष्ठ माना जाता है, जब मन शांत होता है। दिव्य प्रकाश के लिए एक दिया जलाना और भगवान को फूल, फल या नैवेद्य अर्पित करना चाहिए। सही आसन में बैठकर, ध्यान लगाते हुए इस भजन का जप करना चाहिए। सच्चे मन से और श्रद्धा के साथ भजन गाना चाहिए।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्यारे बाला जी का अर्थ क्या है?

प्यारे बाला जी का अर्थ है भगवान हनुमान, जो संकटों को दूर करने और भक्तों की रक्षा करने वाले हैं।

इस भजन का महत्व क्या है?

यह भजन हनुमान जी की महिमा को दर्शाता है और संकटों के निवारण की आशा रखता है। इसकी भक्ति से भक्त की परेशानियाँ दूर होती हैं।

कौन सी पूजा विधि इस भजन के लिए उपयुक्त है?

इस भजन को सुबह या शाम के समय पूजा करते समय गाना चाहिए। एक दिया जलाकर और श्रद्धा से फूल अर्पित करना चाहिए।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 26 Aug 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!