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हनुमत तेरे नाम का डंका लिरिक्स (Hanumat Tere Naam Ka Danka Lyrics in Hindi) - Hanuman Bhajan Sonia Yadav - Bhaktilok

64 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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हनुमान जी की महिमा का गुंजन

इस भजन के माध्यम से भक्त हनुमान जी की असीम कृपा को स्मरण करते हैं।

हनुमत तेरे नाम का डंका बजता चहु और है तेरी महिमा का बालाजी तेरी महिमा का बागेश्वर तेरी महिमा का बालाजी कोई ना छोर है लाल लंगोटा तन पे सोहे नाम की महिमा भारी तेरी जय जैकार करे है बाबा दुनिया सारी किस्मत का ताला तू तो पल में दे खोल रे तेरी महिमा का बालाजी कोई ना छोर है राम की सेवा तेरी मंज़िल और ना कुछ भी चाहा खाली झोली उनकी भरता जो भव से शीश झुकाये तुझ जैसी भक्ति की ना करता मैं होड़ रे तेरी महिमा का बालाजी कोई ना छोर है अपने मन सियाराम बिठाये रघुकुल सेवकारी रागी पे भी कृपा करदो आई शरण तिहारी अब तो उतारो मारुती संकट का बोझ रे अब तो उतारो बागेश्वर संकट का बोझ रे तेरी महिमा का बालाजी तेरी महिमा का बागेश्वर तेरी महिमा का बालाजी कोई ना छोर है

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

यह भजन हनुमान जी की महिमा का गुणगान करता है और उनकी अनुकम्पा का आह्वान करता है। 'हनुमत तेरे नाम का डंका' पंक्ति से पता चलता है कि हनुमान जी के नाम का कीर्तन हर दिशा में हो रहा है। इसके माध्यम से भक्त उनकी अत्यधिक महिमा का गुणगान करते हैं, जिसे 'बालाजी' और 'बागेश्वर' के रूप में संदर्भित किया गया है। यह संकेत देता है कि हनुमान जी की उपासना से हर संकट और दुःख का अंत संभव है। भक्त हर एक पंक्ति में उनके प्रति अपनी भक्ति और श्रद्धा प्रकट करते हैं। महिमा का बखान करते हुए यह भी कहा गया है कि हनुमान जी के चरणों में समर्पण करने से व्यक्ति की किस्मत के ताले भी खुल जाते हैं, जो दर्शाता है कि उनकी कृपा से सभी बाधाएं दूर हो सकती हैं।

भावार्थ के लिहाज से यह भजन हनुमान जी के प्रति समर्पण और भक्ति की गहराई को दर्शाता है। पंक्ति में 'राम की सेवा तेरी मंज़िल और ना कुछ भी चाहा' भक्त की एकाग्रता और भक्ति की सच्चाई को प्रतिबिंबित करती है। भक्त ईश्वर की सेवा में ही अपनी मोक्ष की आकांक्षा रखते हैं। 'खाली झोली उनकी भरता जो भव से शीश झुकाये' का अर्थ है कि जिन भक्तों का समर्पण सच्चा होता है, उनके जीवन में कृपा का संचार होता है। यह बताता है कि हनुमान जी सच्चे भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण करते हैं। भक्त ने यह भी कहा है कि 'तुझ जैसी भक्ति की ना करता मैं होड़ रे', जो यह इंगित करता है कि उन्होंने हनुमान जी की भक्ति को जीवन का सर्वश्रेष्ठ मूल्य माना है।

भक्ति मार्ग का यह संदेश सरल और व्यापक है। हनुमान जी की भक्ति केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह आत्मा के साथ एक गहरा संबंध है। 'अपने मन सियाराम बिठाये रघुकुल सेवकारी' पंक्ति हमें यह प्रेरित करती है कि हमें अपने मन में राम का नाम बसाना चाहिए और हनुमान जी को अपने आदर्श मानना चाहिए। इससे न केवल व्यक्तिगत विकास होता है, बल्कि समाज में भी सकारात्मकता का संचार होता है। भक्ति का यह मार्ग विश्वास, समर्पण और आत्म-साक्षात्कार की ओर ले जाता है, जहां भक्त अपने ईश्वरीय संबंध को अति गहराई से महसूस करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन हनुमान जी की महिमा का बखान करता है, जिन्होंने राम जी की सेवा में अपने जीवन को समर्पित किया। रामायण में हनुमान जी का चरित्र अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि वे न केवल युद्ध के महानायक थे, बल्कि भक्तों के संकटों का समाधान भी करते थे। यह भी कहा जाता है कि जहां हनुमान जी का नाम लिया जाता है, वहां सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं। पौराणिक कथाएं हमें सिखाती हैं कि भक्ति में सबसे बड़ा बल होता है, और हनुमान जी इस सच्चाई के जीते जागते उदाहरण हैं।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान जी का नाम जपने से मानसिक शांति मिलती है और मानसिक तनाव में कमी आती है। इस भजन को सुनने और गायन करने से आत्मविश्वास में इजाफा होता है और नकारात्मकता दूर होती है। हनुमान जी की महिमा को स्मरण करते हुए, व्यक्ति की भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि होती है, जिससे जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन को सुबह-सुबह या संध्या के समय गाना सर्वोत्तम रहता है। भजन गायन के दौरान एक दीपक जलाना और फूल चढ़ाना विशेष फलदायी माना जाता है। ध्यान और श्रद्धा के साथ इस भजन का पाठ करना चाहिए, और मन को हनुमान जी के प्रति समर्पित करना चाहिए।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हनुमत तेरे नाम का डंका भजन का क्या अर्थ है?

इस भजन का अर्थ हनुमान जी के नाम का गुणगान करना और उनकी महिमा का बखान करना है। यह भक्त उनकी असीम कृपा को स्मरण करते हैं।

इस भजन का पाठ करने के क्या लाभ हैं?

इस भजन का पाठ करने से मन की शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मकता प्राप्त होती है। भक्तों के सभी संकट दूर होते हैं।

हनुमान जी की भक्ति का महत्व क्या है?

हनुमान जी की भक्ति पौराणिक कथाओं में अत्यधिक महत्वपूर्ण है। वे भक्तों के संकटों का समाधान करते हैं और पूर्ण भक्ति से भक्तों को सुख और शांति प्रदान करते हैं।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 22 Aug 2026

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