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भक्ति रस काव्य व भजन

खाटू श्याम तेरा नाम मैं पुकारूं सुबहो शाम (khatu shyam tera naam main pukarun subha sham Lyrics in Hindi)

36 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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खाटू श्याम: संकटमोचन की महिमा

खाटू श्याम का यह भजन हमें आस्था और विनम्रता के साथ भक्ति करने की प्रेरणा देता है।

खाटू श्याम तेरा नाम मैं पुकारूं सुबहो शाम (हार गया हूँ, टूट गया हूँ,मुझे लेना, तुम संभाल बाबा।तेरे बिना, इस जग में बोलो, कौन सुने, मेरा हाल बाबा॥)खाटू श्याम, तेरा नाम, मैं पुकारूं, सुबहो शाम॥मैं, दर तेरे आया, लेकर, झोली खाली, ओ दुनियाँ के वाली, कर नजर मेहर वाली।ओ दुनियाँ के वाली, कर नजर मेहर वाली...मेरी मुश्किल, का कर इंतजाम, बन जाए काम, खाटू श्याम...खाटू श्याम, तेरा नाम, मैं पुकारूं, सुबहो शाम॥सुना है तूँ, हारे का, सहारा श्याम जी, कितनी, जिंदगीयों को, संवारा श्याम जी।आखिरी, उमीद मेरी, तूँ खाटू नरेश, मैं भी तो हूँ, किस्मत का, मारा श्याम जी।मैं भी तो हूँ, किस्मत का, मारा श्याम जी...तूँ मंजिल है, तूँ ही अंजाम, बन जाए काम, खाटू श्याम...खाटू श्याम, तेरा नाम, मैं पुकारूं, सुबहो शाम॥शीश के, दानी तूँ सबका, दाता है प्रभु, कलियुग का, राजा, कहा, जाता है प्रभु।तीन बाण, धारी मुझे, रस्ता दिखा, पल पल, मन, घबराता है प्रभु।पल पल, मन, घबराता है प्रभु...मेरे, दिल का, तूँ बन आराम, बन जाए काम, खाटू श्याम...खाटू श्याम, तेरा नाम, मैं पुकारूं, सुबहो शाम॥दिल से, फरियाद, निकली है सरकार, डूबती, नईया को तूँ, लगा दे उस पार।तेरी, चौखट पे तेरा, हो के आ गया, तेरा ही, रहूँगा, अब लख दात्तार।तेरा ही, रहूँगा, अब लख दात्तार...मेरा जग में, हो रोशन नाम, बन जाए काम, खाटू श्याम...खाटू श्याम, तेरा नाम, मैं पुकारूं, सुबहो शाम॥

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य थीम भक्ति और विनम्रता है, जहां भक्ति भाव व्यक्त किया गया है कि भक्त अपने दुःख और परेशानी के लिए श्याम जी की शरण में जाता है। पहले अंतरे में कहा गया है कि जब भक्त बुरे समय से गुजरता है, तब वह खुद को हार गया मानता है और भगवान से प्रार्थना करता है कि वे उनकी सहायता करें। यह इस बात का निर्देश है कि कैसे व्यक्ति को अपनी सभी वृत्तियों और दुखों को भगवान के सामने समर्पित करना चाहिए। "तेरे बिना, इस जग में बोलो, कौन सुने, मेरा हाल बाबा" से यह स्पष्ट हो जाता है कि भक्त को केवल श्याम जी पर भरोसा है।

भावार्थ के अनुसार, भक्ति एक गहरी केन्द्रीयता और समर्पण का परिचायक है। भक्त की व्यथा और पीड़ा स्पष्ट होती है, जहां वह कहता है कि उसने हर उम्मीद त्याग दी है और केवल भगवान पर निर्भर है। यह सूक्त 'कितनी जिंदगीयों को संवारा श्याम जी' गोपेश्वर श्याम के लोक में अति महत्वपूर्ण उपदेश है कि भगवान वास्तव में हारे हुए लोगों का सहारा बनते हैं। भक्ति की इस भावना से भक्त अपनी कठिनाइयाँ दूर करने के लिए भगवान की कृपा के लिए प्रार्थना करता है। सम्पूर्ण भजन यह दर्शाता है कि सच्चे भाव से की गई प्रार्थना में अपार शक्ति होती है।

भक्त की भावना और आस्था का महत्वपूर्ण बिंदु यहां यह है कि भगवान ही अंतिम मंजिल और अद्वितीय सहारा हैं। भजन में 'तूँ ही अंजाम' और 'बन जाए काम, खाटू श्याम' की पंक्तियाँ भक्ति मार्ग (भक्ति मार्ग) का सार दर्शाती हैं। सच्ची भक्ति में श्रद्धा और विश्वास होनी चाहिए; इसमें भक्त की आत्मा के हर कण से भगवान की खोज होती है। ये भावार्थ भक्ति के अनंत स्वरूप को प्रकट करते हैं, जो संवेदनाएँ और दृढ़ता के साथ अग्रसर होती हैं। यहाँ पर श्याम जी को कलियुग के राजा कहा गया है, जो भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन खाटू श्याम के प्रति विश्वस्त श्रद्धा को व्यक्त करता है। पौराणिक संदर्भों में, खाटू श्याम को हनुमान जी का अवतार माना जाता है, जो भक्तों की सभी इच्छाएँ पूरी करते हैं। हिन्दू धर्म में भक्ति और आत्मा की शुद्धता पर ध्यान दिया जाता है। कई पुराणों, जैसे कि स्कंद पुराण, में खाटू श्याम की कथा का वर्णन मिलता है। भक्तों का मानना है कि वह संकटों में हारे हुए लोगों की मदद करने वाले तथा कलियुग में भक्तों के लिए आश्रय स्थल हैं। इस प्रकार, इस भजन का महत्व केवल भक्ति दिखाने में नहीं है, बल्कि यह भक्त की अदृश्य, अत्यंत गहरी और व्यक्तिगत संबंध को भी प्रकट करता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का जाप करने से मानसिक शांति, आत्मविश्वास, और सकारात्मकता बढ़ती है। जब भक्त खाटू श्याम का नाम जपते हैं, तो उनकी आत्मा को ऊर्जा और बल मिलता है। यह भजन हृदय की विषाद और निराशा को दूर करने में मदद करता है, जिससे एक सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। नियमित रूप से इस भजन का जाप करने से भक्‍त की समस्याएं हल होती हैं और मन में स्थिरता और संतोष प्राप्त होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप सुबह सूर्योदय के समय या शाम को करें। पूजा करते समय एक दीपक जलाएं और शुद्ध मन से भगवान के प्रति अपना ध्यान लगाएं। अनामिका से श्याम जी की मूर्ति पर नतमस्तक हो कर प्रार्थना करें। शुद्धता और प्रेम के भाव से भजन का पाठ करें ताकि भावना को भगवान तक पहुंचाया जा सके। इसकी जड़ीबूटियाँ और फूल छड़ी के रूप में अर्पित कर सकते हैं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

खाटू श्याम के बारे में क्या विशेष मान्यता है?

खाटू श्याम को हारे हुए लोगों का सहारा माना जाता है। भक्तों का विश्वास है कि उनकी आध्यात्मिक और भौतिक समस्याओं का समाधान भगवान ही करते हैं।

इस भजन से क्या लाभ प्राप्त होता है?

इस भजन का जाप करने से मानसिक शांति, आत्मबल, और सकारात्मकता में वृद्धि होती है। भक्तों का जीवन अधिक संतुलित और सुखद हो जाता है।

क्या इस भजन का कोई विशेष समय है?

इस भजन का जाप सुबह सूर्योदय के समय या शाम को करना अधिक लाभकारी माना जाता है। उचित पूजा और ध्यान से भजन का पाठ करना चाहिए।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 24 Aug 2026

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