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नंदना नंदना होता रामचा नंदना (Nandna Nandna Hota Ramcha Nandna Lyrics in Hindi) - भक्तिलोक

108 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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राम का नंदन: भक्तिपूर्ण भजन

इस भजन के माध्यम से भगवान राम की कृपा प्राप्त करने की प्रेरणा पाएं।

नंदना नंदना होता रामचा नंदना नांदन-नांदन होत रमाचं नांदन अगं, नांदन-नांदन होत रमाचं नांदन भिमाच्या संसारी जसं टिपुर चांदण (भिमाच्या संसारी जसं टिपुर चांदण) (भिमाच्या संसारी जसं टिपुर चांदण) धनी असता मुलखातीरी पार पाडी कर्तव्य सारी धनी असता मुलखातीरी पार पाडी कर्तव्य सारी पाणी श्रमानं शेंदन असं रमाचं नांदन पाणी श्रमानं शेंदन असं रमाचं नांदन (भिमाच्या संसारी जसं टिपुर चांदण) (भिमाच्या संसारी जसं टिपुर चांदण) नव्हती गरीबी तीजला नवी होती परिचित माहेर गावीनव्हती गरीबी तीजला नवी होती परिचित माहेर गावीकंबर कसून बांधनं असं रमाचं नांदन कंबर कसून बांधनं असं रमाचं नांदन (भिमाच्या संसारी जसं टिपुर चांदण) (भिमाच्या संसारी जसं टिपुर चांदण)

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन 'नंदना नंदना होता रामचा नंदना' में भगवान राम की कोंपल रूप में विवेचना की गई है। 'नंदना नंदना' का अर्थ है आनंदित करने वाला, जो जीवन में सुख और शांति का एहसास कराता है। विशेष रूप से जब यह कहा जाता है कि 'भिमाच्या संसारी जसं टिपुर चांदण', तो भगवान राम की सुंदरता और शांति की तुलना चाँद की उज्ज्वलता से की जाती है। यह भक्तों को इस बात की प्रेरणा देता है कि जैसे चाँद सभी को रोशनी देता है, वैसे ही भगवान राम सभी को ज्ञान और सुख देने वाले हैं। यहाँ तक कि 'धनी असता मुलखातीरी, पार पाडी कर्तव्य सारी' में यह संदेश है कि जीवन में जिम्मेदारियों का पालन करते हुए, हम राम के चरणों में स्थान पा सकते हैं।

भजन में 'पाणी श्रमानं शेंदन असं रमाचं नांदन' का पंक्ति भाव में एक गहरा अर्थ है। यह पंक्ति बताती है कि भगवान राम ही हमारे भक्ति और ध्यान का जीवनदायिनी तत्व हैं। उनकी उपासना न केवल भौतिक जीवन में हमें संतोष देती है, बल्कि आत्मिक शांति भी प्रदान करती है। 'नव्हती गरीबी तीजला नवी' में यह संदेश है कि जब हम भगवान की शरण में आते हैं, तब दुनिया की सभी समस्याएं और गरीबी का बोझ हल्का हो जाता है। इस प्रकार, यह भजन हमें अभाव और कठिनाई से बाहर निकलने का मार्गदर्शन करता है।

इस भजन के माध्यम से भक्तियोग का गहरा तत्व प्रकट होता है। भक्तियोग अर्थात भक्ति का मार्ग, जिस पर चलकर हम भगवान के प्रति स्वयं को समर्पित करते हैं। 'कंबर कसून बांधनं असं रमाचं नांदन' में यह आदेश है कि हमें अपने जीवन में दायित्त्व को निभाते हुए भगवान की भक्ति को प्राथमिकता देनी चाहिए। भक्ति मार्ग जीवन में एक प्रमुख सिद्धांत है, जिससे व्यक्तित्व के विकास और अनंत आनंद की प्राप्ति होती है। यह भजन इस रास्ते पर चलने हेतु प्रेरित करता है, जहां भक्त अपने हृदय में भगवान राम की उपस्थिति का अनुभव करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

इस भजन का धार्मिक एवं पुरातात्त्विक संदर्भ रामायण से जुड़ा हुआ है, जहां भगवान राम को आदर्श मानव और भक्तों के एक सच्चे मार्गदर्शक के रूप में चित्रित किया गया है। रामायण में भगवान राम की उपासना, उनके चरित्र और जीवन के शिक्षाएँ भक्ति भावना को प्रबल बनाते हैं। यह भजन उन भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण साधना है, जिनमें भगवान राम के प्रति अपार श्रद्धा है। यह यथार्थ में भक्ति के प्रति एक समर्पित नजरिया प्रस्तुत करता है, जो हमें उनके प्रति स्थायी संबंध बनाने में सहायता करता है।

प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें। इस भजन का जप करने से मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और आध्यात्मिक जागरूकता में वृद्धि होती है। राम के नाम का उच्चारण मन को शांति और सुकून देता है, जिससे व्यक्ति की अंदर की अशांति समाप्त होती है। यह भजन निरंतर जप करने से भक्त के जीवन में बेहतर ऊर्जा और सकारात्मकता लाने में सहायक होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का पाठ सुबह के समय करना सबसे उपयुक्त होता है। भक्त को चाहिए कि वह एक शांत स्थान पर बैठकर दीया जलाए और भगवान राम की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धा के साथ ध्यान लगाएं। यह आवश्यक है कि मन को एकाग्र रखें और भजन के अर्थ में डूबते हुए गुनगुनाएं। ध्यान के समय सच्चे मन से भगवान राम की कृपा की कामना करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इस भजन का मुख्य संदेश है कि भगवान राम सभी के लिए सदा आनंद और शांति का स्रोत होते हैं, और उनकी भक्ति से जीवन में संकल्प और संजीवनी मिलती है।

राम के प्रति भक्ति का यह भजन किस प्रकार के भावनाओं को उभारता है?

यह भजन श्रद्धा, प्रेम और समर्पण के भाव को उभारते हुए भक्त के हृदय में भगवान राम के प्रति अनंत प्रेम जगाता है, जिससे आत्मिक संतोष की प्राप्ति होती है।

क्या इस भजन का जप करने से कोई विशेष लाभ होता है?

जी हां, इस भजन का जप करने से मानसिक शांति, आंतरिक बल, और भक्ति की अनुभूति होती है, जो व्यक्ति को जीवन की कठिनाइयों में स्थिरता प्रदान करती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 23 Aug 2026

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