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भक्ति रस काव्य व भजन

तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है, प्यारी प्यारी है, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ लिरिक्स || Tu kitanee achchhee hai, Tu kitanee bholee hai, pyaaree pyaaree hai, o maan, o maan, o maan, o maan lyrics in hindi || Bhaktilok

48 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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माँ का प्रेम: सच्ची भक्ति का स्तोत्र

इस भजन में माँ के असीम स्नेह और करुणा का वर्णन किया गया है, इसे गाना आपको शांति और प्रेम का अनुभव कराएगा।

तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है, प्यारी प्यारी है, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ। यह जो दुनिया है, वन है कांटो का, तू फुलवारी है, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ। दुखन लागी हैं माँ तेरी अँखियाँ, मेरे लिए जागी है तू सारी सारी रतिया। मेरी निदिया पे अपनी निदिया भी तूने वारी है, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ। तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है, प्यारी प्यारी है। अपना नहीं तुझे सुख दुःख कोई, मैं मुस्काया तू मुस्काई मैं रोया तू रोई। मेरे हसने पे मेरे रोने पे तू बलिहारी है, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ। तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है, प्यारी प्यारी है। माँ बच्चो की जा होती है, वो होते हैं किस्मत वाले, जिनकी माँ होती है। कितनी सुन्दर है, कितनी शीतल है, न्यारी नयारी है, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ। तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है, प्यारी प्यारी है।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन में माँ की अनंत करुणा और प्रेम का अद्भुत चित्रण किया गया है। इसमें पहले चरण में भावनात्मक भाषा का उपयोग करके माँ की विशेषताओं का उल्लेख किया गया है कि How good, innocent, and loving she is। जैसे कि 'तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है' यह दर्शाता है कि माँ का व्यक्तित्व कितना सरल और प्यारा है, वह हमारे लिए हमेशा सच्चाई और सौम्यता की प्रतीक हैं। 'यह जो दुनिया है, वन है कांटो का' का अर्थ है कि इस सांसारिक जीवन में अनेक कठिनाइयाँ और दुख हैं, लेकिन माँ ने हमें प्यार और समर्थन देकर इसे एक खूबसूरत बगीचा बना दिया है। यह भजन हमें याद दिलाता है कि अपनी माँ के बिना जीवन कितना कठिन होता।

भजन में माँ की आँखों में दुख का वर्णन भी किया गया है, जैसे कि 'दुखन लागी हैं माँ तेरी अँखियाँ'। यह दर्शाता है कि माँ की भावनाएँ हमेशा अपने बच्चों के लिए हैं। जब हम खुश होते हैं तो वह मुस्कुराती हैं और जब हम दुखी होते हैं तो वह भी दुखी हो जाती हैं। यह एक उदाहरण है माँ-बेटे के अटूट बंधन का। 'मेरे हसने पे मेरे रोने पे तू बलिहारी है' यह अभिव्यक्ति हमारे लिए माँ के समर्पण को दिखाती है, वह हर स्थिति में हमारे साथ हैं। यह आपसी प्रेम और समर्पण का गहन अर्थ है।

इस भजन के माध्यम से भक्ति मार्ग की अद्भुत परिभाषा प्रस्तुत की गई है। माँ का प्रेम हमें बांधता है और हमें सिखाता है कि हमें जीवन में कैसे जीना चाहिए। 'माँ बच्चो की जा होती है' ये शब्द दर्शाते हैं कि अलौकिक प्रेम का अनुभव केवल तब होता है जब हमारी माँ हमारे साथ होती हैं। यह भावना व्यक्ति को प्रेरित करती है कि माँ के प्रेम का मूल्य कितनी ऊँचाई पर है। माँ जन्म और जीवन से परे एक दिव्य शक्ति है, जिसका हमें सदैव आभार करना चाहिए।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन भक्ति में माता के प्रति अटूट प्रेम और श्रद्धा का प्रतीक है। हिंदू पौराणिक कथाओं में माँ की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है, जैसे रामायण में माता सीता और महाभारत में कुंती का चित्रण। उपनिषदों में माँ को ब्रह्मा के समान बताया गया है, जो सबलता, करुणा, और संरक्षण का प्रतीक है। ये पंक्तियाँ भक्तों को माँ की आसपद्रता और दयालुता का स्मरण कराती हैं। यह भजन हमें माँ के प्रति प्रेम तथा कृतज्ञता के भाव को प्रकट करने के लिए प्रेरित करता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का पाठ मानसिक शांति, आंतरिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। माँ का नाम लें और उनका गुणगान करें, इससे मन की अशांति दूर होती है तथा सच्चे प्रेम और दया का अनुभव होता है। प्रतिदिन इस भजन का जाप करने से भक्ति का अहसास होता है और भक्तिकालीन जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं।

🕒 साधना एवं गायन विधि

भजन का पाठ सुबह या शाम के समय करना उत्तम माना जाता है। इस दौरान एक साफ स्थान पर बैठकर दीया जलाना और फूलों का अर्पण करना चाहिए। अधिकतम ध्यान केंद्रित करने के लिए, सही मुद्रा में बैठें और मन को शुद्ध रखने का प्रयास करें। भजन गाते समय श्रद्धा और प्रेम से गाना चाहिए ताकि माँ का आशीर्वाद प्राप्त हो सके।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

यह भजन किस देवी-देवता को समर्पित है?

यह भजन माँ का प्रेम, करुणा और सुरक्षा का प्रतीक है, इसलिए इसे सामान्य रूप से माँ को समर्पित किया गया है।

क्या इस भजन के नियमित पाठ से कोई लाभ होता है?

जी हाँ, इस भजन का नियमित पाठ मानसिक शांति और संतुलन प्रदान करता है, जिससे जीवन में सकारात्मकता आती है और माँ का आशीर्वाद मिलता है।

इस भजन में माँ के प्रति कौन से भाव व्यक्त किए गए हैं?

भजन में माँ के सरलता, भोलेपन और असीम प्रेम का वर्णन किया गया है, जो बच्चे की हर खुशी और दुख में उसके साथ रहती हैं।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 22 Aug 2026

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