आज का पंचांग (Columbus) | सूर्योदय: ०४:२१ PM | सूर्यास्त: ०५:४७ AM
भक्ति रस काव्य व भजन

खजाना सांवरे सरकार का ( khajana sanwre sarkar ka Lyrics in Hindi ) - Bhaktilok

94 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
आकार:
कंट्रास्ट:

सांवरे सरकार का प्रेमपूर्ण खजाना

सांवरे सरकार की महिमा को दर्शाने वाला यह भजन प्रेम और भक्ति का अद्भुत संगम है।

खजाना सांवरे सरकार का ( khajana sanwre sarkar ka Lyrics in Hindi ) - बेचता हूं बेचता हूं बेचता मैं खजाना सांवरे सरकार का इसके बदले में मिलेगा प्यार लखदातार का यह खजाना कीमती है नाम उसका यह भजन ये खजाना कीमती है नाम इसका हे भजन जिंदगी भर कर इकट्ठा श्याम से होगा मिलन ले नहीं ले नहीं ले नहीं सकता मैं कीमत ये हुक्म सरकार बेचता हूं मैं खजाना सांवरे सरकार का इस खजाने का नियम है रोज कीर्तन कीजिए इस खजाने का नियम है रोज कीर्तन कीजिए ये ही एक ऐसा साधन श्याम से मिल लीजिए इस के आगे इस के आगे इस आगे कुछ नहीं है सुख सारे संसार का घोर कलयुग आ गया है नाम लेना चाहिए घोर कलयुग आ गया है नाम जपना चाहिए बनवारी अब वक्त क्या है जान लेना चाहिए सौदागर सौदागर सौदागर सबसे बड़ा है श्याम इस व्यापार का बेचता हूं मैं खजाना सांवरे सरकार का सांवरे सरकार का सांवरे सरकार का सांवरे सरकार का

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मुख्य विषय सांवरे सरकार के प्रति भक्ति और श्रद्धा है। 'बेचता हूं' की पंक्ति में भजन गायक अपने अनुभव को साझा करते हैं कि वह अपने हृदय के खजाने को सांवरे सरकार को अर्पित कर रहे हैं। खजाना केवल भौतिक संपत्ति नहीं है, बल्कि यह प्रेम, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। 'इसके बदले में मिलेगा प्यार लखदातार का' का अर्थ है कि जब कुछ मूल्यवान अर्पित किया जाता है, तब साधक को ईश्वर का अनुग्रह प्राप्त होता है। यह खजाना सिर्फ इस जीवन का नहीं, बल्कि एक शाश्वत संबंध स्थापित करने का साधन है। 'जिंदगी भर कर इकट्ठा श्याम से होगा मिलन' से स्पष्ट होता है कि जो श्रद्धालू पूरी भक्ति से पूजा करता है, उस पर सांवरे सरकार की कृपा हमेशा बनी रहती है।

भजन में भावार्थ भी इंद्रियों से परे जाकर श्याम के प्रेम में डूबने की प्रेरणा देता है। 'घोर कलयुग आ गया है' का संकेत इस बात की ओर है कि वर्तमान समय में साधक को अपने आत्मिक विकास के लिए नाम जपना चाहिए। 'सौदागर सबसे बड़ा है श्याम इस व्यापार का' यह बताता है कि अपने जीवन को सार्थक बनाने के लिए हमें सबसे पहले ईश्वर से संबंध स्थापित करना होगा। ये भाव हमें यह भी बताते हैं कि भक्ति का मार्ग केवल भौतिकता में नहीं, बल्कि आत्मिक सुख की ओर ले जाता है। श्रद्धालु के लिए यह एक अनमोल मार्ग है, जो उन्हें असाधारण प्रेम और सच्ची भक्ति की ओर बढ़ाता है।

इस भजन में भक्तिसंप्रदाय के गूढ़ तत्वों का समावेश है। यह भक्ति मार्ग को अनुसरण करने की प्रेरणा देता है, जहाँ साधक अपने हृदय की गहराइयों से ईश्वर के प्रति प्रेम और श्रद्धा महसूस करता है। सांवरे सरकार की उपासना करने के लिए भक्त को भक्तिसाधना की आवश्यकता होती है, जिसमें नियमित कीर्तन, दान और उपासना शामिल है। यहाँ भक्ति और आत्मसमर्पण का एक गहरा संबंध दर्शाया गया है, जो सत्य और प्रेम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। सच्चे हृदय से भक्ति करने पर भक्त न केवल व्यक्तिगत सुख प्राप्त करता है, बल्कि सर्वजनकल्याण का भी मार्ग प्रशस्त करता है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन भारतीय सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर का हिस्सा है, जिसमें भक्ति की गहराई और प्रेम का संदेश है। पुराणों और शास्त्रों में सांवरे सरकार या भगवान कृष्ण की महिमा का वर्णन मिलता है। विशेषकर भागवत पुराण में, कृष्ण के प्यार और कृपा को व्यक्त किया गया है। यह भजन आध्यात्मिकता को समर्पित है, जहां भक्त को अपने जीवन को ईश्वर के साथ जोड़ने की प्रेरणा मिलती है। इसके माध्यम से यह बताया गया है कि भक्ति ही सच्चा खजाना है, जिससे साधक की आत्मा को शांति और संतोष मिलता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का नियमित पाठ करने से मानसिक तनाव दूर होता है और आध्यात्मिक विकास में सहायता मिलती है। यह संतोष, सुख और शांति को बढ़ावा देता है, विशेषकर उन व्यक्तियों के लिए जो जीवन में सकारात्मक परिवर्तन चाहते हैं। साथ ही, यह भक्ति साधन के माध्यम से शारीरिक स्वास्थ्य में भी सुधार लाता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का जाप करने के लिए सुबह-सुबह का समय सर्वोत्तम होता है। एक साफ स्थान पर बैठकर, कोई दीया जलाकर और शुद्ध मन से इस भजन का पाठ करें। ध्यान लगाकर भाव के साथ भजन का श्रवण करें, जिससे आप सांवरे सरकार के निकटता का अनुभव कर सकें। इस क्रिया से आत्मा को शांति और आनंद की अनुभूति होती है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इस भजन का मुख्य संदेश भक्तों को सांवरे सरकार के प्रति प्रेम और भक्ति में डूबने के लिए प्रेरित करना है।

क्या इस भजन का कोई विशेष समय है पढ़ने के लिए?

हाँ, इस भजन का जाप सुबह के समय करना शुभ माना जाता है, जब मन शांति से भरा होता है।

इस भजन के माध्यम से कौन से लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं?

इसके माध्यम से मानसिक शांति, आध्यात्मिक विकास और ईश्वर के प्रति प्रेम की अनुभूति की जा सकती है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 17 Aug 2026

पाठकों के विचार (0)

भक्ति रस चर्चा में भाग लें

लिरिक्स कॉपी कर लिया गया है!