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Tumhi Meri Naiya Tumhi Ho Khavaiya Lyrics | तुम्हीं मेरी नईया तुम्हीं हो खवईया - Mata Bhajan

154 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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🙏 तुम्हीं मेरी नईया, तुम्हीं हो खवईया

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(Tumhi Meri Naiya, Tumhi Ho Khavaiya) – Mata Bhajan 2026

माँ के चरणों में अटूट श्रद्धा ॥

📝 भजन विवरण

🎤 गायक/लेखक: पारंपरिक / लोक भक्ति रचना
🏷️ श्रेणी: माता भजन / दुर्गा भजन
📍 भाव: समर्पण, आस्था, नैया पार की प्रार्थना

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

तुम्हीं मेरी नईया, तुम्हीं हो खवईया,
तुम्हीं आसरा हो, तुम्हीं आसरा हो।।
तुम्हीं मेरी नईया, तुम्हीं हो खवईया।।

॥ अंतरा १ ॥

कदर मेरी मईया, किसी ने ना जानी,
हमेशा रहा मेरी, आंखों में पानी।
गैर तो गैर, अपनों ने रुलाया,
तुम्हीं आसरा हो, तुम्हीं आसरा हो।
तुम्हीं मेरी नईया, तुम्हीं हो खवईया।।

॥ अंतरा २ ॥

बचपन से ही मैं हूँ निर्भागी,
तेरी दया से मेरी किस्मत माँ जागी।
आप ने ही मईया मुझको, गले से लगाया,
तुम्हीं आसरा हो, तुम्हीं आसरा हो।
तुम्हीं मेरी नईया, तुम्हीं हो खवईया।।

॥ अंतरा ३ ॥

जिन रिश्तों से आशा लगाई,
उन रिश्तों ने निराशा दिखाई।
मतलब की दुनिया में, कोई ना हमारा,
तुम्हीं आसरा हो, तुम्हीं आसरा हो।
तुम्हीं मेरी नईया, तुम्हीं हो खवईया।।

॥ अंतरा ४ ॥

तेरा नाम लेकर, जिए जा रही हूँ,
ज़हर ज़िन्दगी का, पिए जा रही हूँ।
तेरा नाम है मुझको, प्राणों से प्यारा,
तुम्हीं आसरा हो, तुम्हीं आसरा हो।
तुम्हीं मेरी नईया, तुम्हीं हो खवईया।।

तुम्हीं मेरी नईया, तुम्हीं हो खवईया,
तुम्हीं आसरा हो, तुम्हीं आसरा हो।।

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह भजन एक ऐसे भक्त की मार्मिक पुकार है जिसे संसार में निराशा ही हाथ लगी हो। "तुम्हीं मेरी नईया, तुम्हीं हो खवईया" – भक्त कहता है कि हे माँ! तुम ही मेरी नाव (जीवन) हो और तुम ही उसे पार लगाने वाली खेवैया (माँझी) हो। यानी माँ ही सबकुछ हैं – सहारा भी और मंज़िल भी।

अंतरों में भक्त अपनी पीड़ा बयान करता है – न किसी ने उसकी कद्र की, न किसी ने अपनापन दिखाया। उल्टे अपनों ने ही रुलाया। लेकिन जब माँ ने गले लगाया, तो किस्मत जागी। मतलबी दुनिया में जब कोई नहीं, तब सिर्फ माँ ही सहारा हैं। अंत में, भक्त कहता है कि माँ का नाम ही उसके प्राणों से प्यारा है और वह इसी नाम के सहारे जीवन का जहर पी रहा है।

यह भजन सिखाता है कि सांसारिक रिश्ते भले ही निराश करें, माँ का दामन कभी खाली नहीं जाता। वही अंतिम सहारा हैं, जो जीवन-रूपी नाव को भवसागर से पार लगाती हैं।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

नईया और खवईया का प्रतीक: यह रूपक जीवन की कठिन यात्रा को दर्शाता है। नाव (नईया) संसार है और खेवैया (खवईया) माँ हैं, जो इस नाव को सुरक्षित पार लगाती हैं। यह माँ पर पूर्ण विश्वास को दर्शाता है।

अपनों से धोखा: "गैर तो गैर, अपनों ने रुलाया" – यह पंक्ति संसार की कटु सच्चाई को बताती है। जब अपने ही दुःख देते हैं, तब माँ ही एकमात्र शरण होती हैं।

निर्भागी से भाग्यशाली: भक्त स्वयं को निर्भागी (भाग्यहीन) कहता है, पर माँ की कृपा से उसकी किस्मत जागती है। यह दर्शाता है कि माँ की भक्ति से व्यक्ति का भाग्य बदल सकता है।

प्राणों से प्यारा नाम: "तेरा नाम है मुझको प्राणों से प्यारा" – यह माँ के प्रति अटूट प्रेम और निष्ठा को दर्शाता है।

💖 माँ है तो सहारा है

🎯 संदेश

इस भजन का संदेश है कि संसार में चाहे कितने भी दुख और धोखे मिलें, माँ के चरणों में आकर सब सुख मिलता है। माँ ही एकमात्र सच्चा सहारा हैं जो कभी निराश नहीं करतीं।

✨ आस्था का प्रतीक

यह भजन उन सभी भक्तों के लिए प्रेरणा है जो जीवन के कठिन समय में घिरे हैं और एक सहारे की तलाश में हैं। माँ का आशीर्वाद ही सबसे बड़ा सहारा है।

🙏 जय माता दी ।। श्री माताजी की जय हो !!

॥ माँ तुम्हीं आसरा हो, तुम्हीं आसरा हो ॥
॥ जो माँ को पुकारता है, माँ उसकी हर पीर हरती है ।।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 18 Aug 2026

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