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Jai Ambe Maa

मेरी अम्बे माँ जगदंबे, मेरी फरियाद सुन लेना – दुर्गा भजन | Meri Ambe Maa Jagdambe Lyrics

326 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
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मां जगदम्बा के ५१ पवित्र धामों की यात्रा और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझने के लिए ५१ शक्तिपीठ दर्शन निर्देशिका अवश्य देखें।

🙏 मेरी अम्बे माँ जगदंबे, मेरी फरियाद सुन लेना – दुर्गा भजन

(Meri Ambe Maa Jagdambe) – Mata Rani Bhajan

तेरे चरणो में मस्तक है, मुझे अपना बना लेना ॥

📝 भजन विवरण

🎤 गायक/लेखक: पारम्परिक
🏷️ श्रेणी: दुर्गा भजन, माता भजन
🕉️ देवी: माँ अम्बे (जगदम्बा)

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

मेरी अम्बे माँ जगदंबे,
मेरी फरियाद सुन लेना,
तेरे चरणो में मस्तक है,
मुझे अपना बना लेना ॥

॥ अंतरा १ ॥

सुना है पार करती हो,
तुम पतितों और अनाथों को,
भंवर में है मेरी नैया,
उसे भव पार लगा देना,
मेरी अंबे मां जगदंबे,
मेरी फरियाद सुन लेना ॥

॥ अंतरा २ ॥

ये दुनिया पाप की बस्ती,
बिछा है जाल स्वारथ का,
छुड़ाकर जाल से मुझको,
शरण अपनी लगा लेना,
मेरी अंबे मां जगदंबे,
मेरी फरियाद सुन लेना ॥

॥ अंतरा ३ ॥

तू धर के रूप रण चण्डी,
किया वध पापी दुष्टों का,
तुम्हारी ही कृपा है,
शूल को भी फूल बना देना,
मेरी अंबे मां जगदंबे,
मेरी फरियाद सुन लेना ॥

॥ अंतरा ४ ॥

मैं पापी हूँ अधम मैया,
मेरे मन में अंधेरा है,
जगाकर ज्ञान की ज्योति,
मुझे मंदिर दिखा देना,
मेरी अंबे मां जगदंबे,
मेरी फरियाद सुन लेना ॥

🎵 माँ जगदम्बा भजन | अरदास भजन

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह मार्मिक भजन माँ अम्बे (जगदम्बा) से की गई एक सच्चे भक्त की प्रार्थना है। "मेरी अम्बे माँ जगदंबे, मेरी फरियाद सुन लेना" – हे मेरी माँ अम्बे, जगदम्बा, मेरी पुकार सुन लो। "तेरे चरणो में मस्तक है, मुझे अपना बना लेना" – मैं तेरे चरणों में सिर झुकाए हूँ, मुझे अपना बना लो।

"सुना है पार करती हो, तुम पतितों और अनाथों को" – मैंने सुना है कि तुम पतितों और अनाथों का उद्धार करती हो। "भंवर में है मेरी नैया, उसे भव पार लगा देना" – मेरी जीवन रूपी नाव इस संसार सागर के भँवर में फंसी है, उसे पार लगा दो।

"ये दुनिया पाप की बस्ती, बिछा है जाल स्वारथ का" – यह दुनिया पाप की बस्ती है, हर तरफ स्वार्थ का जाल बिछा है। "छुड़ाकर जाल से मुझको, शरण अपनी लगा लेना" – इस जाल से मुझे छुड़ाकर अपनी शरण में ले लो।

"तू धर के रूप रण चण्डी, किया वध पापी दुष्टों का" – तूने रणचण्डी का रूप धारण कर पापी दुष्टों का वध किया। "तुम्हारी ही कृपा है, शूल को भी फूल बना देना" – तुम्हारी कृपा से ही काँटे भी फूल बन जाते हैं, मेरे कष्टों को भी दूर कर दो।

"मैं पापी हूँ अधम मैया, मेरे मन में अंधेरा है" – मैं पापी हूँ, अधम हूँ, मेरे मन में अंधकार है। "जगाकर ज्ञान की ज्योति, मुझे मंदिर दिखा देना" – मुझमें ज्ञान की ज्योति जगाकर मुझे सही मार्ग (मंदिर) दिखा दो।

यह भजन एक ऐसे भक्त की पुकार है जो संसार के जाल में फंसा है, अपने पापों और अज्ञान से घिरा है, और माँ से प्रार्थना करता है कि वे उसे इस भवसागर से पार लगाएँ, उसके कष्ट दूर करें, और उसे ज्ञान की ज्योति दिखाएँ।

📖 विशेष शब्दों के अर्थ

  • अम्बे: माता, दुर्गा का एक नाम
  • जगदंबे: जगत की माता, जगदम्बा
  • फरियाद: प्रार्थना, पुकार, गुहार
  • मस्तक: सिर, माथा
  • पतित: गिरा हुआ, पापी
  • अनाथ: जिसका कोई न हो, बेसहारा
  • भंवर: चक्कर, भँवर
  • नैया: नाव (जीवन रूपी नाव)
  • भव पार: संसार सागर से पार
  • स्वारथ: स्वार्थ, अपना मतलब
  • रण चण्डी: युद्ध में चण्डी रूप, दुर्गा का उग्र रूप
  • शूल: काँटा, कष्ट
  • अधम: नीच, बुरा, तुच्छ

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

🙏 फरियाद का भाव

यह भजन "फरियाद" शब्द पर केंद्रित है। भक्त कोई साधारण प्रार्थना नहीं, बल्कि गुहार लगा रहा है। वह जानता है कि संसार के झूठे रिश्तों और स्वार्थ के जाल में वह फंस गया है, और केवल माँ ही उसे इससे मुक्त कर सकती हैं।

🕯️ ज्ञान की ज्योति

भक्त अपने मन के अंधेरे को स्वीकार करता है और माँ से ज्ञान की ज्योति जगाने की प्रार्थना करता है। यह अज्ञानता से ज्ञान की ओर जाने की यात्रा का प्रतीक है।

🎯 संदेश : माँ जगदम्बा पतितों और अनाथों का उद्धार करने वाली हैं। उन्होंने रणचण्डी का रूप धरकर दुष्टों का वध किया। उनकी कृपा से शूल भी फूल बन जाते हैं। जो भी सच्चे मन से उनकी शरण में आता है, उसकी जीवन रूपी नाव भवसागर से पार हो जाती है। माँ से अपने मन का अंधेरा दूर करने और ज्ञान की ज्योति जगाने की प्रार्थना ही सच्ची भक्ति है।

॥ मेरी अम्बे माँ जगदंबे ॥
॥ मेरी फरियाद सुन लेना ॥
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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 12 Aug 2026

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