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बालाजी थारी कृपा से (कन्हैया मित्तल) भजन लिरिक्स | Balaji Thari Kripa Se Kanhaiya Mittal Lyrics in Hindi

211 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
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🙏 बालाजी थारी कृपा से – मेरा चले कारोबार

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

(Balaji Thari Kripa Se – Kanhaiya Mittal Bhajan)

🎵 गायक: कन्हैया मित्तल | ✍️ रचनाकार: रवि चोपड़ा

📝 भजन विवरण

🎤 गायक: कन्हैया मित्तल
✍️ रचनाकार: रवि चोपड़ा
🏷️ श्रेणी: हनुमान भजन / बालाजी भजन
🎵 विशेषता: व्यापार-सफलता, समृद्धि और बालाजी की कृपा का उल्लासपूर्ण गायन
📀 भाव: आभार, समृद्धि, आस्था, बालाजी की कृपा से जीवन में खुशहाली

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

बोल के जय श्री राम,
ओढ़ के राम दुशाला,
खोल दिया बालाजी ने मेरी,
किस्मतों का ताला,
राखे हर पल ध्यान मेरा,
मेरा बालाजी रखवाला,
अला बला सब दूर करे,
मेरा बालाजी सोटे वाला।

॥ स्थायी ॥

मेरा चले कारोबार है,
मौज बहार,
बालाजी थारी किरपा से,
बड़ा घर बड़ी कार है,
खुश परिवार,
बालाजी थारी कृपा से।।

॥ अंतरा १ ॥

जिस दिन से गल्ले पे लिखाया,
बालाजी महाराज की जय,
छोटा मोटा व्यापारी था,
सेठ शहर का हो गया मैं,
जहाँ जाऊँ मिले सत्कार,
हो जय जयकार,
बालाजी थारी कृपा से।

मेरा चले कारोबार है,
मौज बहार,
बालाजी थारी कृपा से,
बड़ा घर बड़ी कार है,
खुश परिवार,
बालाजी थारी कृपा से।।

॥ अंतरा २ ॥

ऐसी नजर उतारी मेरी,
बालाजी थारे सोटे ने,
छोड़ दिया मेरा पीछा करना,
हर टोने हर टोटके ने,
सौ मांगू मिले हज़ार,
मुझे हर बार,
बालाजी थारी कृपा से।

मेरा चले कारोबार है,
मौज बहार,
बालाजी थारी किरपा से,
बड़ा घर बड़ी कार है,
खुश परिवार,
बालाजी थारी कृपा से।।

संकट कटे मिटे सब पीरा,
जो सुमिरे हनुमत बलवीरा।।

🎤 गायक : कन्हैया मित्तल

✍️ रचनाकार : रवि चोपड़ा

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह अत्यंत लोकप्रिय भजन बालाजी (हनुमान जी) की कृपा से जीवन में आई समृद्धि, सफलता और खुशहाली का वर्णन करता है। “बोल के जय श्री राम, ओढ़ के राम दुशाला” – भक्त राम-भक्ति में लीन होकर बालाजी की शरण में आता है, और बालाजी उसकी किस्मत के ताले खोल देते हैं। “राखे हर पल ध्यान मेरा, मेरा बालाजी रखवाला” – बालाजी हर पल उसकी रक्षा करते हैं, और “अला-बला सब दूर करे, मेरा बालाजी सोटे वाला” – उनकी गदा (सोटा) सभी बाधाओं और विपत्तियों को दूर करती है।

“मेरा चले कारोबार है, मौज बहार, बालाजी थारी कृपा से” – भक्त कहता है कि बालाजी की कृपा से उसका व्यापार फल-फूल रहा है, उसके पास बड़ा घर, बड़ी कार और सुखी परिवार है। यह सब उन्हीं की कृपा का परिणाम है।

पहले अंतरे में भक्त कहता है – “जिस दिन से गल्ले पे लिखाया, बालाजी महाराज की जय” अर्थात जिस दिन से उसने बालाजी का नाम अपने हृदय में बसा लिया, वह एक छोटे व्यापारी से शहर का सेठ बन गया। जहाँ भी जाता है, उसे सत्कार और जयकार मिलती है।

दूसरे अंतरे में “ऐसी नजर उतारी मेरी, बालाजी थारे सोटे ने” – बालाजी की गदा ने उसकी बुरी नज़र उतार दी। सभी टोने-टोटके, शत्रु बाधाएँ दूर हो गईं। अब वह सौ माँगता है और हज़ार पाता है।

अंत में “संकट कटे मिटे सब पीरा, जो सुमिरे हनुमत बलवीरा” – यह संकटमोचन हनुमान जी के स्वरूप का स्मरण कराता है।

🔍 भजन का विशेष महत्त्व

व्यापार-सफलता का प्रेरणादायक भजन: यह भजन विशेष रूप से व्यापारियों, उद्यमियों और नौकरीपेशा लोगों में अत्यधिक लोकप्रिय है। “मेरा चले कारोबार” की पंक्ति इसे उन्नति और समृद्धि की कामना करने वालों का प्रिय भजन बनाती है।

राजस्थानी मिश्रित भाषा: “थारी कृपा”, “गल्ले पे लिखाया”, “ऐसी नजर उतारी” जैसे शब्द राजस्थानी लोक भाषा के मिश्रण से भजन को और भी प्रभावशाली बनाते हैं।

बालाजी – रखवाला और सोटे वाला: “रखवाला” और “सोटे वाला” संबोधन हनुमान जी के रक्षक एवं शक्तिशाली स्वरूप को दर्शाते हैं। भक्त का विश्वास है कि बालाजी की गदा सभी विघ्नों, बुरी शक्तियों और नज़र दोष को दूर करती है।

💖 भक्ति रस का संगम

🎯 संदेश

बालाजी की कृपा से ही जीवन में सच्ची समृद्धि और सुख-शांति आती है। उनके प्रति कृतज्ञता और समर्पण ही सफलता की कुंजी है। छोटी शुरुआत भी उनकी कृपा से बड़ी उपलब्धि बन सकती है।

✨ आस्था का प्रतीक

यह भजन हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणादायक है जो कठिन परिश्रम के साथ-साथ ईश्वरीय कृपा में विश्वास रखता है। बालाजी की कृपा से जीवन में हर क्षेत्र में उन्नति संभव है।

🙏 ॐ हनुमते नमः ।। जय बालाजी ।। जय श्री राम ।।

॥ इति कन्हैया मित्तल कृत भजनम् ॥
॥ बालाजी थारी कृपा से मेरा चले कारोबार ।।
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विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 13 Aug 2026

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