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भजन - राम ना चलेंगे हनुमान के बिना लिरिक्स इन हिंदी - भक्ति लोक

143 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind | 2 मिनट पठन समय
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प्रभु श्री राम के आदर्शों और मर्यादा पुरुषोत्तम के सम्पूर्ण चरित्र का रसास्वादन करने के लिए रामायण महाग्रंथ अन्वेषक का उपयोग करें।

रामायण में हनुमान

महाकाव्य रामायण में हनुमान का नाम  श्री भक्त शिरोमणि भगवान श्री राम के परम भकत के रूप में आता है | महाबली हनुमान अतयंत शक्तिशाली के  साथ साथ  वेदो और पुराणों के ज्ञाता  थे |  राक्षस रावण ने निर्वासित राजकुमार श्री भक्त शिरोमणि भगवान श्री राम  की पत्नी माता  सीता का अपहरण कर लिया। जब रावण अपने जन्मे रथ में  माता सीता का हरण कर रहा था, तब माता  सीता ने कुछ वानरों को एक पर्वत के ऊपर देखा और अपने  गहने नीचे फेंक दिए, यह आशा करते हुए कि अलंकारों वाले बंदर उसके पति  भगवान श्री राम  का ध्यान आकर्षित करेंगे जो निश्चित रूप से उसी वन  में उसे खोज रहे थे। महाबली  हनुमान भी  इन चार बंदरों में से एक थे। इस वानर समूह ने  भगवान श्री राम को  माता सीता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वानरों ने ही   भगवान श्री राम को समुद्र के पार एक पुल बनाने में मदद की, और एक वानर सेना के साथ  विशालकाय समुन्द्र पार किया | जहा  भगवान श्री राम ने राक्षस  के गढ़ को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया और माता  सीता को मुक्त कर दिया।

भजन - राम ना चलेंगे हनुमान के बिना लिरिक्स इन हिंदी


राम न चलेंगे हनुमान के बिना, पार न लगोगे श्री राम के बिना, राम न मिलेंगे हनुमान के बिना।
राम ना मिलेंगे हनुमान के बिना श्री राम ना मिलेंगे हनुमान के बिना।

वेदों ने पुराणों ने कहा डाला राम जी का साथी बजरंग बाला।
जीये हनुमान न राम के बिना, राम भी रहे न हनुमान के बिना।

जग के जो पालन हारे हैं उनको हनुमान बड़े प्यारे हैं।
कर लो सिफ़ारिश दाम के बिना रास्ता ना मिलेगा हनुमान के बिना।

जिनका भरोसा वीर हनुमान उनका बिगाड़ता नहीं कोई काम।
लक्खा कहे सुनो हनुमान के बिना, कुछ न मिलेगा गुणगान के बिना।

दुनिया चले ना श्री राम के बिना,,
राम जी चले ना हनुमान के बिना ।

जब से रामायण पढ़ ली है, एक बात मैंने समझ ली है,,
रावण मरे ना श्री राम के बिना, लंका जले ना हनुमान के बिना ॥

लक्मण का बचना मुश्किल था, कौन बूटी लाने के काबिल था,,
लक्मण बचे ना श्री राम के बिना, बूटी मिले ना हनुमान के बिना ॥

सीता हरण की कहानी सुनो, बनवारी मेरी जुबानी सुनो,,
वापिस मिले ना श्री राम के बिना, पता चले ना हनुमान के बिना ॥

बैठे सिंघासन पे श्री राम जी, चरणों में बैठे हैं हनुमान जी,,
मुक्ति मिले ना श्री राम के बिना, भक्ति मिले ना हनुमान के बिना ॥





विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 20 Aug 2026

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