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तेरे हवाले मेरी गाड़ी तू जाने तेरा काम जाने भजन इन हिंदी लिरिक्स
तेरे हवाले मेरी गाड़ी |
तू जाने तेरा काम जाने |
तू जाने तेरा काम जानें |
तेरे हवाले मेरी गाड़ी |
तू जाने तेरा काम जाने।
एक भरोसो एक ही आशा |
चरणों में श्याम तेरे यह दासा |
रख लेना लाज हमारी |
तू जाने तेरा काम जानें |
तेरे हवाले मेरी गाड़ी |
तू जाने तेरा काम जाने।
सौंप दिया सब भार तुम्हीं को |
जीत तुम्हीं को | हार तुम्हीं को |
हमकों है आस तुम्हारी |
तू जाने तेरा काम जानें |
तेरे हवाले मेरी गाड़ी |
तू जाने तेरा काम जाने।
भव से पार लगाओगे तुम |
मंजिल तक पहुंचाओगे तुम |
लेंगे मौज से सवारी |
तू जाने तेरा काम जानें |
तेरे हवाले मेरी गाड़ी |
तू जाने तेरा काम जाने।
जबसे तेरी शरण में आया |
एक अनोखा आनंद पाया |
मिट गई चिंता सारी |
तू जाने तेरा काम जानें |
तेरे हवाले मेरी गाड़ी |
तू जाने तेरा काम जाने !!
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🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ
यह भजन पूर्ण समर्पण और आत्मनिवेदन का संदेश प्रदान करता है। 'तेरे हवाले मेरी गाड़ी' पंक्ति जीवन की सभी जिम्मेदारियों को ईश्वर के हाथों सौंपने का प्रतीक है। भक्त कहता है कि वह अपने कर्मों, जीवन पथ और समस्त चिंताओं को परमात्मा को समर्पित कर देता है। 'तू जाने तेरा काम जाने' से आशय है कि ईश्वर ही सर्वज्ञ है और वह अपने प्रत्येक कार्य का रहस्य जानते हैं। भक्त विश्वास करता है कि श्याम (कृष्ण) के नियंत्रण में सब कुछ सुख और शांति से संचालित होगा।
इस भजन का भावार्थ है कि भक्ति के माध्यम से मनुष्य सभी भय और चिंता से मुक्त हो जाता है। जब भक्त 'एक भरोसो एक ही आशा' कहता है, तो यह दर्शाता है कि ईश्वर ही एकमात्र सहारा और आश्रय है। 'भव से पार लगाओगे तुम' से संसार के चक्र से मुक्ति की कामना प्रकट होती है। भजन में यह संदेश दिया गया है कि जब मनुष्य पूर्णतः समर्पित हो जाता है, तो उसकी सभी चिंताएं मिट जाती हैं और आनंद की प्राप्ति होती है।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ
यह भजन भक्ति परंपरा से जुड़ा है जहाँ गोपियों और भक्तों का कृष्ण के प्रति समर्पण दर्शाया गया है। उपनिषदों में भी कहा गया है कि आत्मनिवेदन से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवद्गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं कि जो मनुष्य पूरी तरह मुझे समर्पित हो जाता है, मैं उसका भार वहन करता हूँ। इसी सिद्धांत को इस भजन में व्यक्त किया गया है जहाँ भक्त अपनी समस्त जिम्मेदारियाँ ईश्वर के ऊपर डाल देता है।
सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन के गायन और ध्यान से मन की शांति, भय से मुक्ति, और आध्यात्मिक आनंद की प्राप्ति होती है। नियमित चिंतन से समस्त चिंताएँ दूर होती हैं और ईश्वर पर विश्वास बढ़ता है।
🕒 साधना एवं गायन विधि
इस भजन का गायन प्रातःकाल ब्रह्मयोग में या संध्या समय करना सर्वोत्तम है। एक शांत स्थान पर बैठकर, दीप जलाकर और मन को ईश्वर में केंद्रित करके इसे गाएँ। आसन स्थिर हो, मन भक्ति भावना से भरा हो और श्वास नियंत्रित हो। कृष्ण को समर्पित इस भजन को प्रेम और विनम्रता से गुनगुनाएँ। नियमित अभ्यास से हृदय में ईश्वर का प्रेम जागृत होता है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
इस भजन में 'तेरे हवाले मेरी गाड़ी' का क्या अर्थ है?
'गाड़ी' यहाँ जीवन का प्रतीक है और 'तेरे हवाले' का अर्थ है पूर्णतः ईश्वर के हवाले कर देना। यह संदेश देता है कि अपने जीवन की सभी जिम्मेदारियों, निर्णयों और भविष्य को ईश्वर को सौंप देना चाहिए क्योंकि केवल वही हमारी सही मंजिल जानते हैं।
इस भजन में 'श्याम' किसका नाम है?
'श्याम' भगवान कृष्ण का नाम है जिनका अर्थ है 'काला' या 'गहरा नीला'। इस भजन में भक्त कृष्ण को अपने एकमात्र आश्रय के रूप में स्वीकार करता है। कृष्ण ब्रह्मांड के सर्वोच्च देवता हैं और भक्त उनकी दासता में रहकर मुक्ति पाना चाहता है।
भजन में 'भव से पार लगाओगे तुम' का क्या अभिप्राय है?
'भव' का अर्थ है संसार का चक्र या जन्म-मृत्यु का सिलसिला। इस पंक्ति में भक्त यह कह रहा है कि कृष्ण संसार के इस दुःख भरे चक्र से उसे मुक्त करेंगे और आध्यात्मिक मंजिल तक पहुँचाएँगे। यह मोक्ष या मुक्ति की कामना को व्यक्त करता है।
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यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।
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