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Rang Barse O Baba Rang Barse Lyrics (रंग बरसे ओ बाबा रंग बरसे) – Vinay Ladla Shyam Holi Bhajan 2026 | Nile Ghode Par Chad Ke

235 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Chandan Sah | 2 मिनट पठन समय
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🙏 रंग बरसे ओ बाबा रंग बरसे – तेरे कीर्तन में रंग बरसे

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें।

(Rang Barse O Baba Rang Barse Lyrics In Hindi) – Vinay Ladla Shyam Holi Bhajan 2026 | Nile Ghode Par Chad Ke

गायक: विनाय लाडला || गीतकार: दीपक सेन || विशेष: गुरु ओम

📝 भजन विवरण

🎤 गायक: विनाय लाडला (Vinay Ladla)
✍️ गीतकार: दीपक सेन (Deepak Sen)
🏷️ श्रेणी: श्याम होली भजन / फागुन भजन
📍 विशेष: गुरु ओम संग होली, आजाद घरौंडा
🎨 भाव: होली उत्सव, श्रद्धा, प्रेम

📜 भजन लिरिक्स (हिन्दी में)

॥ स्थायी ॥

रंग बरसे ओ बाबा रंग बरसे,
तेरे कीर्तन में रंग बरसे,
होली खेलन आ जाइए,
नीले घोड़े पर चढ़ के॥

॥ अंतरा १ ॥

आया होली का सांवरिया यो त्यौहार,
तेरी याद में हाल हुआ बेहाल,
तेरे दीवाने बुलाते है,
दीवानों से क्यों फड़के॥

॥ अंतरा २ ॥

जब जब उड़ेगी रंगों की फुहार,
भीगा मेरा सांवरिया सरकार,
दिल वालों की बस्ती में,
आ जाइए तू बेखटके॥

॥ अंतरा ३ ॥

प्रेमी से नहीं चाहिए शर्माना,
प्रेम का मंत्र बस तूने माना,
नैना तुमसे मिलाने है,
यू रुप तेरा दिल में खटके॥

॥ अंतरा ४ ॥

गुरु ओम संग खेलेंगे होली,
आजाद घरौंडा की भर दी झोली,
दीपक सेन ने लिख भेजा,
आ जाइए बाबा पढ़के॥

रंग बरसे ओ बाबा रंग बरसे,
तेरे कीर्तन में रंग बरसे,
होली खेलन आ जाइए,
नीले घोड़े पर चढ़ के॥

🎤 गायक :- विनाय लाडला (Vinay Ladla)

✍️ गीतकार :- दीपक सेन (Deepak Sen)

🕉️ विशेष :- गुरु ओम, आजाद घरौंडा

🙏 भजन का अर्थ और संदेश

यह होली विशेष श्याम भजन "रंग बरसे ओ बाबा रंग बरसे" विनाय लाडला की सुरीली आवाज़ में खाटू श्याम बाबा के साथ होली खेलने के उत्साह और उल्लास को दर्शाता है। भजन का मूल स्वर एक भक्त की पुकार है जो बाबा से नीले घोड़े पर चढ़कर होली खेलने आने का आग्रह कर रहा है।

"रंग बरसे ओ बाबा रंग बरसे, तेरे कीर्तन में रंग बरसे" – यह मुखड़ा होली के रंगों के साथ-साथ बाबा के कीर्तन में भी रंग बरसने की बात करता है। कीर्तन का रंग और होली का रंग दोनों एक साथ बरस रहे हैं।

"होली खेलन आ जाइए, नीले घोड़े पर चढ़ के" – भक्त बाबा से नीले घोड़े पर सवार होकर होली खेलने आने का आग्रह करता है। नीला घोड़ा श्याम बाबा का प्रतीक है।

"आया होली का सांवरिया यो त्यौहार, तेरी याद में हाल हुआ बेहाल" – होली का यह सांवरिया (श्याम) त्यौहार आ गया है और बाबा की याद में भक्त बेहाल हो गया है। वह बाबा से पूछता है कि उनके दीवाने बुला रहे हैं, तो दीवानों से क्यों फड़कते (रूठते) हो?

"जब जब उड़ेगी रंगों की फुहार, भीगा मेरा सांवरिया सरकार" – जब भी रंगों की फुहार उड़ेगी, भक्त का सांवरिया सरकार (श्याम बाबा) उससे भीग जाएंगे। भक्त उन्हें दिल वालों की बस्ती में बिना किसी खटके के आने का निमंत्रण देता है।

"प्रेमी से नहीं चाहिए शर्माना, प्रेम का मंत्र बस तूने माना" – भक्त कहता है कि प्रेमी से शर्माना नहीं चाहिए। प्रेम का मंत्र तो बस तूने माना है। नैना तुमसे मिलाने हैं, तेरा रूप दिल में खटकता है।

"गुरु ओम संग खेलेंगे होली, आजाद घरौंडा की भर दी झोली" – गीतकार दीपक सेन कहते हैं कि गुरु ओम के साथ होली खेलेंगे और आजाद घरौंडा की झोली भर दी है। उन्होंने यह भजन लिखकर भेजा है और बाबा से इसे पढ़कर आने का आग्रह किया है।

🔍 श्याम होली भजन का विशेष महत्त्व

"रंग बरसे" की धुन: यह भजन प्रसिद्ध फिल्मी गीत "रंग बरसे" की धुन पर आधारित है, जिससे यह और भी आकर्षक और यादगार बन गया है। यह धुन होली के उत्सव को और भी रंगीन बना देती है।

नीले घोड़े पर सवार श्याम: खाटू श्याम बाबा को अक्सर नीले घोड़े पर सवार दिखाया जाता है। यह भजन में "नीले घोड़े पर चढ़ के" कहकर इसी स्वरूप की ओर संकेत किया गया है।

दीवानों का फड़कना: "दीवानों से क्यों फड़के" – यह पंक्ति बाबा और भक्तों के बीच प्रेम भरे नखरे को दर्शाती है। भक्त बाबा से पूछता है कि उनके दीवाने बुला रहे हैं तो वे क्यों रूठ रहे हैं?

दिल वालों की बस्ती: "दिल वालों की बस्ती" से तात्पर्य उन भक्तों के हृदय से है जो श्याम प्रेम में डूबे हैं। भक्त बाबा को इन हृदयों में आने का निमंत्रण देता है।

गुरु ओम और आजाद घरौंडा: इस भजन में गुरु ओम के साथ होली खेलने और आजाद घरौंडा की झोली भरने का उल्लेख है। यह स्थानीय भक्ति परंपरा और समुदाय की ओर संकेत करता है।

दीपक सेन की रचना: गीतकार दीपक सेन ने इस भजन के माध्यम से श्याम भक्ति को होली के रंगों में रंग दिया है। उन्होंने "दीपक सेन ने लिख भेजा" कहकर अपनी रचना को अमर कर दिया है।

विनाय लाडला का गायन: गायक विनाय लाडला ने अपनी सुरीली और उत्साहपूर्ण आवाज़ से इस भजन को जीवंत कर दिया है। उनके गायन में वह उमंग और उत्साह है जो होली के मौके पर चाहिए।

💖 रंगों में डूबी श्याम भक्ति

🎯 संदेश

इस भजन का मूल संदेश यह है कि होली का त्यौहार श्याम बाबा के साथ मनाने से ही पूरा आनंद आता है। बाबा नीले घोड़े पर सवार होकर अपने दीवानों के बीच आएं, रंगों की फुहार में भीगें, और दिल वालों की बस्ती में बेखटके विचरण करें। यह भजन हर उस श्याम भक्त के दिल की आवाज़ है जो होली पर बाबा के साथ रंग खेलना चाहता है।

✨ उत्सव और भक्ति का संगम

रंग बरसे ओ बाबा रंग बरसे केवल एक होली भजन नहीं, बल्कि उत्सव और भक्ति के अद्भुत संगम का प्रतीक है। यह भजन हमें सिखाता है कि श्याम बाबा के साथ हर त्यौहार और हर उत्सव मनाना चाहिए। होली के रंगों में भी बाबा का रंग घुला है, और कीर्तन में भी रंग बरसता है। यह भजन हर उस भक्त के लिए प्रेरणा है जो बाबा के साथ हर पल मनाना चाहता है।

🙏 ॐ श्री खाटू श्याम महाराज की जय। होली खेलन आ जाइए, नीले घोड़े पर चढ़ के।।

॥ दीपक सेन कृत श्याम होली भजन ॥
॥ रंग बरसे ओ बाबा रंग बरसे, तेरे कीर्तन में रंग बरसे ॥

गायक: विनाय लाडला | गीतकार: दीपक सेन | विशेष: गुरु ओम, आजाद घरौंडा

॥ नीले घोड़े पर चढ़ के होली खेलन आ जाइए ॥

श्रेणियां: khatu shayam bhajan Holi Bhajan

सनातन संस्कृति एवं प्रामाणिक संपादन

यह भजन/आरती लिरिक्स भक्तिलोक संपादकीय मंडल द्वारा उपलब्ध प्रामाणिक स्रोतों के संदर्भ में समीक्षा एवं संपादन के बाद प्रकाशित किया गया है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 10 Aug 2026

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