मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन
शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें
संकट मोचन श्री हनुमान लिरिक्स भजन इन हिंदी लिरिक्स
बाल समय रवि भक्षी लियो तबतीनहुं लोक भयो अंधियारोंताहि सों त्रास भयो जग कोयह संकट काहु सों जात न टारोदेवन आनि करी बिनती तबछाड़ी दियो रवि कष्ट निवारोको नहीं जानत है जग में कपिसंकटमोचन नाम तिहारोसंकटमोचन नाम तिहारोबालि की त्रास कपीस बसैं गिरिजात महाप्रभु पंथ निहारोचौंकि महामुनि साप दियो तबचाहिए कौन बिचार बिचारोकैद्विज रूप लिवाय महाप्रभुसो तुम दास के सोक निवारोको नहीं जानत है जग में कपिसंकटमोचन नाम तिहारोसंकटमोचन नाम तिहारोअंगद के संग लेन गए सियखोज कपीस यह बैन उचारोजीवत ना बचिहौ हम सो जुबिना सुधि लाये इहाँ पगु धारोहेरी थके तट सिन्धु सबे तबलाए सिया-सुधि प्राण उबारोको नहीं जानत है जग में कपिसंकटमोचन नाम तिहारोसंकटमोचन नाम तिहारोरावण त्रास दई सिय को सबराक्षसी सों कही सोक निवारोताहि समय हनुमान महाप्रभुजाए महा रजनीचर मरोचाहत सीय असोक सों आगि सुदै प्रभुमुद्रिका सोक निवारोको नहीं जानत है जग में कपिसंकटमोचन नाम तिहारोसंकटमोचन नाम तिहारोबान लाग्यो उर लछिमन के तबप्राण तजे सूत रावन मारोलै गृह बैद्य सुषेन समेततबै गिरि द्रोण सु बीर उपारोआनि सजीवन हाथ दिए तबलछिमन के तुम प्रान उबारोको नहीं जानत है जग में कपिसंकटमोचन नाम तिहारोसंकटमोचन नाम तिहारोरावन जुध अजान कियो तबनाग कि फाँस सबै सिर डारोश्रीरघुनाथ समेत सबै दलमोह भयो यह संकट भारोआनि खगेस तबै हनुमान जुबंधन काटि सुत्रास निवारोको नहीं जानत है जग में कपिसंकटमोचन नाम तिहारोसंकटमोचन नाम तिहारोबंधू समेत जबै अहिरावनलै रघुनाथ पताल सिधारोदेबिन्हीं पूजि भलि विधि सों बलिदेउ सबै मिलि मन्त्र विचारोजाये सहाए भयो तब हीअहिरावन सैन्य समेत संहारोको नहीं जानत है जग में कपिसंकटमोचन नाम तिहारोसंकटमोचन नाम तिहारोकाज किये बड़ देवन के तुमबीर महाप्रभु देखि बिचारोकौन सो संकट मोर गरीब कोजो तुमसे नहिं जात है टारोबेगि हरो हनुमान महाप्रभुजो कछु संकट होए हमारोको नहीं जानत है जग में कपिसंकटमोचन नाम तिहारोसंकटमोचन नाम तिहारोसंकटमोचन नाम तिहारोसंकटमोचन नाम तिहारो !!
सुख करता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची | Sukh Karta Dukh Harta Varta Vighnaachi Jai Dev Jai Dev Ganesh bhajan lyrics
वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें।
🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ
संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "संकट मोचन श्री हनुमान लिरिक्स भजन इन हिंदी लिरिक्स" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।
भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ
हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।
🕒 साधना एवं गायन विधि
हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?
शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।
क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?
हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।
शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?
हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।
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