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Hanuman Bhajan

कथा: हनुमान गाथा लिरिक्स भक्ति इन हिंदी लिरिक्स

78 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन

शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें

कथा: हनुमान गाथा लिरिक्स 



वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें।

कथा: हनुमान गाथा लिरिक्स भक्ति इन हिंदी लिरिक्स 

हम आज पवनसुत हनुमान की कथा सुनाते हैं
पावन कथा सुनाते हैं ।
वीरों के वीर उस महावीर की गाथा गाते हैं
हम कथा सुनाते हैं ।
जो रोम-रोम में सिया राम की छवि बासाते हैं
पावन कथा सुनाते हैं ।
वीरों के वीर उस महावीर की गाथा गाते हैं
हम कथा सुनाते हैं ।
पुंजिकस्थला नाम था जिसका
स्वर्ग की थी सुंदरी ।
वानर राज को जर के जन्मी नाम हुआ अंजनी
कपि राज केसरी ने उससे
ब्याह रचाया था ।
गिरी नामक संगपर क्या आनंद
मंगल छाया था ।
राजा केसरी को अंजना का
रूप लुभाया था ।
देख देख अंजनी को उनका
मान हार्षया था ।
वैसे तो उनके जीवन में थी
सब खुशहाली ।
परन्तु गोद अंजनी माता की
संतान से थी खाली ।
अब सुनो हनुमंत कैसे पवन के पुत्र कहते हैं
पावन कथा सुनाते हैं ।
बजरंगबली उस महाबली की
गाथा गाते है हम कथा सुनाते हैं ।
हम आज पवनसुत हनुमान की कथा सुनाते हैं
पावन कथा सुनाते हैं ।
वीरों के वीर उस महावीर की गाथा गाते हैं
हम कथा सुनाते हैं ।
पुत्र प्राप्ति कारण मां आंजना
तब की थी भारी ।
मदन मुनि प्रसन्न हुए
अंजना पर अति भारी ।
बक्तेश्वर भगवान को
जप और तप से प्रशन्न किया ।
अंजना ने आकाश गंगा का
पावन जल पिया ।
घोर तपस्या करके
वायु देव को प्रसन्न किया ।
अंजनी मां को स्पर्श किया
वायु का एक झोंका ।
पवन देव हो प्रकट उन्हें
फिर पुत्र प्रदान किया ।
इस कारण बजरंग
पवन के पुत्र कहते हैं ।
बजरंगबली उस महाबली की
गाथा गाते है हम कथा सुनाते हैं ।
हम आज पवनसुत हनुमान की कथा सुनाते हैं
पावन कथा सुनाते हैं ।
वीरों के वीर उस महावीर की गाथा गाते हैं
हम कथा सुनाते हैं ।
राजा केसरी और अंजना
करते शिव पूजा ।
शिव भक्ति के बिना नहीं था
काम उन्हें दूजा ।
हो प्रशन शिव प्रकट हुए
तब अंजना वर मांगी ।
हे शिव शंकर पुत्र मेरा हो
आपके जैसा ही ।
क्यों भाई जी बोले अंजना होगी
पूर्ण तेरी इच्छा ।
मेरे अंश का 11 रुद्र ही
पुत्र तेरा होगा ।
जन्म लिया बजरंगी
छठ गए संकट के बादल ।
चैत्र शुक्ल की 15 की
और दिन था शुभ मंगल ।
बजरंगी तब से शंकर के
अवतार कहते हैं पावन कथा सुनाते हैं ।
बजरंगबली उस महाबली की
गाथा गाते है हम कथा सुनाते हैं ।
हम आज पवनसुत हनुमान की कथा सुनाते हैं
पावन कथा सुनाते हैं ।
वीरों के वीर उस महावीर की गाथा गाते हैं
हम कथा सुनाते हैं ।
केसरी नंदन का है भक्तो प्यारा था बचपन
झूल रहे थे चंदन के पालने में सुख रंजन
कामकाज में लगी हुई थी तब अंजना रानी
सूरज को फल समझ उन्होंने खाने की ढाणी
उड़ने की शक्ति पवन देव ने उनको दे ही दी थी
उड़ने लगे सूरज का फल खाने वाले बजरंगी
वायु देव को चिंता हुई मेरा बच्चा जल ना जाए
सूर्य देव की किरणों से मेरा फूल झुलस ना जाए
बारुद के जैसी बायो देव आवाज चलाते हैं
हम कथा सुनाते हैं
सूर्य देव ने उनको आते देखा अपनी ओर
समझ गए वह पवन पुत्र है नहीं बालक कोई और
शीतल कर ली सूर्य देव ने अपनी गरम किरणें
पवन पुत्र गुरु रत्न पर चढ़कर सूर्य लगे डसने
अमावस्या को जब राहु सर्प डस ने को आया
बजरंगी का खेल देखकर बड़ा ही घबराया
इंद्रदेव को आकर सारा हाल था बतलाया
बोला एक बालक से मैं तो प्राण थोड़ा लाया
इंद्रदेव को साथ में लेकर राहु आते हैं
हम कथा सुनाते हैं
बाकी की गाथा को जल्दी ही पूरा किया जाएगा...



 

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "कथा: हनुमान गाथा लिरिक्स भक्ति इन हिंदी लिरिक्स" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।

भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?

शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।

क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?

हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।

शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?

हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 24 Aug 2026

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