मूल पाठ एवं पवित्र संकीर्तन
शुद्ध उच्चारण और भक्ति भाव के साथ स्मरण करें
वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें।
54 Fit Hanuman Temple Prayagraj || 54 फीट ऊंचे हनुमान जी का मंदिर झूसी प्रयागराज इलाहाबाद | CG RIDER - BhaktiLok
54 Fit Hanuman Temple Prayagraj || 54 फीट ऊंचे हनुमान जी का मंदिर झूसी प्रयागराज इलाहाबाद | CG RIDER
54 फीट ऊंचे हनुमान जी का मंदिर झूसी प्रयागराज इलाहाबाद | CG RIDER 54 फीट ऊंचे हनुमान जी का मंदिर इलाहाबाद का एक प्रसिद्ध मंदिर है। आप इलाहाबाद के झूसी एरिया में घूमने के लिए आते हैं, तो आपको यहां पर बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। इन मंदिरों में एक मंदिर और प्रसिद्ध है, जो हनुमान जी का मंदिर है। इस मंदिर में आपको हनुमान जी की 54 फीट ऊंची प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको 111 छोटे-छोटे शिवलिंग देखने के लिए मिलते हैं। यहां एक नर्वदेश्वर शिवलिंग स्थित है। नर्वदेश्वर शिवलिंग का मतलब है, कि यह शिवलिंग नर्मदा नदी से लाया गया होगा, क्योंकि नर्मदा नदी एक ऐसी नदी है, जिसके हर पत्थर में शिवलिंग है। इसलिए इसे नर्वदेश्वर शिवलिंग कहते हैं। यहां पर दुर्गा जी की विराट प्रतिमा आपको देखने के लिए मिल जाती है। माता सीता और राम जी की प्रतिमा भी देखने के लिए मिलती है। राधा और कृष्ण की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। श्री लक्ष्मी नारायण जी की भी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है और शंकर जी पार्वती जी की भी प्रतिमा देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर गणेश जी की भी आपको प्रतिमा देखने के लिए मिल जाएगी। यहां पर आपको बंदर के बहुत सारे स्टेचू भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर शिव भगवान जी को अलग-अलग श्रृंगार से सजाया जाता है और उनकी पूजा की जाती है। यह हनुमान मंदिर इलाहाबाद शहर में झूसी एरिया में स्थित है। हम लोग इलाहाबाद के झूसी में समुद्र कूप को देखने के लिए गए थे। हम लोगों को इस मंदिर के बारे में भी पता चला और हम लोग फिर इस मंदिर में गए। इस मंदिर में आपको हनुमान जी की बहुत ही विशाल प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही भव्य लगती है। यह जो मंदिर है, वह कलोनी के बीच में स्थित है। इसलिए यह मंदिर ढूंढने में आपको थोड़ी कठिनाई हो सकती है। समुद्र कूप देखने के बाद हम लोग झूसी एरिया में गंगा नदी के किनारे घूमते हुए आगे बढ़े। यहां पर एक फुलकी वाले का ठेला लगा था। हम लोगों ने यहां से फुल्की खाया और फुलकी वाले से इस मंदिर के पता पूछा। फुलकी वाले ने हम लोगों को बताया कि आप सीधा चल आ जाइए। आपको वहां मंदिर देखने के लिए मिल जाएगा। हम लोग वहां से आगे बढ़कर सीधा आए। यह मंदिर कॉलोनी के बीच में बना हुआ है। इसलिए आपको इस मंदिर तक पहुंचने के लिए लोगों से इसका पता पूछना पड़ेगा। हम लोग जब मंदिर पहुंचे, तो मंदिर में ज्यादा भीड़ नहीं थी और हम लोगों ने हनुमान जी के दर्शन किए और यहां पर आपको शिवलिंग के भी दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर बहुत ढेर सारे शिवलिंग रखे हुए हैं। यहां पर 111 शिवलिंग आपको देखने के लिए मिलेंगे। हर शिवलिंग अलग अलग है और यहां पर कुछ पंडित जी भी थे, जो यहां पर पूजा करने की तैयारी कर रहे थे, क्योंकि हम लोग शाम को यहां गए थे, तो शाम को यहां पर पूजा की तैयारी हो रही थी। आप भी यहां पर जाकर घूम सकते हैं। आपको भी यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। तो दोस्तों कैसा लगा यह वीडियो मुझे कमेंट करके जरूर बताएं और अगर आप मेरे चैनल में नए हैं तो चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले और बैल आइकन में बटन दबा दें ताकि मेरे वीडियो सबसे पहले आपको मिले औरअपना प्यार हमेशा बनाए रखें !!
🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ
संकटमोचन हनुमान जी का यह भजन "54 Fit Hanuman Temple Prayagraj || 54 फीट ऊंचे हनुमान जी का मंदिर झूसी प्रयागराज इलाहाबाद | CG RIDER - BhaktiLok" बल, बुद्धि, विद्या और भक्ति का संचार करने वाला है। कलयुग के जागृत देव श्री हनुमान जी की महिमा अपार है। इस भजन का मुख्य उद्देश्य साधक के भीतर के भय को दूर कर उसमें आत्मगौरव और निष्काम सेवा भाव जागृत करना है।
भजन की चौपाइयों और पंक्तियों में हनुमान जी की लंका दहन, संजीवनी बूटी लाना और प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन होता है। हनुमान जी की शरण में जाने पर बड़े से बड़ा संकट भी क्षण भर में समाप्त हो जाता है, यही इस भजन की मूल भावना है।
🔍 विशेष महत्त्व और लाभ
हनुमान चालीसा और सुंदरकांड की भांति ही हनुमान भजनों का विशेष धार्मिक महत्त्व है। हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन भजन के गायन से भूत-पिशाच, नकारात्मक ऊर्जा और सभी प्रकार के ऊपरी बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
वीर हनुमान जी के बल, बुद्धि और भक्ति के स्रोतों को जानने तथा संकटों के निवारण हेतु हनुमान चालीसा संग्रह को नियमित रूप से पढ़ें। हनुमान भजन से आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है, मानसिक रोग जैसे तनाव, अनिद्रा और डिप्रेशन दूर होते हैं। यह छात्रों की बुद्धि और परीक्षा में सफलता के लिए भी रामबाण है।
🕒 साधना एवं गायन विधि
हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन विशेष रूप से निर्धारित है। लाल आसन पर बैठकर, हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं और पूरे मनोयोग से इस भजन का संकीर्तन करें।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
हनुमान जी को किस दिन चमेली का तेल चढ़ाना चाहिए?
शनिवार और मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चढ़ाना अत्यंत शुभ और संकट निवारक माना गया है।
क्या हनुमान भजन परीक्षा के भय को दूर करने में सहायक है?
हाँ, हनुमान जी के भजनों और मंत्रों के संकीर्तन से मन एकाग्र होता है, भय का नाश होता है और याददाश्त बढ़ती है।
शनि दोषों की शांति के लिए हनुमान उपासना क्यों की जाती है?
हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के बंधन से मुक्त कराया था, जिसके कारण शनिदेव ने वचन दिया था कि जो हनुमान जी की भक्ति करेगा, उसे शनि जनित पीड़ा नहीं भोगनी पड़ेगी।
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